‘एलर्जन’ की पहचान ही है ‘एलर्जी’ से बचाव


एलर्जी या अतिसंवेदनशीलता आज की जीवनशैली में बहुत तेजी से बढ़ती हुई सेहत की एक बड़ी परेशानी है। कभी-कभी एलर्जी कई गंभीर परेशानियों का सबब बन जाती है।

सामान्यतया, हमारी शारीरिक रोग प्रतिरोधक शक्ति की पराग कण, धूल या भोजन इत्यादि कुछ बाहरी तत्वों के प्रति अस्वाभाविक प्रतिक्रिया को ‘एलर्जी’ कहा जाता है और जिस पदार्थ के प्रति प्रतिक्रिया दर्शाई जाती है, उसे ‘एलर्जन’ कहा जाता है। पूरी दुनिया में यह एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है।

एलर्जी किसी भी पदार्थ, मौसम के बदलाव या आनुवंशिकताजन्य हो सकती है। एलर्जी के कारणों में धूल, धुआं, मिटटी, पराग कण, पालतू या अन्य जानवरों के संपर्क में आना, सौंदर्य प्रसाधन, कीड़े या बर्र आदि के काटने या कोई विशेष खाद्य पदार्थ हो सकता है।

सामान्यतया एलर्जी नाक, आंख, श्वसन प्रणाली, त्वचा व खान पान से संबंधित होती है, किन्तु कभी-कभी पूरे शरीर में एक साथ भी हो सकती है जो कि गंभीर हो सकती है।

घर और बिस्तर में रहने वाले छोटे-छोटे कीड़े और कॉकरोच इसका एक कारण हो सकते हैं। इन कीड़ों के काटने या डंक मारने से त्वचा एकदम लाल होकर फूल जाती है। इतना ही नहीं, इसके चलते उल्टी, बुखार और चक्कर भी आ सकते हैं।

कुछ लोगों को खाने की चीजों से भी एलर्जी होती है। मूंगफली, बादाम, टमाटर, दूध, मछली, अंडा और बाजार में मिलने वाले कई नुकसानदायक रसायनयुक्त भोजन से भी एलर्जी हो सकती है। ऐसे भोज्य पदार्थ खाने के बाद जी मिचलाना, खुजली होना और दाने निकलने की समस्या हो सकती है।

रबड़ से बनी हुई चीजें भी इसका कारण हो सकती हैं। जैसे दस्ताने या कई प्रकार के मेडिकल उपकरण आदि के इस्तेमाल से नाक बहना, जलन, छींकना, खुजली और सांस की घबराहट की समस्याएं हो सकती हैं।

एक ही घर में और एक ही प्रकार के वातावरण में एक व्यक्ति को एलर्जी हो सकती है, दूसरे को नहीं।

लोग सुन्दर दिखने के लिए कई प्रकार की चीजों का इस्तेमाल करते हैं। पाउडर, शैम्पू, इत्र, खुशबू वाली मोमबत्तियां, साबुन और कई तरह के सौंदर्य उत्पाद आदि की खुशबू से जी मिचलाने, सिर दर्द और नाक की कई शिकायतें हो सकती हैं।

पालतू जानवरों से भी कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। जानवरों के बाल, रूसी, लार आदि से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

कई बार कुछ खास तरह की घास, पेड़, पौधे और फूल भी इसका कारण हो सकते हैं। फूलों के पराग कण भी समस्या का कारण बन सकते है। इनसे खुजली, लगातार छींक आना, आंखों में जलन और खुजली आदि की समस्या हो सकती है।

एलर्जी का एक मुख्य कारण बढ़ता प्रदूषण है। प्रदूषण की वजह से पेड़ों की संख्या घट रही है और एलर्जी जैसी बीमारियां जन्म ले रही हैं। यदि सही समय पर एलर्जन का पता लग जाए तो किसी भी तरह की एलर्जी से बचा जा सकता है।



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