मथुरा

जोधपुर । लंबे समय के इंतजार के बाद जयपुर-जोधपुर के बीच शुरू हुई हवाई यात्रा ने दोनों शहरों की दूरी को कम कर दिया है। पांच साल बाद मंगलवार से स्टेट एविएशन की इंटर कनेक्टिविटी पॉलिसी के तहत जयपुर से जोधपुर के अलावा उदयपुर के बीच सुप्रीम एयरलाइंस की नौ सीटर फ्लाइट शुरू हो गई। जयपुर व जोधपुर के बीच इससे पहले फरवरी 2011 तक किंगफिशर फ्लाइट का संचालन होता था। जोधपुर में सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत ने खुशी का इजहार किया और कहा कि अब शहर की जनता को इस हवाई यात्रा से कम समय में जयपुर जाने और आने की सुविधा मिलेगी। शेखावत ने कहा कि जोधपुर शहर के विस्तार के बाद यहां मेट्रो की सुविधाओं की जरूरतें बढ़ गई हैं और ऐसे में नई हवाई सेवा जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेगी। इसके अलावा आगामी दिनों में शहर के लिए और भी सुविधाओं में विस्तार किया जायेगा। शहर के मेयर घनश्याम ओझा ने नई हवाई सेवा शुरू करने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया है ।   कितना रहेगा फायदेमंद इंटर कनेक्टिविटी पॉलिसी के तहत इस यात्रा का किराया करीब 3,400 रुपए तक है। ये फ्लाइट जयपुर से सुबह 10:15 बजे उड़ान भरकर 11:30 बजे जोधपुर आएगी। वापसी में 11:50 बजे उड़ान भरकर दोपहर करीब 1:10 बजे जयपुर पहुंचेगी। ऑनलाइन बुकिंग तीन दिन बाद से शुरू होगी। जोधपुर एयरपोर्ट के निदेशक एसके सिंह ने बताया कि कॉमर्शियल रन 11 अक्टूबर से होगा। एयरपोर्ट पर इसका काउंटर लगाया गया है। स्टेट एविएशन विभाग के निदेशक कैप्टन केसरीसिंह का कहना है कि पैसेंजर का रुझान बढ़ा तो बड़े विमान का संचालन व किराए में राहत मिलेगी।                     साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैच की टेस्ट सीरीज जारी है। भारत ने शुरुआती दोनों टेस्ट जीतकर सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया है। तीसरा व अंतिम टेस्ट आठ अक्टूबर से इंदौर में खेला जाएगा। आईसीसी ने कोलकाता टेस्ट के बाद गेंदबाजों की रैंकिंग जारी की है। खब्बू स्पिनर रवींद्र जडेजा को एक स्थान का फायदा हुआ है और वे सातवें से छठे स्थान पर आ गए हैं। हालांकि ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को एक स्थान का नुकसान हुआ है। अश्विन दूसरे से तीसरे स्थान पर खिसक गए। हालांकि अश्विन ने कानपुर में खेले गए पहले टेस्ट में 10 विकेट चटकाए थे, लेकिन वे कोलकाता में उतने सफल नहीं रहे। टॉप 20 में इसके अलावा भारत का कोई भी गेंदबाज अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराता है। दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन अभी भी पहले स्थान पर मौजूद हैं और इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन फिर से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। जडेजा के प्रमोशन से पाकिस्तानी लेग स्पिनर यासिर शाह फिसलकर सातवें स्थान पर पहुंच गए। न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट एक स्थान के फायदे से 9वें और एक और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नील वैगनर एक स्थान के नुकसान से 10वें स्थान पर पहुंच गए। दक्षिण अफ्रीका के वर्नोन फिलेंडर टॉप 10 से बाहर होकर 11वें स्थान पर खिसक गए। न्यूजीलैंड के टिम साउदी 16वें स्थान पर हैं। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी दो स्थान के फायदे से 23वें और कोलकाता में पहली पारी में कहर बरपाने वाले भुवनेश्वर कुमार 9 स्थान के फायदे से 26वें स्थान पर पहुँच गए हैं। ईशांत शर्मा 21वें, उमेश यादव 31वें और अमित मिश्रा 35वें स्थान पर मौजूद हैं। न्यूजीलैंड के मैट हेनरी को 16 स्थान का फायदा हुआ है और वो अब 61वें स्थान पर पहुंच गए हैं। ऑलराउंडरों की रैंकिंग में अश्विन पहले स्थान पर कायम हैं। हालांकि अब उनके 430 अंक हैं। जडेजा एक स्थान के नुकसान से चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। न्यूजीलैंड का कोई भी ऑलराउंडर टॉप-10 में शामिल नहीं है।                      साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । उरी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब सेना और सरकार आतंकवाद से निपटने को लेकर काफी गंभीर है। इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान काफी बौखलाया हुआ है और लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर गोलीबारी कर रहा है। ऐसे भारत सरकार और सेना इसके लिए लंबी और कारगर योजना बनाने पर विचार कर रही है। सरकार और सेना अब आतंकवाद के स्लीपर सेल की कमर तोडऩे की तैयारी में लगी हुई है। सशस्त्र बलों ने सरकार से कहा है कि उन्हें 6 महीने तक अभियान चलाने का मौका दिया जाए, तो वह ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को ठीक-ठाक तरीके से तबाह कर सकती है।   सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लाइन ऑफ कंट्रोल के उस पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों ने सरकार से कहा है कि कभी-कभार के हमलों से आतंकवादियों की कमर नहीं टूटेगी और अगर कुछ ठोस करना है, तो मीडियम टर्म के लिए एक योजना तैयार करनी होगी। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ रणनीतिकारों ने सरकार से यह भी कहा है कि कश्मीर में मुश्किल हालातों और देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवादी हमलों की आशंका के लिए तैयार रहना होगा। आर्मी के एक उच्च अधिकारी ने कहा, ‘हमें लगातार अभियान चलाने पर गौर करना होगा। आतंकी नेटवर्क बैकफुट पर तो है, लेकिन उसे गंभीर चोट पहुंचाने के लिए हमें मीडियम टर्म योजना तैयार करनी होगी, यानी कम से कम 6 महीने तक अभियान चलाने की जरूरत होगी। इक्का-दुक्का वार करने से आतंकवादियों पर असर नहीं होगा।’ वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के सरगना भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने के लिए आने वाले हफ्तों में और आतंकवादियों को भेजने की कोशिश करेंगे।   ऐसे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीरी हिस्से में इनके और ठिकाने बन सकते हैं। सेना का मानना है कि इन ठिकानों को नष्ट करना होगा। सैन्य अधिकारियों ने सरकार के आगे साफ किया है कि नियंत्रण रेखा के पार इस तरह के हमले करने के लिए कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाने की भी जरूरत होगी। उनका कहना है कि सीमा पर चौकसी बढ़ाने के साथ ही घाटी में लोगों का भरोसा जीतना होगा। इन अधिकारियों का कहना है कि घाटी में आतंकवादियों का साथ देने वाले गुटों का हौसला कमजोर पड़ा है और उन पर कार्रवाई करने का यह अच्छा मौका है। एक टॉप सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास अभी मौका है। नियंत्रण रेखा पर हमारी पकड़ उस पार के लोगों के मुकाबले अच्छी है। हमारे पास यही मौका है कि हम ऐसा अंतर पैदा कर दें, जिससे सीमापार आतंकवाद का साथ देने वाले डर जाएं।’ भारतीय सेना और खुफिया विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि पीओके में 40 से ज्यादा आंतकी शिविर हैं। ये शिविर भीतरी इलाकों में बने हुए हैं। इनके अलावा एलओसी के पास करीब 50 लॉन्च पैड्स हैं, जिनमें 200 से ज्यादा आतंकवादी छिपे हुए हैं। इनको पाकिस्तानी सेना सुरक्षा देती है। दूसरी ओर, एलओसी आतंकियों पर हमले के बाद अब सीमा में घुसे आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का जिम्मा सरकार ने राष्ट्रीय राइल्स की विक्टर फोर्स और किलो फोर्स को दे दिया है। विक्टर फोर्स के जिम्मे अनंतनाग, पुलवामा और बडग़ाम आते हैं, जबकि किलो फोर्स के जिम्मे कुपवाड़ा, बारामुला और श्रीनगर में आतंक विरोधी कार्रवाई की कमान है। किलो फोर्स के मुख्यालय पर ही रविवार रात आतंकी हमला हुआ था। तीनों सेनाओं े प्रमुखों और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ सोमवार को एनएसए अजित डोभाल की हुई बैठक में इसी मुद्दे पर बात हुई। बाद में एनएसए अजितक डोभाल की पीएम मोदी से मुलाकात को भी इसी मुहिम से जोडक़र देखा जा रहा है। कौन होते हैं स्लीपर सेल ?  आतंकियों का वह दस्ता जो आम लोगों के बीच रहता है और आतंकियों के हैंडलर्स से आदेश मिलने के बाद हरकत में आते हैं। लंबे समय तक आम जिंदगी जीने वाले इन लोगों को सरकार के लिए पकडऩा मुश्किल होता है। किसी मॉल-दुकान में काम करने वाले, छोटे-मोटी नौकरी-बिजनेस करने वाले ये स्लीपर सेल सूचनाएं जुटाने में माहिर होते हैं। स्लीपर सेल जज्बाती होते हैं जो जान देने से भी नहीं चूकते। देश के बिगड़े माहौल में आतंकी इन्हीं स्लीपर सेल को एक्टिव करके नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।                  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक करने पर भले ही सेना ने हरी झंडी दे दी हो, पर मोदी सरकार ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की कमेटी (सीसीएस) की बैठक में यह फैसला किया गया। सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में सुरक्षा से जुड़ी नई जानकारियों पर चर्चा हुई। हालांकि सरकार ने पहले से तय कर रखा है कि सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत जारी नहीं किए जाएंगे। इसके पहले सेना की तरफ से कहा गया था कि हमले के सबूत देने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है पर सरकार का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना की ओर से दी गई जानकारी अपने आप में काफी है, अगर कोई उस पर भरोसा नहीं करना चाहता तो यह उसकी समस्या है। दूसरी ओर, भारतीय सेना के आला अधिकारियों का कहना है सेना चाहती है कि भारत इस सबूत को सबके सामने रख दे ताकि उन लोगों को जवाब मिल जाए, जो आरोप लगा रहे हैं कि हमला  न्यूज चैनल टाइम्स नाउ ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने सुरक्षा से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं। बैठक में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ आंतरिक इलाकों में हालात के बारे में जानकारी दी गई। सूत्रों के मुताबिक, डोभाल ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने 100 से ज्यादा आतंकवादियों की पहचान की है और चिंता की बात यह है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आंतकवादी अब नए लॉन्च पैड्स तैयार कर रहे हैं। इसके पहले सरकार के वरिष्ठ मंत्री वैंकैया नायडू ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत को लेकर गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे लोगों की बात का जवाब देने की सरकार को कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भारतीय को सेना की विश्वसनीयता और प्रतिबद्धता पर शक नहीं है। वहीं, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और संजय निरुपम सरकार की उपलब्धियों को पचा नहीं पा रहे हैं और इस तरह के बेतुके बयान दे रहे हैं। प्रधान ने कहा कि वे सेना की इज्जत नहीं करते, उन्हें सिर्फ पाकिस्तान के अखबारों में अपने बयान छपने की फिक्र है। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मांग की है कि मोदी सरकार पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करे। वहीं कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने हमले की सत्यता पर ही सवाल उठा दिया है।                    साभार-khaskhabar.com  

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शास्त्रों और पुराणों के अनुसार शारदीय नवरात्र अधिक महत्वपूर्ण है। प्राचीन काल में नवसंवत्सर से आरंभ होने वाला नवरात्र ही अधिक प्रचलित था। नवरात्र का अर्थ है नौ रातें। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों महालक्ष्मी, महासरस्वती तथा महाकाली सहित दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती हैं जिन्हें नवदुर्गा भी कहते हैं। नवरात्रों में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए अनेक प्रकार के उपवास, संयम, भजन, पूजन योग साधना आदि करते हैं। इस दौरान लोग अनेक नियमों का भी पालन करते हैं। ऐसा ही एक नियम है नवरात्रों के दौरान खुद को शारीरिक संबंध बनाने से दूर रखना है। नवरात्र एक ऐसा समय है जब हम देवी का आह्वान करते हैं। जिस प्रकार किसी की मृत्यु के बाद हम नियम कानून का पालन करते हैं ठीक उसी प्रकार नवरात्र में देवी को पूजते समय शास्त्रों में दिए कई नियमों को अपनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान मां देवी हमारे घर पधारती हैं। उनके स्वागत के लिए हम अपने घर में पवित्र कलश की स्थापना भी करते हैं और पूरी श्रद्धा से नौ दिन तम हम उनका आह्वान करते हैं। ऐसे में शास्त्रों के हिसाब से हमे न केवल मांस, मदिरा का त्याग करना चाहिए बल्कि नौ दिनों तक ब्रह्मचर्य का पूर्णत: पालन करना चाहिए। इस नियम के पीछे शास्त्रों में जो तर्क दिया जाता है वह यह है कि महिलाएं इस दौरान कमजोर हो जाती हैं। उनको न सिर्फ कमजोरी बल्कि चिडचिडाहट भी महसूस होती है। साथ ही साथ पैर, पेट तथा पूरे शरीर में दर्द होता है। वास्तव में यह स्थिति काफी कष्टदायक होती है। यही नहीं उन्हें इस दौरान व्रत रखने की भी मनाही है। इसके अलावा शारीरिक संबंध बनाने पर शरीर में कुछ विशेष तरह के हार्मोंस का भी निष्कर्षण होता है जिसकी वजह से नकारात्मक शक्तियां जल्दी ही अपनी चपेट में ले लेती हैं। इस अवस्था में उनके मन में निराशा घर करने लगती है तथा कई बार वे अवसाद की शिकार भी हो जाती हैं। ज्यादातर घरों में नवरात्र के समय पति-पत्नी अलग-अलग रहते हैं। एक और महत्वपूर्ण तर्क यह भी दिया जाता है कि जिस बिस्तर पर पति-पत्नी शारीरिक सम्बन्ध बनाते हैं उसी को छूकर देवी का आह्वान करना अशुद्ध माना जाता है। आप अशुद्ध मन से देवी मां की पूजा कर नहीं सकते इसलिए कम से कम उन नौ दिनों तक खुद पर नियंत्रण रखिए जिस दौरान स्वयं देवी मां हमारे घर पधारती हैं।         साभार-khaskhabar.com  

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काफी कम समय में आलिया ने बॉलीवुड में अपनी जगह बना है। लेकिन अब लगता है कि आलिया को जल्द ही रिप्लेस... करने कोई आने वाला है। जी हां आप सही सुन रहे हैं। श्रीदेवी और बोनी कपूर की बड़ी बेटी जाह्नवी कपूर एक लंबे समय से सुर्खियों में हैं और सबको उम्मीद भी थी कि वह जल्द ही फिल्मों की तरफ रुख करेंगी। अब इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी है। जाह्नवी डेब्यू करने वाली हैं। धर्मा प्रोडक्शन तले बनने वाली फिल्म शिद्दत में जाह्नवी डेब्यू करेंगी। साजिद नाडियाडवाला फिल्म के को-प्रोड्यूसर होंगे। वरुण धवन जुड़वा 2 की शूटिंग खत्म करने के बाद शिद्दत की शूटिंग शुरू करेंगे यानी 2017 में ही जाह्नवी कपूर की पहली फिल्म फ्लोर पर आ जाएगी।               साभार-khaskhabar.com  

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चेन्नई । दोपहिया व तिपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि सितंबर महीने में उसकी बिक्री में 26 फीसदी की इजाफा हुआ है।     कंपनी ने यहां एक बयान में कहा कि उसने सितंबर महीने में 287,449 दोपहिया तथा 5,808 तिपहिया वाहन बेचे। जबकि पिछले साल की समान अवधि में उसने 220,971 दोपहिया तथा 11,773 तिपहिया वाहनों की बिक्री की थी।                 साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । उरी हमले के बाद की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब सेना और सरकार आतंकवाद से निपटने को लेकर काफी गंभीर है। इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान काफी बौखलाया हुआ है और लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर गोलीबारी कर रहा है। ऐसे भारत सरकार और सेना इसके लिए लंबी और कारगर योजना बनाने पर विचार कर रही है। सरकार और सेना अब आतंकवाद के स्लीपर सेल की कमर तोडऩे की तैयारी में लगी हुई है। सशस्त्र बलों ने सरकार से कहा है कि उन्हें 6 महीने तक अभियान चलाने का मौका दिया जाए, तो वह ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को ठीक-ठाक तरीके से तबाह कर सकती है।   सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लाइन ऑफ कंट्रोल के उस पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों ने सरकार से कहा है कि कभी-कभार के हमलों से आतंकवादियों की कमर नहीं टूटेगी और अगर कुछ ठोस करना है, तो मीडियम टर्म के लिए एक योजना तैयार करनी होगी। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ रणनीतिकारों ने सरकार से यह भी कहा है कि कश्मीर में मुश्किल हालातों और देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवादी हमलों की आशंका के लिए तैयार रहना होगा। आर्मी के एक उच्च अधिकारी ने कहा, ‘हमें लगातार अभियान चलाने पर गौर करना होगा। आतंकी नेटवर्क बैकफुट पर तो है, लेकिन उसे गंभीर चोट पहुंचाने के लिए हमें मीडियम टर्म योजना तैयार करनी होगी, यानी कम से कम 6 महीने तक अभियान चलाने की जरूरत होगी। इक्का-दुक्का वार करने से आतंकवादियों पर असर नहीं होगा।’ वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के सरगना भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेने के लिए आने वाले हफ्तों में और आतंकवादियों को भेजने की कोशिश करेंगे।   ऐसे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीरी हिस्से में इनके और ठिकाने बन सकते हैं। सेना का मानना है कि इन ठिकानों को नष्ट करना होगा। सैन्य अधिकारियों ने सरकार के आगे साफ किया है कि नियंत्रण रेखा के पार इस तरह के हमले करने के लिए कश्मीर में सुरक्षा बढ़ाने की भी जरूरत होगी। उनका कहना है कि सीमा पर चौकसी बढ़ाने के साथ ही घाटी में लोगों का भरोसा जीतना होगा। इन अधिकारियों का कहना है कि घाटी में आतंकवादियों का साथ देने वाले गुटों का हौसला कमजोर पड़ा है और उन पर कार्रवाई करने का यह अच्छा मौका है। एक टॉप सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘हमारे पास अभी मौका है। नियंत्रण रेखा पर हमारी पकड़ उस पार के लोगों के मुकाबले अच्छी है। हमारे पास यही मौका है कि हम ऐसा अंतर पैदा कर दें, जिससे सीमापार आतंकवाद का साथ देने वाले डर जाएं।’ भारतीय सेना और खुफिया विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि पीओके में 40 से ज्यादा आंतकी शिविर हैं। ये शिविर भीतरी इलाकों में बने हुए हैं। इनके अलावा एलओसी के पास करीब 50 लॉन्च पैड्स हैं, जिनमें 200 से ज्यादा आतंकवादी छिपे हुए हैं। इनको पाकिस्तानी सेना सुरक्षा देती है। दूसरी ओर, एलओसी आतंकियों पर हमले के बाद अब सीमा में घुसे आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का जिम्मा सरकार ने राष्ट्रीय राइल्स की विक्टर फोर्स और किलो फोर्स को दे दिया है। विक्टर फोर्स के जिम्मे अनंतनाग, पुलवामा और बडग़ाम आते हैं, जबकि किलो फोर्स के जिम्मे कुपवाड़ा, बारामुला और श्रीनगर में आतंक विरोधी कार्रवाई की कमान है। किलो फोर्स के मुख्यालय पर ही रविवार रात आतंकी हमला हुआ था। तीनों सेनाओं े प्रमुखों और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ सोमवार को एनएसए अजित डोभाल की हुई बैठक में इसी मुद्दे पर बात हुई। बाद में एनएसए अजितक डोभाल की पीएम मोदी से मुलाकात को भी इसी मुहिम से जोडक़र देखा जा रहा है। कौन होते हैं स्लीपर सेल ?  आतंकियों का वह दस्ता जो आम लोगों के बीच रहता है और आतंकियों के हैंडलर्स से आदेश मिलने के बाद हरकत में आते हैं। लंबे समय तक आम जिंदगी जीने वाले इन लोगों को सरकार के लिए पकडऩा मुश्किल होता है। किसी मॉल-दुकान में काम करने वाले, छोटे-मोटी नौकरी-बिजनेस करने वाले ये स्लीपर सेल सूचनाएं जुटाने में माहिर होते हैं। स्लीपर सेल जज्बाती होते हैं जो जान देने से भी नहीं चूकते। देश के बिगड़े माहौल में आतंकी इन्हीं स्लीपर सेल को एक्टिव करके नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं।                  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फंसते नजर आ रहे हैं। केजरीवाल के एक वीडियो मैसेज के पाकिस्तानी मीडिया में उछलने के बाद अब सत्ताधारी भाजपा ने उन पर हमला बोल दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि केजरीवाल ने भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सबूत मांगकर भारतीय सेना का अपमान किया है। भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उनसे पूछा, ‘क्या आपको भारतीय सेना के पराक्रम पर भरोसा नहीं है? हालांकि भाजपा के इस सवाल पर आम आदमी ने भी तुरंत पलटवार किया है। रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केजरीवाल को आड़े हाथों लिया। प्रसाद ने पूछा, ‘मैं अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें देश की सेना के पराक्रम पर भरोसा नहीं है कि वह सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है? अगर भरोसा है तो वह पाकिस्तान के झूठे प्रॉपेगैंडा से क्यों प्रभावित हो रहे हैं?’ सर्जिकल सट्राइक की खबर खुद डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्प्रेंस कर दी थी। सरकार ने इस बात की जानकारी नहीं दी थी। रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘आज केजरीवाल पाकिस्तान के अखबारों के हेडलाइन में छाए हुए हैं। हमारी टिप्पणी करने का कारण है। भारत एक मुख्यमंत्री ने ऐसी बात कही है कि पाक को सवाल उठाने का मौका मिल गया है। इससे बड़ी पीड़ा और दुर्भाग्य की बात और कोई नहीं हो सकती।’ आप का पलटवा रवहीं भाजपा के वार के तुरंत बाद आप नेता आशुतोष ने ट्वीट कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान झूठ फैला कर भारत माता और भारतीय सेना का अपमान कर रहा है और भाजपा अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधकर अंक बटोर रही है।                  साभार-khaskhabar.com  

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नवरात्रि में कुछ नियमों का पालन विशेष रूप से करना चाहिए। नवरात्रि के अनुष्ठान की शक्ति तत्व जागरण अनुष्ठान कहा जाता है और नवरात्रि ही एक ऐसा पर्व है जिसमें महाकाली, महालक्ष्मी और मां सरस्वती की साधना संपन्न कर अपना जीवन सार्थक किया जा सकता है। अपने पूजा स्थान में भगवती दुर्गा, भगवती लक्ष्मी और मां सरस्वती के चित्रों की स्थापना करें और साज सज्जा फूलों आदि से करके पूजा करें। साधकों को चाहिए कि नौ दिन का व्रत करें। यदि इतना न हो सके तो प्रथम, चौथे व आठवें दिन का उपवास करें। नवरात्रि में अधिक से अधिक नवार्ण मंत्र का पाठ ‘ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै’ अवश्य करना चाहिए। नवरात्रि के दिनों में कम से कम एक बार दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य ही करना चाहिए। यदि संस्कृत में पूर्ण रूप से उच्चारण न कर सकें तो हिंदी में भी पाठ कर सकते हैं। मां दुर्गा को तुलसी दल व दूर्वा चढाना निषिद्ध है। पूजा में लाल रंग का आसन प्रयोग करना उत्तम है। लाल रंग का ऊनी आसन होना चाहिए। यदि ऐसा आसन उपलब्ध नहीं है तो एक कंबल को चार पर्त करके बिछा लें फिर उस पर लाल रंग का कोई भी कपडा डाल दें। साधना के पश्चात् आसन को प्रणाम करके लपेट कर सुरक्षित रख दें। पूजा के समय यदि संभव हो तो लाल वस्त्र पहनें। लाल रंग का तिलक भी लगाएं। इससे विशेष ऊर्जा प्राप्त होगी। प्रात:काल प्रसाद के लिए मां भगवती को शहद मिलाकर दूध अर्पित करें। पूजा के बाद इस प्रसाद को ग्रहण करें तो आत्मा व शरीर को बल प्राप्त होता है। यह अनुभूत उपाय है। नवरात्रि में नौ दिन घर में सुबह शाम मां दुर्गा के नाम की ज्योत अवश्य जलाएं। अष्टमी के दिन यज्ञ संपन्न करना चाहिए। नवरात्रि के नवें दिन सरस्वती के प्रतीक स्वरूप पुस्तकें वाद्य यंत्र, कलम आदि का पूजन करना चाहिए। नवरात्रि में वैसे तो प्रतिदिन कन्या पूजन कर सकते हैं परंतु अष्टमी व नवमी तिथियों को सभी कन्या पूजन करते हैं। कुमारी पूजन का पहला नियम यह है कि ज्ञान प्राप्ति के लिए ब्राह्मण कन्या, बल प्राप्ति के लिए क्षत्रिय कन्या, धन प्राप्ति के लिए वैश्य कन्या तथा शत्रु विजय तथा रोग मुक्ति के लिए शूद्र कन्या का पूजन करना चाहिए। यह नियम चारों वर्णों में परस्पर सद्भावना के लिए भी उपयुक्त है। स्वप्न में कार्य-सिद्धि व असिद्धि जानने के लिए-दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधि के। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वपने सर्वं प्रदर्शय॥  आरोग्य और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए - देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि में परमं सुखम्। रूपं देहि, जयं देहि यशा द्विषो जहि॥                 साभार-khaskhabar.com  

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