मथुरा

लंदन । दुनिया के नंबर दो टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे ने वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट विंबलडन के दूसरे दौर में जगह बना ली है। मरे ने लियाम बोर्डी को सीधे सेटों में मात दी। दो बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन मरे ने मुकाबला 6-2, 6-3, 6-4 से जीता। अब मरे का सामना ताईवान के लु येन सुन से होगा। मरे इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन और फ्रेंच ओपन के फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविक से हार गए थे। चौथी वरीयता प्राप्त स्विट्जरलैंड के स्टैन वावरिंका को पहले दौर में ही चार सेट तक पसीना बहाना पड़ा। वावरिंका ने अमेरिका के किशोर टेलर फ्रिट्ज पर 7-6, 6-1, 6-7, 6-4 से जीत दर्ज की। उन्हें अब पूर्व यूएस ओपन चैंपियन जुआन मार्टिन डेल पोत्रो का सामना करना है। अर्जेंटीना के पोत्रो ने फ्रांस के स्टीफन राबर्ट को 6-1, 7-5, 6-0 से हराया। पुरूष वर्ग के अन्य मैचों में फ्रांस के सातवें वरीय रिचर्ड गास्केट ने ब्रिटेन के अलजाज बेडेने को 6-3, 6-4, 6-3 से जबकि उन्हीं के देश के 12वें वरीय जो विल्फ्रेड सोंगा ने स्पेन के इनिगो करवेंटेस को 6-4, 7-6, 6-4 से हराकर अपने अभियान की शुरूआत की। सर्बिया के 25वीं वरीयता प्राप्त विक्टर ट्रोइस्की ने फ्रांस के ट्रिस्तान लेमासिन को 6-4, 6-2, 6-2 से शिकस्त दी। दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी व मौजूदा चैंपियन अमेरिका की सेरेना  विलियम्स ने रॉयल बॉक्स की अगली पंक्ति में बैठी अपनी मां की उपस्थिति में स्विट्जरलैंड की क्वालीफायर अमरा सैडिकोविच को 6-2, 6-4 से हराया। अपने सातवें विंबलडन और स्टेफी ग्राफ के रिकॉर्ड 22वें ग्रैंडस्लैम की बराबरी करने कवायद में लगी 34 वर्षीय सेरेना पहले दौर में जीत दर्ज करने के अपने रिकॉर्ड को 63 जीत तक ले गई है। महिलाओं में छठी वरीयता प्राप्त इतालवी खिलाड़ी रॉबर्टा विंसी को अमेरिका की एलिसन रिस्की के खिलाफ 6-2, 5-7, 6-3 से जीत दर्ज करने के लिए तीने सेट तक जूझना पड़ा। डोमिनिका सिबुलकोवा ने हालांकि सीधे सेटों में जीत दर्ज करके दूसरे दौर में जगह बनायई। इस 19वीं वरीय स्लोवाक ने क्रोएशिया की मिरजाना लुसिस बारोनी को 7-5, 6-3 से हराया।  साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । केबिनेट पैनल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए डिप्टी गवर्नर के तौर पर एनएस विश्वनाथन का नाम चुना है। इस वक्त इस पद पर एचआर खान हैं जिनका कार्यकाल 3 जुलाई को खत्म हो रहा है। उनके बाद इस पद पर एनएस विश्वनाथन आएंगे।   विश्वनाथन वर्तमान में आरबीआई में ऎग्जेक्यूटिव डायरेक्टर हैं। वह बैंकिंग रेगुलेशन और नॉन बैंकिंग डिपार्टमेंट देखते हैं। वर्तमान में आरबीआई में चार डिप्टी गवर्नर हैं।  साभार-khaskhabar.com  

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मथुरा(हेमन्त शर्मा): माँट में महिला की हत्या का खुलासा चार दिन पहले हुई थी हत्या. बलात्कार के बाद की थी हत्या. पुलिस ने एक हत्यारा दबोचा पहचान छिपाने की खातिर की गई हत्या.  

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बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर को फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में उनकी अदाकारी के लिए सराहा जा रहा है। फिल्म के उनके किरदार टॉमी सिंह को हर कोई पसंद कर रहा है। शाहिद पिछले कुछ वर्षों से चुन-चुनकर फिल्में कर रहे हैं। उन्हें फिल्मों में प्रयोग बहुत पसंद हैं। चॉकलेटी छवि के लिए मशहूर शाहिद ने फिल्म ‘हैदर’ में अपने पावर पैक अभिनय से सबको चौंका दिया था। इसी तरह ‘कमीने’ में भी उनका किरदार सभी को पसंद आया था। वह चुनौतीपूर्ण फिल्मों को चुनकर जोखिम उठाने से भी नहीं चूक रहे। शाहिद ने कहा, ‘‘मैं ऐसी किसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहता जो पहले हो चुकी है। मैं मुश्किल किरदार करना चाहता हूं। मैंने अधिकांश फिल्मों में अपना लुक बदलने की कोशिश की है।’’ शाहिद ने हाल में स्पेन में फरहान अख्तर के साथ इंटरनेशनल इंडियन फिल्म फेस्टिवल (आईफा) अवार्ड की मेजबानी की। शाहिद को अगले साल विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘रंगून’ में देखा जाएगा।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने उच्च क्षमता का अत्याधुनिक तारपीडो ‘वरुणास्त्र’ विकसित किया है। यह समुद्र के भीतर पानी में 40 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन की पनडुब्बी या पोत पर हमला कर उसे ध्वस्त कर देगा। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर बुधवार को इसे नौसेना को सौंपने जा रहे हैं। मिसाइल, तारपीडो का निर्माण भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने किया है। बीडीएल के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि पनडुब्बियों के अलावा इसे कमोर्ता श्रेणी जैसे जंगी पोतों में भी फिट किया जा सकता है। यह पनडुब्बी के साथ-साथ जंगी पोतों को भी ध्वस्त कर सकता है। वरुणास्त्र के निर्माण में डीआरडीओ को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओसन टेक्नोलॉजी ने भी मदद की है। हाल में बंगाल की खाड़ी में इसके सफल परीक्षण हुए हैं। लड़ाकू विमान के बाद स्वदेशी हथियारों के निर्माण की दिशा में यह देश की एक और बड़ी उपलब्धि है। डीआरडीओ की प्रयोगशाला नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी ने इसे विकसित किया है। हाल में इस तारपीडो के समुद्री परीक्षण किए गए थे, जो सफल रहे। परीक्षण के दौरान समुद्र के भीतर यह सैकड़ों किलोमीटर दूर तक मार करने में सफल रहा है। हालांकि, सरकार की तरफ से इसकी मारक क्षमता के बारे में खुलासा नहीं किया गया है। परीक्षण सफल होने के बाद इसे नौसेना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। नौसेना में इसे दिल्ली श्रेणी, कोलकाता श्रेणी, कमोर्ता श्रेणी जैसे विध्वंसक जंगी पोतों में स्थापित किया जाएगा। इसे जंगी पोतों या पनडुब्बी से ही दागा जा सकता है। डीआरडीओ के सूत्रों के अनुसार वरुणास्त्र मोटे तौर पर हैवीवेट एडवांस तारपीडो है। हालांकि, डीआरडीओ ने ताल आदि तारपीडो पहले भी बनाए हैं, पर वे लाइटवेट हैं और छोटे लक्ष्यों को भेदने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्हें हेलीकॉप्टर से भी दागा जा सकता है।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । केंद्रीय कर्मचारियों के अच्छे दिन आ गए हैं। मोदी कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मियों के वेतन-भत्तों और पेंशन में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को कुछ और बढ़त के साथ मंजूरी दे दी है। इससे केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 23.6 पर्सेंट तक इजाफा होगा। बुधवार सुबह साउथ ब्लॉक में हुई कैबिनेट की बैठक में वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने मूल वेतन में 14.27 पर्सेंट और भत्तों आदि को मिलाकर 23.6 प्रतिशत के इजाफे को मंजूरी दी है। हालांकि इसे कम बढ़ोतरी माना जा रहा है। वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होगी। यानी कर्मचारियों को 1 जनवरी से बढ़े हुए वेतन का एरियर मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन में तीन फीसदी की सालाना बढ़ोतरी को बरकरार रखा गया है। बैठक में कर्मचारियों को दिए जाने वाले अंतिम भुगतान पर फैसला करते हुए कहा गया है कि सिफारिशों को एक जनवरी, 2016 से ही लागू किया जाएगा। इससे 98.4 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा होगा, इसमें 52 लाख पेंशनभोगी भी शामिल हैं। कैबिनेट की बैठक में मोदी सरकार के कई मंत्रियों के अलावा वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। वेतन आयोग की सिफारिशें पिछले साल नवंबर में आईं थीं। इनमें मूल वेतन में 14.27 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की सिफारिश की गई थी। यह बढ़ोतरी पिछले 70 साल में आयोगों की सिफारिशों में सबसे कम बताई जा रही है। छठे वेतन आयोग ने 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। 2008 में इसे लागू करते समय तत्कालीन संप्रग सरकार ने दोगुनी बढ़ोतरी कर दी थी। आयोग की सिफारिशों में प्रस्तावित भत्तों को भी जोड़ा जाए तो सिफारिशों के अनुसार वेतन में 23.55 प्रतिशत की वृद्धि होगी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें इस साल 1 जनवरी से प्रभावी होंगी। अनुमान के मुताबिक वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से सरकार पर 1.02 लाख करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। यह राशि देश की जीडीपी के 0.7 प्रतिशत के बराबर होगा। कहा जा रहा है कि जुलाई में मिलने वाले वेतन में बढ़ा वेतन और पूरा एरियर दे दिया जाएगा।    कहा जा रहा है कि इस वेतन वृद्धि से रियल एस्टेट सेक्टर और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी उछाल आएगा। बताया जा रहा है कि आईएएस, आईपीएस और आईआरएस का पे बैंड एक जैसा किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जहां वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18,000 रुपये और अधिकतम 2,25,000 रुपये (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए 2,50,000 रुपये) की रिफारिश की थी, वहीं सचिवों की अधिकार प्राप्त इस समिति ने इसमें 18-30 फीसदी की बात कही है। यानी 18000 रुपये के स्थान पर करीब 27000 रुपये और 2,25,000 के स्थान पर 3,25,000 रुपये करने की सिफारिश की है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के आम बजट में पे-कमिशन लागू करने के लिए 70,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। यह राशि वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूर करने के लिए महज 60 फीसदी है। केंद्र सरकार ने इसी साल जनवरी में कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया के लिए समिति का गठन किया था। कमेटी की ओर से रिपोर्ट जारी किए जाने के बाद ही बुधवार को कैबिनेट ने इस पर चर्चा की। यूपीए सरकार ने फरवरी 2014 में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में इजाफे के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन किया था।     साभार-khaskhabar.com  

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