भारतीय गणराज्य का पूर्वोत्तर क्षेत्र भौतिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। विशेष विकास प्रयासों के बाद अब इस क्षेत्र में आर्थिक विकास की गति तेज हुई है। आठवीं योजना काल से ही केंद्र सरकार विभिन्न नीतियां बनाकर विकास का नया स्वरूप तैयार कर रही है।






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