मथुरा

नई दिल्ली । नोटबंदी के मुद्दे पर संसद में विपक्षी एकता ने सत्तारूढ भाजपा को परेशानी में ला दिया है। 18 नवंबर को शीतकालीन शुरू होने के दिन से ही इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों का कामकाज हंगामे के भेंट चढ चुका है। कुछ विपक्षी दलों में नोटबंदी के मसले पर अंतर्विरोध के बावजूद सरकार इस एकता में सेंध नहीं लगा सकी है। सरकार खास तौर से राज्यसभा को लेकर परेशान है, जहां उसके पास पर्याप्त बहुमत नहीं है। गौरतलब है कि नोटबंदी के मुद्दे पर सभी विपक्षी दल एकसाथ हैं। पिछले 8 दिनों से संसद में भी विपक्षी दलों ने सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने दिया है। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू होती है तो विपक्ष एकजुट होकर हंगामा करना शुरू कर देता है।    लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल भी है लेकिन इसके बावजूद विपक्ष के एकजुट होने से कार्यवाही चल नहीं पाती। वहीं विपक्ष के एकजुट होने से सरकार अभी नोटबंदी के मसले पर कोई फायदा नहीं ले पाई है। वहीं सरकार का साथ देने वाली पार्टी एआईएडीएमके भी इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के साथ दिख रही है।    गौरतलब है कि एआईएडीएमके ने कई मौकों पर सरकार का साथ दिया है। लेकिन नोटबंदी के मुद्दे पर अब एआईएडीएमके विपक्ष कांग्रेस के साथ नजर आ रही है। संसद और संसद के बाहर कांग्रेस और एआईएडीएमके एकसाथ हैं।इससे सरकार की मुश्किलें और बढ गई हैं। नोटबंदी के मुद्दे पर 13 विपक्षी पार्टियां और उनके 200 सांसद एकजुट होकर सरकार के खिलाफ खडे हैं। नोटबंदी के मुद्दे पर शिवसेना भी विपक्षी दलों के साथ है।    वहीं बीजेडी पार्टी जो कभी विपक्ष के साथ नजर नहीं आई थीं, वह भी इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ नजर आ रही है। वहीं टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने सरकार को नोटबंदी का फैसला वापस लेना का अल्टीमेटम तक दे दिया है। इन विपक्षी दलों की एकजुटता से सरकार काफी परेशान हो रही है।        साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । ब्लैक मनी के नाम पर नोटबंदी का घाव दे चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अब अगला निशाना बेनाम संपत्तियां हो सकती हैं। इस ओर वह इशारा भी कर चुके हैं कि उनका अगला निशाना बेनामी संपत्ति पर होगा। बेनामी सौदों को लेकर बने कानून में किया गया संशोधित कानून 1 नवबंर से प्रभाव में आ चुका है। नए कानून में बेनाम सौदों को बेनामी संपत्ति करार दिया गया है। नए सख्त कानून से घबराए लोग प्रॉपर्टी जब्त होने से बचाने के लिए विधि फर्मों से राय-मशविरा करना शुरू कर दिया है। हालांकि किसी तरह की जांच के डर से वे वकीलों से सीधे बात भी नहीं कर ‘बेनामी’ ही बात कर रहे हैं। इकॉनॉमिक टाइम्स को वरिष्ठ वकील परिमल श्रॉफ ने बताया, ‘ब्लैक मनी पर कार्रवाई के बाद लोगों में डर बैठ गया है कि अब अगला निशाना बेनामी संपत्ति पर होगा। लोग पूछ रहे हैं कि नए कानून के तहत सरकार किस हद तक एक्शन ले सकती है। लोग पूछ रहे हैं कि कैसे नए कानून में प्रॉपर्टी जब्त होने से बचाई जा सकती है।’ बेंगलुरु की विधि फर्म के वरिष्ठ सदस्य ने के मुताबिक, ‘मुझे बेनामी कॉल्स आ रही हैं। प्रॉपर्टी जब्त होने के डर से क्लाइंट असली पहचान भी नहीं बता रहा है।’सरकार ने अगस्त 2016 में बेनामी सौदा निषेध कानून को पारित किया था। इसके प्रभाव में आने के बाद मौजूदा बेनामी सौदे (निषेध) कानून 1988 का नाम बदलकर बेनामी संपत्ति कानून 1988 कर दिया गया है। संशोधनों के बाद सरकार को दूसरे के नाम से खरीदी गई प्रॉपर्टी को जब्त कर का अधिकार मिल गया है। लोग वकीलों से इस बारे में पूछताछ कर रहे हैं लेकिन जांच से बचने के लिए वह दोस्तों या अन्य लोगों के नाम का सहारा ले रहे हैं। क्या है बेनामी संपत्ति? यह नाम से साफ है कि बेनामी का अर्थ ऐसी संपत्ति, जो असली खरीददार के नाम पर नहीं है। कर अपवंचना और संपत्ति छुपाने के उद्देश्य से लोग अपने नाम से प्रॉपर्टी नहीं खरीदकर किसी ऐसे अन्य नाम से खरीद लेते हैं, जिनका उससे कोई संबंध तक नहीं होता। जिस व्यक्ति के नाम से यह खरीदी जाती है उसे बेनामदार कहते हैं और संपत्ति बेनामी कहलाती है। बेनामी संपत्ति चल या अचल दोनों हो सकती है। अधिकतर ऐसे लोग बेनामी संपत्ति खरीदते हैं जिनकी आमदनी का स्रोत संपत्ति से ज्यादा होता है।यह है सजा का प्रावधान ऐसे मामले पाए जाने पर अधिकतम सात साल की सजा और संपत्ति के बाजार कीमत के 25 फीसदी तक जुर्माना हो सकता है। जानबूझकर गलत जानकारी देने पर कम से कम छह महीने की सजा का प्रावधान है। अधिकतम पांच साल की सजा और संपत्ति के बाजार मूल्य का 10 फीसदी तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।         साभार-khaskhabar.com

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बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी इन दिनों डांसिंग के गुर सीख रहे हैं। आपने अब तक उनकी बेहतरीन एक्टिंग देखी हैं लेकिन अब आपको उनको जल्द ही बेहतरीन डांस करते हुए देखेंगे। टाइगर इन दिनों नवाज को डांस और कोरियोग्राफी में मदद करते नजर आ रहे हैं। मुन्ना माइकल में टाइगर के साथ नवाज और निधि अग्रवाल नजर आएंगे। नवाज ने कहा, टाइगर बहुत ही बढ़िया डांसर है, मैं थोड़ा-थोड़ा करके सीख रहा हूं। डांस के बारे में मेरे मन में हमेशा से एक ब्लॉक रहा है इसि‍लिए मेरे शरीर को इसकी आदत नहीं है। टाइगर की बात करूं तो वह बहुत ही शांत दिमाग के हैं, हम दोनों की बॉन्डिंग भी अच्छी है और उनकी एक बात भी अच्छी है कि वह अपने काम से काम रखते हैं। वह उन सबसे अच्छे अभिनेताओं में से एक है जिनके साथ मैंने काम किया है। वैसे नवाज इससे पहले भी कई फिल्मों में डांस करते नजर आए है। इरॉस इंटरनेशनल और विक्की रजानी द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और निधि अग्रवाल अहम किरदार में नजर आएंगे। यह फिल्म 7 जुलाई 2017 को रिलीज होगी। इस फिल्म को साबिर खान डायरेक्ट कर रहे हैं जिन्होंने इससे पहले टाइगर के साथ हीरोपंथी और बागी फिल्में डायरेक्ट की थी। हीरोपंथी से टाइगर ने बॉलीवुड में बतौर एक्टर डेब्यू किया था।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । भारत ने विशाखापत्तनम में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 246 रन से हराकर पांच मैच की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। राजकोट में खेला गया पहला टेस्ट ड्रा रहा था। दूसरे टेस्ट में जीत के बाद हर ओर विराट कोहली की कप्तानी की तारीफ हो रही है, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन की नजर में कोहली अब भी अपरिपक्व ही हैं।   हुसैन ने मैच के बाद मीडिया से कहा कि कोहली चतुराई और रणनीति बनाने के मामले में अभी अपरिपक्व हैं। मेरी नजर में यह कोहली के लिए काफी खराब दिन था। एक कप्तान के रूप में आपको शुरुआत से ही सभी तरीके नहीं अपनाने चाहिए। कोहली ने बल्ले से टीम के सामने एक उदाहरण पेश किया।   बेशक वे खेल के प्रति जुनूनी हैं लेकिन चतुराई के मामले में अभी काफी अपरिपक्व हैं। 48 वर्षीय हुसैन ने वर्ष 1989 से 2004 के बीच इंग्लैंड की ओर से 96 टेस्ट में 37.18 के औसत से 5764 और 88 वनडे में 30.28 के औसत से 2332 रन बनाए थे।  मोहाली। पूर्व भारतीय कोच डनकन फ्लेचर ने विराट कोहली को दुनिया के सबसे फिट खिलाडिय़ों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। कोहली ने वर्ष 2012 में आईपीएल में साधारण प्रदर्शन के बाद फिटनेस को गंभीरता से लेना शुरू किया और अपनी खान-पान की आदतों को पूरी तरह बदलते हुए शरीर को खेल के तीनों फॉर्मेट में खेलने के बोझ को झेलने लायक बनाया। इस दौरान फ्लेचर के साथ महत्वपूर्ण बातचीत से उन्हें काफी मदद मिली। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत के बाद कोहली ने कहा कि फ्लेचर ने एक बार मुझे कहा कि उन्हें लगता है कि पेशेवर खेलों में क्रिकेट सबसे गैरपेशेवर खेल है। उन्होंने कहा कि आपके पास कौशल हो सकता है लेकिन नहीं लगता कि आपको एक टेनिस खिलाड़ी जितनी ट्रेनिंग की जरूरत है। लेकिन मैंने महसूस किया कि अगर आपको तीनों प्रारूपों में खेलते हुए शीर्ष पर रहता है तो आपको नियमित कार्यक्रम की जरूरत है। कोहली ने कहा कि आपकी ट्रेनिंग, खाने के तरीके, स्वस्थ रहने और फिट बनने का एक तय पैटर्न होना चाहिए। फिट होने से मैं मानसिक रूप से मजबूत हुआ। होबार्ट। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर शेन वार्न व माइकल स्लेटर और इंग्लैंड के केविन पीटरसन पर मंगलवार को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 300 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ये तीनों स्टार खिलाड़ी गाड़ी में सवार होने के दौरान सीट बेल्ट नहीं लगाए हुए थे। वार्न ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें तीनों को एक कार में सवार दिखाया गया है। चार मिनट के इस वीडियो में तीनों ने सीट बेल्ट नहीं लगाए थे। यह वीडियो यहां ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन के खेल के बाद फिल्माया गया था। इन तीनों को हालांकि वीडियो फुटेज के अंत में सीट बेल्ट लगाते दिखाया गया है।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । नोटबंदी को लेकर शीतकालीन सत्र शुरू होने के दिन से ही जारी हंगामे में पीएम नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को संसद से बाहर एक कार्यक्रम में किए गए हमले से विपक्ष और भडक़ गया और पीएम से माफी की मांग करते हुए जमकर हंगामा बरपाया। शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को लेकर भारी हंगामा किया जिसमें उन्होंने कहा था कि नोटबंदी का विरोध करने वालों की पीड़ा यह है कि उन्हें तैयारी का मौका नहीं मिला। विपक्ष ने मोदी के इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी होगी। सदन में ‘प्रधानमंत्री माफी मांगो’ के नारे भी लगाए गए। हंगामे के चलते कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।   संसद के शीतकालीन सत्र के 8वें दिन 11 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्यों ने पीएम को सदन में बुलाने की मांग के साथ हंगामा शुरू कर दिया। सदन में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पुस्तक के विमोचन समारोह में पीएम मोदी ने जो भाषण किया, उस पर उन्हें माफी मांगनी चाहिए। आजाद ने कहा, ‘उन्होंने जिस तरह से आरोप लगाया है कि विरोधी पार्टियां ब्लैक मनी के फेवर में हैं, यह पूरे सदन का अपमान है। प्रधानमंत्री जी किस तरह से यह आरोप लगा सकते हैं।’ कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग विपक्ष पर संसद को डिरेल करने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन सरकार ने तो देश को ही डिरेल कर दिया है। आजाद ने कहा कि पीएम मौजूद रहेंगे, तभी बहस होगी। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की नीयत ठीक है, तो वह संसद से भाग क्यों रहे हैं। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री सदन के अंदर नहीं बोल रहे, पर सदन के बाहर बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर 72 घंटे दे दिए जाते तो विरोध नहीं करते, उन्होंने कहा कि हम लोग काले धन का समर्थन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। पीएम मोदी ने संविधान दिवस के मौके पर आयोजित इस समारोह में कहा था कि विपक्ष को हमारी तैयारियों से दिक्कत नहीं है बल्कि नोटबंदी के ऐलान ने उन्हें तैयारी करने का मौका नहीं दिया इसलिए भडक़े हैं वो। विपक्ष के नेताओं ने सदन में ‘प्रधानमंत्री माफी मांगो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। जजयू नेता शरद यादव ने कहा कि मोदी ने विपक्ष को काले धन का संरक्षक बताया है, यह बहुत शर्मनाक और गंभीर आरोप है। सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि सारे विपक्ष को काले धन वाला बता दिया, इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। वहीं तृणमूल कांग्रेस के सासंद डेरेक ओब्रायन ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस बयान को लेकर माफी मांगनी ही होगी। हंगामे के बाद राज्यसभा दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।इससे पहले शुक्रवार सुबह संसद भवन में नोटबंदी को लेकर सरकार पर हमलावर रुख इख्तियार कर रहे विपक्ष ने आगे की रणनीति बनाने के लिए बैठक की थी। बता दें कि नोटबंदी को लेकर विपक्ष सदन में कई दिनों से हंगामा कर रहा है। विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री चर्चा के दौरान पूरे समय तक सदन में मौजूद रहें। वहीं सरकार कह रही है कि काले धन पर कार्रवाई से तकलीफ सिर्फ विपक्ष को है, वह चर्चा नहीं चाहता। शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री ने विपक्ष के इसी विरोध के संदर्भ में कहा कि काले धन पर कार्रवाई की आलोचना वही लोग कर रहे हैं जिन्हें तैयारी का मौका नहीं मिला।   साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । शुक्रवार को जैसे ही संसद की कार्रवाई शुरू हुई सदन में पीएम मोदी के बयान को लेकर भडक़े विपक्ष ने जोरदार हंगामाा किया। और पीएम मोदी से सदन में आकर माफी की मांग पर विपक्ष अड़ा रहा। दरअसल पीएम ने कहा था कि नोटबंदी का विरोध करने वालों की पीड़ा यह है कि उन्हें तैयारी का मौका नहीं मिला। सदन में `प्रधानमंत्री माफी मांगो के नारे भी लगाए गए। हंगामें के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को 2.30 बजे तक स्थगित करनी पडी।    राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने पीएम मोदी के बयान को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। विपक्ष ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी को भ्रष्ट्राचारी बता दिया, इस पर पीएम को माफी मांगनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के गुलाब नबी आजाद ने कहा कि सत्ता पक्ष के लोग विपक्ष पर संसद को डिरेल करने का आरोप लगा रहे हैं लेकिन सरकार ने तो देश को ही डिरेल कर दिया। सभी दलों का कहना है कि नोटबंदी से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है. पीएम को इस पर कोई फैसला लेना चाहिए। साथ ही विपक्षी सदस्यों ने पीएम को बुलाने की मांग के साथ फिर हंगामा किया। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की नीयत ठीक है तो वे संसद से भाग क्यो रहे हैं।    साभार-khaskhabar.com  

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