किसी भी शिक्षक के लिए स्कूल में पहले दिन छात्रों से रुबरू होना रोमांचक होने के साथ-साथ घबराहटभरा अनुभव भी होता है। यह तब और भी कठिन हो जाता है जब एक नेत्रहीन शिक्षक देखने में सक्षम छात्रों के सामने खड़ा होता है। छात्रों की प्रतिक्रिया क्या होगी? वह कैसे उनका सामना करेंगे?, कुछ आत्मविश्वास से भरे होते हैं तो कुछ घबराए हुए लेकिन वे भी तो इसी दिन की प्रतीक्षा कर रहे होते हैं। कुछ के लिए यह पल उनकी चेतना में हमेशा के लिए अमिट हो जाता है। (Read in English: Challenges Before The Visually Challenged Teachers)






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