अब भारत को यह सत्य स्वीकार कर ही लेना चाहिए कि बांग्लादेश भारत की मैत्री परिधि से बाहर निकल चुका है। आज यह देश अपने ‘शत्रु’ पाकिस्तान के कट्टरपंथियों की गोद में जाकर बैठ गया है। वहां की न्यायपालिका, पुलिस, शासन-प्रशासन, चुनाव आयोग, विश्वविद्यालयों के कुलपति व सेना आदि सभी प्रमुख विभागों में भारत विरोधी तथा पाकिस्तान के पिट्ठू जमात-ए-इस्लामी संगठन के कार्यकर्ताओं की नियुक्ति हो चुकी है।
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