मथुरा

मथुरा : नीरा राडिया एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके द्वारा खोला गया अस्पताल अब ‘लूट के अड्डे’ में बदलता जा रहा है। अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि यहां अनाप-शनाप पैसा लूटने के लिए मानवीयता की सभी सीमाएं लांघ दी गई हैं।  बीते दिन, सुबह आगरा - दिल्ली बाईपास स्थित नयति अस्पताल में शव को परिजनों के सुपुर्द किए जाने के लिए ढाई लाख रुपये के  भुगतान की मांग करने का मामला सामने आया है। इसे लेकर पीड़ित परिवार के लोगों और स्थानीय व्यक्तियों द्वारा जमकर हंगामा किया  गया। इस दौरान अस्पताल में तैनात गार्डों ने एक कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ डाला। घटनाक्रम के अनुसार, थाना हाईवे अंतर्गत भरतपुर रोड स्थित रिशी धर्मकांटा पर तेजगति से आते एक डम्फर ने बाइक पर सवार सलेमपुर  निवासी 40 वर्षीय तेजवीर सिंह को कुचल दिया। वहां मौजूद कुछ लोगों ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाए। हालत बिगड़ती देख उसे  इस अत्याधुनिक अस्पताल में लाया गया जहां उपचार के दौरान हुई लापरवाही के चलते युवक ने दम तोड़ दिया। परिवार के लोगों ने जब  डॉक्टरों से इसकी शिकायत की और शव को मांगा तो मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार करते हुए अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों ने ढाई लाख  रुपये का बिल मांगा और कहा कि जब तक पैसा नहीं मिलेगा तब तक शव को सुपुर्द नहीं किया जाएगा। इसके बाद परिवार के लोगों में  आक्रोश फैल गया और उन्होंने जमकर हंगामा काटा। नयति अस्पताल में हंगामे की खबर के बाद मौके पर एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी और इलाके की पुलिस भी पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने  बताया कि एसपी सिटी ने भी अस्पताल की इस अमानवीयता पर डॉक्टरों को जमकर लताड़ लगाई। मृतक के परिवार के लोगों का कहना था कि अगर डॉक्टर लेटलतीफी नहीं करते तो युवक की जान बच सकती थी।

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इस्लामाबाद । रमजान के पवित्र महीने में हिंदुओं की आस्था पर चोट पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि पाकिस्तानी में ‘ऊँ’ लिखे जूते बेचे जा रहे है। यह आरोपी हिन्दू काउंसिल ने लगाया है। हिंदू काउंसिल के मुताबिक हिन्दुओं के पवित्र शब्द ऊँ लिखे जूते सिंध प्रांत के टांडो आदम शहर में बेचे जा रहे हैं। पीएमएल-एन के नेता और पाकिस्तान हिन्दू काउंसिल के चीफ डॉ रमेश कुमार वांकवानी ने कहा कि पिछले तीन सालों से टांडो आदम के दुकानदार हिन्दुओं के पवित्र शब्द ऊँ लिखे जूते ईद के मौके पर बेच रहे हैं। वांकवानी ने आरोप लगाया कि ऐसी हरकत हिन्दुओं की आस्था पर चोट पहुंचाने के लिए है। उन्होंने इस तरह के जूतों की बिक्री पर तत्काल बैन लगाने की मांग की है। डॉ रमेश ने कहा कि ऊँ हिन्दुओं का पवित्र शब्द है और इसका अपमान हिन्दुओं का अपमान है। उन्होंने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सरकार से कार्रवाई करने की अपील की। डॉ रमेश ने कहा कि ऐसी हरकतों से हिन्दुओं के बीच असुरक्षा और डर के माहौल को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि टांडो आदम में यदि कोई अप्रिय वाकया होता है तो इसके लिए सिंध सरकार और लोकल प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। पीएचसी चीफ ने सिंध प्रांत में हिन्दू बच्चों की हत्या पर भी चिंता जाहिर की। रमेश ने कहा, यह कड़वा सच है कि सिंध की सरकार हिन्दुओं के साथ हो रहे अन्याय पर आंख मूंद बैठी है। अल्पसंख्यकों पर जुल्म हो रहे हैं लेकिन सरकार बिल्कुल खामोश है।  साभार-khaskhabar.com

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इस्लामाबाद । पिछले दो सालों से पाकिस्तान में नवाज शरीफ शासन की छवि एक निस्सहाय सरकार की बनी है। पनामा पेपर्स में नवाज शरीफ के नाम आने के बाद स्थिति और बिगड़ी। सर्जरी के कारण भी नवाज शरीफ अहम कामकाज से दूर हैं। इन सब वाकयों के बीच पाकिस्तानी पीएम शरीफ बुरी तरह से आलोचना की चपेट में हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान की नीतियों से नाखुश पाक सेना ने सेना मुख्यालय में पूरी नवाज कैबिनेट की मीटिंग की है। इसमें विदेश और सुरक्षा से संबंधित नीतियों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि नरेंद्र मोदी की विदेशी दौरों से पाकिस्तान परेशान है।  भारत से संबंधों में ठहराव, अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्ते, अफगानिस्तान से बढ़ते तनाव और ईरान के साथ भरोसे में आई कमी नवाज शरीफ पर भारी पड़ी है। पिछले हफ्ते रावलपिंडी की गैरिसन सिटी स्थित मिलीटरी जनरल हेडक्वॉटर में गृह मंत्री को छोडक़र पाकिस्तान की पूरी कैबिनेट रालवलपिंडी में मिलीटरी जनरल मीटिंग के लिए पहुंची थी।   मीटिंग में सेना के अफसर भी मौजूद थे। कहा जा रहा है कि मीटिंग का मकसद सरकारी फैसलों में मिलिट्री के दबदबे को दिखाना था। पूरी कैबिनेट को सेना की तरफ से आने के लिए कहा गया था। इससे साबित होता है कि पाकिस्तान में अहम फैसले सेना ले रही है न कि चुनी हुई सरकार।    सेना का प्रभुत्व साफ दिख रहा है। इस मीटिंग में देश की बाहरी सुरक्षा और सिक्यॉरिटी से जुड़ी नीति निर्माण पर बात हुई। पठानकोट हमले के बाद से भारत के साथ उसके कूटनीतिक रिश्तों में तनाव चल रहा है। परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) सदस्यता को लेकर अमेरिका भी खुले तौर पर भारते के समर्थन में है, जबकि पाक की सदस्यता को लेकर अमेरिका का कोई सकारात्मक रुख देखने को नहीं मिला। अफगानिस्तान-ईरान की तरफ से भी पाकिस्तान का टेंशन बढ़ा है। इस इलाके में भारतीय प्रधानमंत्री की सक्रियता के साथ अमेरिका और पश्चिम एशिया में बढ़ती उनकी दिलचस्पी के बीच पाकिस्तान के भीतर नवाज सरकार की विदेश नीति पर कई सवाल उठे। पाकिस्तान में कहा जाने लगा कि नवाज शरीफ की विदेश नीति फेल हो गई है। ऐसी आवाज आर्मी के भीतर से भी आने लगी है। हाल ही में नरेंद्र मोदी ने अमेरिका सहित पांच देशों की यात्रा की थी। पाकिस्तान में भारत और उसकी विदेश नीति के बढ़ते उसर को लेकर काफी चर्चा है। वहीं सेना के अफसर पाकिस्तान की विदेश नीति को विफल बता रहे हैं।  पाकिस्तान मुस्लिम लीग के दिग्गज नेताओं ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि जब नवाज शरीफ ने सत्ता संभाली थी तो वह पाकिस्तान के नीति निर्माण में आर्मी की भूमिका को कम करना चाहते थे लेकिन उन्हें हर कदम पर दवाब का सामना करना पड़ रहा है।  पीएमएल के वरिष्ठ नेता के मुताबिक, शरीफ ने हमेशा विदेश नीति में सेना की दखलअंदाजी को कम करने की कोशिश की है, लेकिन उल्टे उन पर प्रेशर बढ़ता चला गया। रावलपिंडी में सेना के साथ पाकिस्तानी कैबिनेट की मीटिंग के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि विदेश मंत्रालय को सेना खुद संभाल सकती है। सेना के बढ़ते प्रभुत्व के मद्देनजर सरकार की हो रही आलोचनाओं के बीच नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने सांसदों के समाने सफाई दी कि देश की विदेश नीति में सेना का कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा कहना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में हमने मिलिटरी से पड़ोसी भारत से कई मसलों पर कलह के कारण पर्याप्त इनपुट्स लिए हैं। इसी वजह से हमें सेना की कठपुतली बताया जा रहा है।’ विपक्षी दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सांसद अली मोहम्मद खान ने नेशनल असेंबली में कहा, ‘राजनेता जनता के प्रति जवाबदेह हैं लेकिन कोई आर्मी जनरल की सरकार में एंट्री होती है, किसी को भी सवाल पूछने का हक नहीं रह जाएगा। मैं सभी राजनेताओं से अपील करता हूं कि वे लोगों का भरोसा कायम रखें, क्योंकि उन्होंने ही हमें नीतियां बनाने के लिए चुना है। पाकिस्तान में लोकतंत्र समर्थकों का कहना है कि सेना की दखलअंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक पाकिस्तानी विश्लेषक आमिर मतीन ने कहा, ‘मिलिटरी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संपर्क करना चाहिए लेकिन विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर फैसला इस्लामाबाद में होना चाहिए न कि रावलपिंडी में।’     साभार-khaskhabar.com

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उद्यमी और इंटीरियर डिजाइनर सुजैन खान ने कहा कि एक कंपनी से अनुबंध हासिल करने के लिए खुद को एक वास्तुकार के रूप में प्रस्तुत करने का उन पर लगा इल्जाम झूठा और निरर्थक है। एक खबर में दावा किया गया था कि पणजी पुलिस ने सुपरस्टार ऋतिक रोशन की पूर्व पत्नी के खिलाफ एमजी एंटरप्राइसिज द्वारा लगाए गए 1.87 करोड़ रुपये की धोखा-धड़ी के इल्जाम के लिए मामला दर्ज किया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुजैन ने एक बयान में कहा, ‘‘यह शिकायत दुर्भावनापूर्ण और निरर्थक है और मुझे डराने और अनुबंध के उल्लंघन के कारण हुए मेरे नुकसान और बकाया राशि के लिए मेरे द्वारा शुरू की गई मध्यस्थता कार्यवाही वापस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए दर्ज कराई गई है।’’ खबरों के मुताबिक, एमजी एंटरप्राइसिस ने सितंबर 2013 में उत्तरी गोवा में तीसवाडी के सिरिदाओ में अपने ‘नायरा कॉम्पलेक्स’ के निर्माण के लिए सुजैन के साथ ‘वास्तु और डिजाइन सेवाओं के लिए’ एक लिखित अनुबंध किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सुजैन ने अनुबंध कीतय समयावधि में परियोजना पूरी नहीं की। सुजैन ने इस पर कहा कि उन्होंने एमजी एंटरप्राइसिस के साथ इस अनुबंध को समाप्त करने को चुनौती दी थी और अपनी बकाया राशि के लिए अनुबंध के तहत मध्यस्थता की मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसी शिकायतों से नहीं डरती। बल्कि ये मुझे सच के लिए खड़े होने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। शिकायत में लगाए गए आरोप झूठे और मानहानिकारक हैं और मैं कानून के तहत समुचित कार्रवाई करूंगी।’’      साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । सरकार ने दाल जमाखोरों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के कई इलाकों में केंद्र की एजेंसियां डीआरआई और आयकर विभाग ने लोकल पुलिस की मदद से जमाखारों पर छापे डाले हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अप्रैल से अबतक करीब 1.30 लाख टन दाल जब्त हो चुकी है। इससे पहले पिछले साल गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सरकार ने एक्शन लिया था, तब दाल की कीमतों में करीब 50 रुपये की गिरावट आई थी। फिलहाल सरकार की नजर दाल के इंपोर्ट पर भी है। कई इंपोर्टर्स की जांच की जा रही है। सरकार को शक है कि कुछ बड़े इंपोर्टर्स मुनाफाखोरी के लिए दाल के कारोबारियों से साठगांठ कर रहे हैं। सरकार इसकरी जांच में इंटेलीजेंस ब्यूरो की भी मदद ले रही है। आपको बता दें चना वायदा पर रोक के बाद सरकार अब पूरी तरह से दाल को लेकर गंभीर हो गई है।       साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । टीम इंडिया के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा एक बॉस्केटबॉल प्लेयर के सामने बोल्ड हो गए है। चौंकिये मत, दरअसल रविवार को इशांत ने प्रतिमा सिंह के साथ सगाई कर ली। उन्होंने प्रतिमा सिंह को एक सेरेमनी के दौरान रिंग पहनाई। दोनों जल्द ही शादी करेंगे। इशांत की मंगेतर बास्केटबॉल प्लेयर हैं। प्रतिमा मूल रूप से वाराणसी की हैं और इंडियन वुमन्स नेशनल बास्केटबॉल टीम की प्लेयर हैं। वे पांच बहनें हैं जिनमें चार या तो बास्केटबॉल इंडिया के लिए खेल चुकी हैं या खेल रही हैं। प्रशांती सिंह, दिव्या सिंह, प्रियंका सिंह, आकांक्षा सिंह और प्रतिमा। इन्हें बास्केटबॉल के खिलाड़ी सिंह सिस्टर्स के तौर पर जानते हैं। दोनों फैमिली जल्द ही शादी की तारीख तय करने वाली हैं। हालांकि, इशांत के करीबियों का कहना है कि शादी इस साल के आखिर में होगी। इशांत फिलहाल भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं।       साभार-khaskhabar.com

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