हार्ट ऑफ एशिया : पीएम मोदी ने कहा-आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी

हार्ट ऑफ एशिया : पीएम मोदी ने कहा-आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई जरूरीअमृतसर । हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन का उद्घाटन हो चुका है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ हमारा बेहद करीबी रिश्ता है। अफगानिस्तान की मदद करना हमारा मकसद है। हम अफगानिस्तान में शांति लाना चाहते है। साथ ही मोदी ने कहा कि पूरे क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिश की जा रही है। आतंकवाद को शह देने वाले लोगों की पहचान जरूरी हैै। वहीं नाम लिए बिना पाकिस्तान पर साधा निशाना। अब समय आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना जरूरी है। 

 

इससे पहले वित्तमंत्री अरूण जेटली ने सभी मेहमानों का भव्य स्वागत किया। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के बीच रविवार को अमृतसर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में बोलते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. अशरफ गनी ने सभी राष्ट्रों को उनके समर्पण व सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। हार्ट ऑफ एशिया में अशरफ गनी ने कहा कि कार्गो एयर कॉरिडोर जल्द शुरू होगा, जो अफगानों के लिए बाजार के नए रास्ते खोलेगा।

 

अशरफ गनी ने सम्मलेन के उद्घाटन के मौके पर कहा कि भारत अफगानिस्तान को बिना शर्त आर्थिक सहयोग दे रहा है और इसके लिए उन्होंने भारत का शुक्रिया अदा किया। 

 

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार,निवेश,अफगानिस्तान में भारत की तरफ किए जा रहे निर्माण और सुरक्षा को मजबूत करने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में पीएम मोदी ने गनी को भरोसा दिलाया कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की तरफ से सहयोग जारी रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को ही अमृतसर पहुंच गए थे। उनके साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी पहुंचे। इस सम्मेलन में मुख्य तौर पर बढ़ते आतंकवाद व चरमपंथ के खतरे पर चर्चा हो रही है। साथ ही अफगानिस्तान के समक्ष पेश विभिन्न चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। 

 

पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे सरताज अजीज भी शनिवार को अमृतसर पहुंचे। उन्होंने सद्भावना के तौर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को फूलों का एक गुलदस्ता भेजा है और उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। पीएम मोदी से सरताज अजीज कल रात मिले और दोनों नेताओं ने हाथ भी मिलाया लेकिन दोनो के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हुई।

यह सम्मेलन ऐसे वक्त हो रहा है, जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों के हमले में सेना के सात जवान शहीद हो गये थे। उड़ी आतंकी हमले और फिर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से न सिर्फ सेना पर आतंकी हमलों में तेजी आयी है, बल्कि पाकिस्तान की तरफ से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

भारत, चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान समेत 14 देशों के वरिष्ठ अफसर इसमें हिस्सा ले रहे हैं और 17 सहयोगी देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। करीब 40 देशों व यूरोपीय यूनियन जैसा बड़ा समूह सम्मेलन में शिरकत कर रहा है।        

साभार-khaskhabar.com

 


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