मथुरा

मथुरा : पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली दीनदयाल धाम में 25 मई को भारतीय जनता पार्टी की जन कल्याण पर्व रैली की तैयारियों से यहां किसी बड़े महोत्सव होने का आभास हो रहा है। स्मारक और सेवा केंद्र की छोटी-छोटी कमियों को खोजकर दुरुस्त किया जा रहा है। गांव के आसपास सालों से जमे कूड़े के ढेर गायब होने लगे हैं। महिलाओं को भविष्य में इसी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कहा जा रहा है, जिससे शताब्दी महोत्सव के दौरान फिर मेहनत नहीं करने पड़े। जेसीबी की मदद से गांव के आसपास लगे गंदगी के ढेर हटाए जा चुके हैं। केंद्र सरकार की एक साल की उपलब्धियों का बखान करने यहां आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन कल्याण रैली के आयोजन में अभी कई दिन बचे हैं लेकिन इससे पहले ही करीब पांच सौ लोगों को अस्थाई रोजगार हासिल हो गया। हैलीपेड, रैली मंच, सेवा केंद्र और स्मारक में जुटे तमाम मजदूर केवल खेती के दौरान काम करने वाले हैं। प्रधानमंत्री के आगमन के लिए चल रही तैयारियों का मुआयना बुधवार को आगरा परिक्षेत्र की डीआइजी लक्ष्मी सिंह ने अधीनस्थों के साथ किया। इस दौरान उन्होंने स्मारक समिति के मंत्री डॉ. रोशनलाल और महोत्सव समिति के महामंत्री अशोक कुमार टैंटीवाल के साथ प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर चर्चा कर कुछ सुझाव भी दिए। उनके साथ एसएसपी डॉ. राकेश सिंह और अन्य पुलिस अफसर मौजूद थे। रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर एसपीजी भी सक्रिय हो गई है। एसपीजी लखनऊ से जुड़े एक अफसर ने बुधवार को यहां की तैयारियों का जायजा लिया और प्रधानमंत्री सुरक्षा के मद्देनजर कुछ बातें समिति पदाधिकारियों को बताकर स्मारक के कुछ शीशों को काला करने को कहा। एसपीजी अफसर ने मंच और हैलीपेड का बारीकी से निरीक्षण किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मारक के पीछे वाली सड़क को करीब 14 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी के आगमन के दौरान दुरुस्त कराया गया था। इस मार्ग पर बनी नालियों के टूटने से यह सड़क अस्थायी तालाब बन चुकी थी। ग्रामीणों में इसके चलते रोष भी था। बुधवार को सड़क पर गिट्टी और मोरंग डाल दिया गया। सालों से सरकारी पटरी को फड़ वालों के हाथ बेचने वाले दुकानदार बुधवार सुबह परखम चौराहे से हटा दिए गए हैं। इस दौरान कुछ सफेदपोश राजनीतिक उल्लू सीधा करते भी दिखे। इस दौरान लोगों ने सालों बाद ही सही, लेकिन कारगर काम होने पर संतोष जताकर कहा कि चलो कुछ दिन को तो राहत मिल ही गई। रैली की तैयारियों को लेकर पिछले सप्ताह हुई भाजपा की बड़ी बैठक से अनुपस्थित होकर चर्चा का केंद्र बनी मथुरा की सांसद हेमामालिनी भी आखिरकार बुधवार को दीनदयाल धाम पहुंची। सभास्थल की तैयारियों को देखने के बाद उन्होंने स्मारक पर जाकर पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया और स्वयसेवकों से चल रहे कामों की जानकारी ली। इंतजामों को बेहतर कराने को भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष संगठन भी सक्रिय है। भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश ने बुधवार दोपहर को इंतजामों को देखा और काम पर निगाह रखे कार्यकर्ताओं से वार्ता की। इस दौरान महीपाल सिंह, नरेन्द्र पाठक, ज्ञानेन्द्र शर्मा, भीम चंद दुबे, राजदर्शन पचौरी, ब्रजमोहन गौड़, नरेन्द्र सिंघल आदि मौजूद थे।  भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त वाजपेयी भी जनसभा के आयोजन स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।

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यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास एवं यमुना रक्षक दल का प्रतिनिधि मंडल केन्द्रीय राज्य जलसंधान मंत्री सांवर लाल जाट से दिल्ली श्रम शक्ति भवन में भेंट की। बैठक में यमुना मुद्दे पर काफी गंभीर वार्ता हुई। करीब 80 मिनट तक यह महत्वपूर्ण बैठक चली। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने मंत्री जी को यमुना के वर्तमान स्थिति के विषय में विस्तार पूर्वक अवगत कराया। मंत्री जी यमुना की वर्तमान स्थिति जानकर द्रवित हो गये और उन्होने भरोसा देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार यमुना के प्रति गंभीर है, नालों का सर्वे हो गया है। गंगा के साथ-साथ यमुना का भी कार्य होगा। प्रधानमंत्री यमुना से अवगत हैं। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार शीघ्र ही यमुना के लिए कार्य करेगी। बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार सोहनलाल आचार्य, राष्ट्रीय स्चिव आर.पी. सिंह, राष्ट्रीय सचिव ठा. मुकेश सिंह, वृन्दावन नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति मौजूद थे।   

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मथुरा : नरेंद मोदी को देश की सत्ता संभाले हुए पूरा एक साल हो गया है। जाहिर है, यहां मथुरा में भी हेमामालिनी को सांसद बने एक वर्ष का समय पूरा हो गया है। देशभर में सत्ता और विपक्ष के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जनता को सालभर का खोया-पाया बता रहे हैं तो फिर क्यों न सांसद के कार्यकलापों का भी एक लेखा-जोखा कर लिया जाए। 

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मथुरा : नरेंद मोदी को देश की सत्ता संभाले हुए पूरा एक साल हो गया है। जाहिर है, यहां मथुरा में भी हेमामालिनी को सांसद बने एक वर्ष का समय पूरा हो गया है। देशभर में सत्ता और विपक्ष के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के जनता को सालभर का खोया-पाया बता रहे हैं तो फिर क्यों न सांसद के कार्यकलापों का भी एक लेखा-जोखा कर लिया जाए।  शुरुआत हेमामालिनी द्वारा गोद लिए गांव रावल से ही की जाए। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हर सांसद को एक गांव गोद लेने के आह्वान के साथ सांसद हेमामालिनी ने रावल गांव को गोद लिया। समाचारएक्सप्रेस.कॉम ने इसी गांव का दौरा करने का फैसला किया। यहां के निवासी नाहर सिंह ने बताया कि जब हेमामालिनी ने गांव को गोद लेने की बात कही तो बहुत खुशी हुई थी। लेकिन, पूरा एक साल होने को है और अभी तक गांव के अंदर एक हेंडपम्प तक नहीं लगा। शौचालय की बात कही गई थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। एक अन्य निवासी गंगा प्रसाद ने बताया कि अभी तक गांव के खरंजे भी नहीं बने हैं। शिवराम बताते हैं कि गांव में शिक्षा का अभाव है। जो बच्चे किसी तरह पढ़-लिख गए हैं उन्हें रोजगार का अभाव है। सोरन सिंह कहते हैं कि राधा रानी की जन्मस्थली होने के बावजूद गांव की मुख्य सड़क टूटी पड़ी है।  गृहणी रामवती ने बताया कि गांव का पानी खारा है। पीने का मीठा पानी काफी दूर से लाना पड़ता है। यह आश्वासन भी मिला था कि गांव की औरतें खुले में शौच नहीं करेंगी लेकिन अभी तक तो कुछ भी नहीं बदला है।  इसी गांव में रहने वाली कमलेश ने बताया कि बच्चों के लिए स्कूल तो है पर वहां कोई सुविधा नहीं है। पानी की समस्या सबसे बड़ी है। गांव से करीब एक किमी दूर तक पानी लेने जाना पड़ता है। अस्पताल की बात भी कही गई थी। यदि कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे शहर की ओर ही भागना पड़ता है। बृज बचाओ समिति के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा सांसद हेमामालिनी ने एक खांटी नेता की तरह जो लुभावने वादे किए थे उनमें से एक यह भी था कि छाता में शुगर मिल को सालभर के अंदर शुरू कर दिया जाएगा जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा लेकिन न तो मिल ही शुरू हो पाई और ना ही लोगों को रोजगार।  सड़क और पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है।  इतना ही नहीं, मौसम की मार से बर्बाद हुए किसानों का मथुरा महोत्सव के नाम पर जमकर मजाक उड़ाया गया। आयोजन से पहले मथुरा की संस्कृति को संजोने की सिर्फ बातें ही की गईं। हुआ क्या ये सब जानते हैं। मुडेसी गांव के किसान मोहन सिंह कहते हैं कि अभी तो किसानों के घरों की चिता ठंडी भी नहीं हुई थी कि इस महोत्सव द्वारा जले पर नमक छिड़का गया। किसानों का बड़ा नुकसान हुआ है। जनपद में रोज एक से दो किसानों का मरना जारी रहा है। उसके बावजूद सांसद द्वारा आयोजित किए गए महोत्सव से क्या हासिल हो पाया, यह समझ से परे है।  गोकुल क्षेत्र के एक पुजारी पंकज दीक्षित ने बताया कि मथुरा महोत्सव कार्यक्रम द्वारा बृज की संस्कृति के साथ जो खिलवाड़ किया गया है उसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। दीक्षित कहते हैं कि ब्रज को मथुरा महोत्सव के द्वारा पहचान दिलाने की जरूरत नहीं है।   सामाजिक कार्यकर्ता विजय कान्त कटारा बताते हैं कि सांसद हेमामालिनी ने वादे तो कई किए पर उनपर अमल किया जाना अभी बाकी है। अभी हालतक यमुना नदी को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए भी कोई योजना सामने नहीं आई है। महोली रोड व्यवसायी समिति अध्यक्ष अनिल सारस्वत ने बताया की महोली रोड पर सड़क न बनने से व्यापारी काफी त्रस्त हैं। कई बार अधिकारियों और जन प्रतिनीधियों को अवगत कराया गया है पर किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। हालांकि, सारस्वत यह भी कहते हैं कि अभी एक साल में ही परिणाम हासिल नहीं हो सकते। वह बताते हैं कि कुछ गांवों में कई छोटे-बड़े कामों की शुरुआत की गई है। सांसद द्वारा सोंख कस्बे में आरओ प्लांट लगवाया गया है। एक डांस स्कूल के खोले जाने की भी चर्चा है। महोली रोड निवासी और पेशे से चिकित्सक डॉ. उपेंद्र पांडे बताते हैं कि आने-जाने में पिछले कई सालों से काफी परेशानी हो रही है। आए दिन कोई न कोई घटना होती रहती है। इस सिलसिले में कई बार जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है।  एडवोकेट उमा शंकर ने बताया कि आए दिन यहां कोई न कोई हादसा होता ही रहता है। बच्चों के रिक्शे और टेम्पो पलटते रहते हैं। महोली रोड की गिनती शहर की मुख्य सड़कों में होती है लेकिन इसके हालात किसी गांव से भी बदतर हैं। जूस विक्रेता पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि दुकानदारी चौपट पड़ी है। सड़क से उड़ने वाली धूल सीधे फलों पर गिरती है। ऐसे में लोग दुकान पर कम ही आते हैं। दिनभर पानी के छींटे छिड़कने पड़ते हैं। (सभी फोटो : रईस कुरैशी और जाहिद सईद)

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भारतीय वायुसेना के लड़ाकू जेट विमानों के लिए रनवे के रूप में मौजूदा सड़कों के उपयोग का परीक्षण  मथुरा। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू जेट विमानों के लिए रनवे के रूप में मौजूदा सड़कों के उपयोग का परीक्षण करने के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने गुरुवार की सुबह दिल्ली से आगरा के मध्य उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ किलोमीटर की दूरी के लिये सीमावर्ती विमानों में से एक को उतारा गया। मध्य भारत में भारतीय वायुसेना के क्षेत्र से उडा़न भरने के बाद भारतीय वायु सेना के मिराज-2000, को कुछ सेकंड के लिए एक्सप्रेस वे पर नीचे उतारा गया। इस के हजारों दर्शक गवाह बने और हैरान रह गये कि सड़क पर भी लड़ाकू विमान उतर सकता है दर्शकों बीच से विमान फिर से सैकड़ों मील की दूर ले गया यह सब देख कर  सभी हैरान रह गये। भारतीय वायु सेना के विमान को आपात स्थितियों में राजमार्गों पर उतारा जा सकता है या नही से इसे देखने के लिए जहां पिछले कुछ दिनों इसकी पूरी तैयारी की जा रही थी इस अभ्यास के एक यमुना एक्सप्रेस वे को चुना गया। सूत्रों के हवाले से माना जा रहा है कि भारतीय वायु सेना आपात स्थितियों के दौरान एक्सप्रेस वे को बंद कर या उसका उपयोग कर सकती है। इस प्रकार के बदलाव के लिये हवाई यातायात नियंत्रण, सुरक्षा सेवाओं, बचाव वाहनों, पक्षी निकासी दलों और अन्य आवश्यकताओं की तरह सभी सुविधाएं एयर फोर्स स्टेशन आगरा से भारतीय वायु सेना के कर्मियों द्वारा परिक्षण किया गया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये और सुनिश्चित करने के लिए कि भारतीय वायु सेना ऐसी सड़कों का किस प्रकार से उपयोग कर सकती है। इस अभ्यास के लिये आगरा और मथुरा के पुलिस जिला मजिस्ट्रेट और अधीक्षक के साथ समन्वय किया। विमान के उतरने के दौरान राजमार्ग को कुछ समय के लिये बंद कर दिया गया था। उतरने से पहले 100 मीटर नीचे की ओर ऊंचाई तक आने के दौरान दोनों तरफ के रास्ते को साफ करा दिया गया था।, भारतीय वायु सेना ने राजमार्ग पर एक अभ्यास का कार्यक्रम बनाया गया था।  

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फरह, ब्यूरोः अंत्योदय के उपासक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली दीनदयाल धाम में 25 मई को भारतीय जनता पार्टी की जन कल्याण पर्व रैली को लेकर समूचे क्षेत्र में उत्साह जैसा माहौल रच गया है। स्मारक और गांव में चल रही तैयारियों से तो यहां किसी बड़े  महोत्सव होने का आभास हो रहा है। गांव के बुजुर्ग आने वाले अतिथियों के सम्मान को हो रही तैयारियों और साफ-सफाई की खुद तपती दोपहरी में देखभाल में जुटे हैं।  एकात्ममानवाद के पुरोधा के जन्मस्थान आ रहे प्रधानमंत्री और अन्य अतिथियों को गांव संस्कार के माहौल से परिपूर्ण दिखे, बुजुर्ग भी तैयारियों से जुड़ गए है। स्मारक और सेवा केंद्र की छोटी-छोटी कमियों को खोजकर दुरुस्त किया जा रहा है। गांव के आसपास सालों से जमे कूड़े के ढेर गायब होने लगे हैं। महिलाओं को भविष्य में इसी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कहा जा रहा है, जिससे शताब्दी महोत्सव के दौरान फिर मेहनत नहीं करने पड़े। शाम को गांव में बैठकर अगले दिन की योजना बनाकर उसे साकार करवाया जा रहा है। जेसीबी की मदद से गांव के आसपास लगे गंदगी के ढेर हटाए जा चुके है। 

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