नई दिल्ली । भाजपा को अपने बयानों से असहज करने वाले राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खरी खरी क्या सुनाई, इस दिग्गज नेता ने एक ही दिन गीता के उपदेशों की शरण ले ली। सोमवार को प्रधानमंत्री ने सुब्रह्मण्यम स्वामी के तौर तरीकों को इशारों में ही ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया। हालांकि मोदी ने स्वामी का नाम नहीं लिया, लेकिन मंगलवार सुबह ही स्वामी का ट्वीट काफी कुछ कह रहा था।
स्वामी ने मंगलवार सुबह-सुबह ट्विटर पर श्रीकृष्ण के उपदेश को याद करते हुए ‘सुख दुखे...’ श्लोक का जिक्र किया है। स्वामी ने ट्विटर पर कहा, ‘दुनिया अपने सामान्य संतुलन की अवस्था में रहती है। किसी एक सिरे पर किए गए छेड़छाड़ का असर सभी तरफ होता है। ऐसी सलाह कृष्ण ने दी है: सुख दुखे...।’ दरअसल गीता उपदेश में श्रीकृष्ण ने कहा है, ‘सुख दुखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ, ततो युद्धाये युज्यस्व नैवं पापस्वाप्स्यासी।’ इसका मतलब हुआ, सुख दु:ख, लाभ नुकसान, जीत हार में अपने का सम रखकर युद्ध करो। इस तरह तुम पाप से बच सकते हो। इस बीच, मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात भी होनी है। सियासी गलियारों में कहा जा रहा है कि वित्त मंत्री जेटली इन दिनों सुब्रह्मण्यम स्वामी के जुबानी प्रहार की वजह से नाराज हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जेटली के एक विश्वस्त सहयोगी का कहना है कि स्वामी के ट्विटर पर किएगए हमलों को व्यक्तिगत राय कहकर नहीं छोड़ा जा सकता, स्वामी पार्टी के सदस्य हैं।
बता दें कि भाजपा के राज्यसभा सांसद ने लगातार पार्टी लाइन से इतर बयानबाजी कर वित्तमंत्री पर सार्वजनिक हमले किए और बाद में उन्होंने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन, आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास और आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन पर भी विवादित बयान दे चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा में स्वामी ने मौजूदा सरकार में उनकी प्रभावशाली स्थिति को समझे बिना ही हमला कर दिया है। स्वामी की पार्टी के इतर बयानबाजी के बाद प्रधानमंत्री ने सोमवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि किसी को भी पार्टी लाइन नहीं तोडऩी चाहिए। अगर कोई पब्लिसिटी के लिए बयान दे रहा है तो यह गलत है। कोई भी पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता। यही नहीं, आरबीआई चीफ का पक्ष लेते हुए पीएम ने रघुराम राजन को देशभक्त भी बताया। स्वामी ने जेटली पर परोक्ष रूप से कई बार हमला बोला है। स्वामी ने कुछ दिन पहले कहा था कि विदेश दौरे पर मंत्रियों को टाई सूट नहीं पहनना चाहिए। कोट और टाई में वे वेटर लगते हैं। इस दौरान वित्त मंत्री जेटली ही विदेश दौरे पर थे। हालांकि बाद में स्वामी ने कहा था कि वह जेटली के बारे में बात नहीं कर रहे थे। जेटली पर सीधा हमला कर फंसे सुब्रह्मण्यम स्वामी को प्रधानमंत्री ने नाम लिए बिना चेतावनी दी है। मोदी ने कहा कि फेमस होने के लिए बयान देना गलत है।
भाजपा ने दी चुप रहने की सलाह
दूसरी ओर, खबर है कि भाजपा ने सुब्रह्मण्यम स्वामी को चुप रहने की सलाह दी है। सूत्र बताते हैं कि स्वामी को व्यक्तिगत रूप से नसीहत दी गई है कि वह चुप रहें। पिछले दिनों बयानबाजी के बाद भाजपा के भीतरखाने विरोध के बाद स्वामी ने ट्वीट किया था कि अगर वह अनुशासित नहीं रहें तो खून-खराबा हो जाएगा। सुब्रह्मण्यम स्वामी पर भाजपा भी अब सख्त हो गई है। पार्टी ने उन्हें टाइट करने के लिए उन दो कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है, जहां स्वामी का भाषण होना था।
साभार-khaskhabar.com
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