मथुरा : सुरक्षा की अनदेखी करते हुए शहर के कई नामचीन होटल कारोबारियों ने सारे नियम और कानून ताक पर रख दिए हैं। पूर्व में पुलिस विभाग द्वारा इस संबंध में जारी आदेशों की लगातार धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। व्यक्तिगत पहचान के दस्तावेज उपलब्ध कराए बिना होटलों में ग्राहकों को कमरे दिए जा रहे हैं। शहर के बीचोबीच न्यू बस स्टैंड, बाग़ बहादुर, होलीगेट, सौंख अड्डा, मसानी, गोविन्द नगर और कृष्णजन्म स्थान, जो कि ‘यलो जोन’ के रूप में जाने जाते हैं, पर भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। फर्जी पहचान पत्र देकर भी ठहरने के लिए कमरे हासिल किए जा सकते हैं। इसके चलते अभी कुछ दिन पहले एक होटल व्यसायी पर दुराचार का आरोप भी लगा था। समाजसेवी पंकज दीक्षित ने बताया कि इस तरह ऐशो-आरामगाह बने ये होटल बृज की संस्कृति को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। बृज विकास समिति के सचिव विजयकांत शर्मा ने बताया कि अगर इसे समय रहते रोका नहीं गया तो इससे बृज संस्कृति को बड़ा धक्का तो पहुंचेगा ही, साथ ही, आमजनों के लिए यह सुरक्षा की दृष्टि से भी बहुत घातक साबित हो सकता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थान के नजदीक रहने वाले स्थानीय पत्रकार जाहिद सैयद ने बताया कि इन होटलों में बिना आईडी प्रूफ के बहुत आसानी से कमरे मिल जाते हैं। आईडी प्रूफ न हो तो इसका इंतजाम भी हो जाता है। इसी प्रकार, गत 7 अप्रैल को ऐसे ही एक होटल में दिल्ली की एक महिला श्रद्धालु के साथ बलात्कार की घटना घटित हुई थी। थाना गोविन्द नगर क्षेत्र के एक होटल में उक्त महिला से बलात्कार किया गया और पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्जकर उसे जेल भी भेज दिया।
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