मथुरा

बाबा जयगुरूदेव के वार्षिक सत्संग मेले के तीसरे दिन अनुयाईयों को धार्मिक प्रवचन देते सतीश चन्द्र जी मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम में वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला के तीसरे दिन उपेदशक सतीश चन्द्र जी ने श्रद्धालुओं को बताया कि सन्तों का अड्डा सत्संग होता है। उसी में पढ़ाया जाता है, साधना करायी जाती है। जो प्राणी सन्त महात्माओं के शब्दों को माला की तरह फेरते रहते हैं वही इस संसार से छुटकारा पाते हैं। सन्त छुटकारे की युक्ति बतलाते हैं और मन को इन्द्रियों के भोग विलास से छुड़ा देते हैं। ब्रह्माण्ड देश से आवाजें आती हैं, वह अपने आप होती है। इन्द्री भोग और बाहरी चीजों से वैराग्य पैदा करती हैं और जीवात्मा के कान से सुना जा सकता है। बायें कान की तरफ आ रही आवाज काल देश की होती है और दायें तरफ की आवाज दयाल देश की होती है। साधक का ख्याल जब नीचे से सिमटकर दसवीं गली में पहुंचता है तो वहाँ आवाजें सुनाई देती हैं। उनमें से गुरु द्वारा बताये हुये शब्द को छाँटना होता है और छाँटकर उसमें लय होना होता है फिर और आवाजें बन्द हो जायेंगी। तभी अपनी मंजिल को प्राप्त कर सकेंगे। फिर आगे चलकर दोनों तरफ की आवाजें एक हो जाती हैं। उपदेशक डा0 करुणाकान्त जी ने बताया कि एक बार बाबा जी ने अपने सत्संग में कहा था कि आपको सच्चा साथी चाहिये जैसे गोपियों को कृष्ण भगवान मिलें। कृष्ण भगवान के आने के पहले आदमियों का बहुमत था। लेकिन उनके समय जब गोपिकाओं यानि स्त्रियों ने उनसे प्रेम किया तो स्त्रियों का बहुमत हो गया। कृष्ण ने कहा था कि ऐ गोपिकाओं! तुम ऐसा क्यों समझती हो कि मैं तुमसे दूर हूँ? मैं द्वारिका या मथुरा में नहीं बल्कि तुम्हारे साथ रहता हूँ। जब कभी भी वक्त जरूरत पड़े तो हमको पुकारना मैं तुम्हारा साथी बनूंगा। जब गोपिकायें आंख बंद करके खड़ी हो गयीं और तब कहती हैं कि हमें कृष्ण दिखाई दे रहे हैं, वे हमारे सामने खड़े हुये हंै। किन्तु जितने मस्खरे थे, वह कहते थे कि तुम क्या कर रही हो। लेकिन यह तो हम जानते नहीं और उनकी क्या महिमा किया जाय। इसी प्रकार बाबा जयगुरुदेव जी ने भी लोगों से कहा करते थे कि अगर तुम्हारे काम कोई न आवे तो तुम यह कह कर देखना कि फला जगह हम गये थे और आपका दर्शन किये थे अब हमारा कोई साथी नहीं है। तो हे जय गुरुदेव जी आप मेरी मदद करो। आपकी पूरी मदद होगी। उन्होंने आगे कहा कि शरीर का हृदय सीने में है जो खून को संचारित करता है और जीवात्मा का हृदय दोनों आंखों के मध्य भाग में है। वहीं गुरु का स्थान है। सेवा का स्थान बहुत बड़ा है। सेवा ही सर्वगुणों की खान है। परिवार और समाज में भी सेवा के द्वारा सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है और जीवन को सुखमय तरीके से जिया जा सकता है।  

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बन्दूक की बटों से सिपाही का सिर फोड़ कर पर्स, मोबाइल व बाइक लूटी गोवर्धन। सूबे की सत्तारूढ़ सपा सरकार के शासन में व्याप्त खुली गुण्डा गर्दी के शिकार सिर्फ आम आदमी ही नहीं है बल्कि बीती रात थाना क्षेत्र में अज्ञात लुटेरों ने एक पुलिसकर्मी को भी अपना शिकार बना डाला। 3 सशस्त्र बदमाशों ने उसे बन्दूकों की बटों से मार मार कर घायल कर दिया और उसकी बाइक, पर्स, मोबाइल आदि छीन ले गये। न तो बदमाशों ने ही खाकी का खयाल किया और न ही अपबीती लेकर थाने पहुंचे उस सिपाही की पुलिस ने ही कोई मदद की बल्कि थाना पुलिस ने अपने कर्तव्य की इतिश्री करते हुए सिर्फ अज्ञात चोरों के खिलाफ उसका मोबाइल व उसकी मोटर साईकिल चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। क्षेत्र में पुलिसकर्मी से लूट की घटना के बारे में पूछने पर थाना प्रभारी को इसकी भनक तक नहीं थी। वहीं मामले को दबाने के प्रयास में थाने मंे सिपाही की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गयी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाना गोवर्धन में तैनात सुनील यादव नामक सिपाही अपनी ड्यूटी पूरी कर रात्रि करीब 8ः30 बजे मथुरा अपने घर लौट रहा था। वह मथुरा जाने के लिये अपने एक साथी विमलेश की बाइक मांग लाया था। रास्ते में मथुरा रोड पर ही जचैंदा चैराहे से आगे और बिड़ला स्कूल से पहले थाना क्षेत्र की अड़ींग पुलिस चैकी के अन्तर्गत रास्ते में खड़े तीन पल्सर बाइक सवार तीन अज्ञात सशस्त्र बदमाशों ने बन्दूकों के बल पर उसे जबरन रोक लिया। बदमाशों ने पहले तो सिपाही सुनील यादव को जमकर मारापीटा और बन्दूक की बट से उसके सिर पर गम्भीर प्रहार कर उसकी डिस्कवर बाइक, पर्स और उसका मोबाइल फोन लूट कर फरार हो गये। किसी तरह वापिस गोवर्धन पहुंचे सिपाही ने पहले तो थाना प्रभारी राजा सिंह को इसकी सूचना दी और फिर एक निजी चिकित्सक से अपनी मल्लम पटटी करवा कर लिखित तहरीर थाना प्रभारी राजा सिंह को दी। लेकिन पुलिसकर्मी के साथ हुई लूट के इस संगीन मामले को दबाने के लिये थाने में उसकी लूट की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गयी बल्कि उससे तहरीर लिखवाकर अज्ञात चोरों द्वारा उसकी मोटर साईकिल और उसका मोबाइल चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कर दी। वहीं इसम मामले में सबसे खास बाता तो ये है कि इस घटना की सूचना पर न तो थाना प्रभारी ने कोई काॅम्बिंग ही करायी और न ही बदमाशो को पकड़ने के लिये ही पुलिस ने कोई प्रयास किये। पुलिसकर्मी के साथ हुई इस घटना के बाद विभागीय रवैये को लेकर थाना पुलिस के सिपाहियों में भारी रोष व्याप्त था।  थाना प्रभारी राजा सिंह का कहना थाना प्रभारी राजा सिंह से जब इस घटना के बारे में पूछा गया कि तो उन्होेने बताया कि थाना ़क्षेत्र हाईवे के अन्तर्गत गांव    में ये कई सिपाही किसी शादी में शामिल होने गये थे और वहां किसी लड़की की छेड़छाड़ को लेकर ग्रामीणों ने मिलकर इन्हें मारपीटा कर भगा दिया है साथ ही ग्रामीणों ने इनकी बाइक को भी छीन लिया है। इसी मारपीट में सिपाही सुनील यादव के सिर में चोटें आयी है और वो किसी चिकित्सक से सिर की चोट में 6 टांके लगवा और मल्लम पटटी करा कर थाने आया और बाइक चोरी की तहरीर दे रहा है।  गोकुल बैराज प्रकरण की चर्चा ताजा हुई सिपाहियों में  थाना गोवर्धन में पुलिसकर्मी के साथ हुई लूट के मामले में थाना प्रभारी द्वारा बरते गये उदासीन रवैये को लेकर सिपाहियों में विगत दिनों गोकुल बैराज पर घटित हुए घटनाक्रम की यादें ताजा हो गयी। इस घटना के बाद सिपाहियों में चर्चा चलने लगी कि छोटे पुलिसकर्मियों के साथ घटित होने वाली बड़ी घटनाऐं भी अधिकारियों द्वारा रफा दफा कर दी जाती है। कभी भी कोई भी अधिकारी उन छोटे सिपाहियों को तबज्जो नहीं देते है। इसी लिये गोकुल बैराज पर पुलिस पर हुए हमले के दौरान सिपाही पहले खुद का बचाव करते ही रहे और आगे नहीं आये। ये घटना भी पुलिस अधिकारियों के रवैये का एक स्पष्ट उदाहरण है। थाने में दर्ज रिपोर्ट का सच थ्सपाही के साथ हुई लूट की वारदात का चोरी में दर्ज हो जाने के बावजूद भी रिपोर्ट ये स्पष्ट दर्शा रही है कि एक अज्ञात चोर उक्त सिपाही की बाइक और उसके मोबाइल दोनों को एक साथ चोरी कर ले गया और सिपाही को उसके बारे में पता तक नहीं लगा। क्या ये सम्भव है कि दोनों चीजें एक साथ किसी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ली जाये इसका पता तक नहीं लगे। खैर रिपोर्ट में पुलिस ने इतना तो माना ही है कि सिपाही की बाइक और उसका मोबाइल दोनों गये है। तो ये भी स्पष्ट जाहिर है कि बाइक और मोबाइल दोनों एक साथ छीनने या लूटने से ही जा सकते है लेकिन पुलिस मामले को दबाने के प्रयास में सच सामने नहीं आने देना चाह रही है।

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थाने की बुलैरो गाड़ी के एन्टीना से उंगली में चोट आयी है- थाना प्रभारी गोवर्धन। विगत सांय एक दबंग की शिकायत लेकर थाने पहुंचे ग्रामीणों के दल को थाना प्रभारी द्वारा मारपीट कर भगाने का प्रयास तब भारी पड़ गया जब फरियादियों ने थाना प्रभारी की मारपीट से उग्र होकर थाना प्रभारी पर ही हमला कर दिया। उग्र ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया और थाने से भाग निकले। भागते ग्रामीणों में से पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया लेकिन क्षेत्रीय विद्यायक के हस्तक्षेप के बाद पुलिस को उसे छोड़ना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार के थाना क्षेत्र के गांव गांठौली निवासी एक दबंग युवक के आतंक से अन्य ग्रामीण भारी परेशान है। हर किसी मनचाहे जब बेवजह मारना पीटना, गुण्डई करना, चोरी, लूटपाट छीना झपटी आदि करना उक्त दबंग की फितरत बन गयी है। ग्रामीणों का एक समूह उक्त युवक की शिकायत करने बीते सांय थाना प्रभारी राजा सिंह के पास थाना गोवर्धन आये। थाना प्रभारी ने फरियादियों की पूरी बात भी नहीं सुनी और उनके प्रार्थना पत्र को अपनी जेब में रखकर उन्हें दफा हो जाने का आदेश सुना दिया। इस पर भी जब ग्रामीण अपनी पीड़ा बताते ही रहे तो थाना प्रभारी ने उनके साथ लात घूंसों से मारपीट आरम्भ कर दी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो थाना प्रभारी ने फोर्स को बुलाने के लिये आवाज लगायी साथ ही मारपीट तेज कर दी। इस पर ग्रामीणों का दल बौखला गया और उग्र होकर उन्होंने भी अपने बचाव में थाना प्रभारी पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के इस हमले में थाना प्रभारी घायल भी हो गये और उनके हाथ में चोट आयी। साथ ही ग्रामीणों ने थाने से दौड़ लगा दी। थाना प्रभारी के शोर मचाने पर आये पुलिसकर्मियों ने भाग कर एक युवक को पकड़ लिया और उसे हवालात में बन्द कर दिया बाद में क्षेत्रीय विधायक राजकुमार रावत के हस्तक्षेप के बाद थाना प्रभारी को उक्त युवक छोड़ना पड़ा। वहीं थाना प्रभारी अपनी किरकिरी होने के डर से घटना को छिपाने को प्रयास कर रहे है। थाना प्रभारी राजा सिंह का कहना थाना प्रभारी राजा सिंह से जब इस घटना के बारे में पूछा गया कि तो उन्होेने बताया कि फरियादियों का वह दल मेरे सामने ही आरोपी दबंग को गोली मारने की धमकी दे रहे थे इसी बात पर मैने उन्हें मारपीट कर भगा दिया था। हाथ की चोट के बारे में उन्होंने स्वीकार करते करते हुए बताया कि पुलिस की बुलैरो गाड़ी के एन्टीना से उनकी अंगुली में चोट आयी है उन ग्रामीणों की वजह से नहीं। 

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मथुरा। श्री माथुर चतुर्वेद संस्कृत विद्यालय का वार्षिकोत्सव एवं विद्यालय के संस्थापक पं0 बाबू वैजनाथ चैबे का जन्मोत्सव पूर्व हर्षोल्लास के साथ विद्यालय में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसवी सिंह सचिव मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोवर्धन क्षेत्र के विद्यायक राजकुमार रावत थे। कार्यक्रम का शुभारंभ पं0 बाबू वैजनाथ की प्रतिमा पूजन माल्यार्पण, व दीप जलाकर हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राजकुमार रावत ने कहा कि संस्कृत मात्र भाषा हिन्दी की छोटी बहिन है और इसें अनिवार्य किया जाना चाहिए। संस्कृति एवं संतति की रक्षा आवश्यक है संस्कृत देववाणी संस्कार देती है वैज्ञानिक तकनीकि संस्कृत की ही देन हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष एसवी सिंह ने कहा कि विद्यालय को देखकर इसके संस्थापक बाबू बैजनाथ की सोच का पता चलता है कि उनमें समर्पण की भावना थी। इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष गिरधारी लाल पाठक, न्याय के मंत्री बल्देव शास्त्री चतुर्वेदी, प्रबन्धक राकेश बाबू चतुर्वेदी, त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी, कुन्ज किशोर चतुर्वेदी आदि ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अन्त में राकेश बाबू चतुर्वेदी एडवोकेट ने सभी अतिथियों व आगुन्तकों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुएउ संस्कृत के प्रचार प्रसार में सहयोग की अपेक्षा की। संचालन प्रधानाचार्य डा0 पुरूषोतम लाल चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम में बलदेव शास्त्री चतुवेदी, जगदीश चतुर्वेदी, मनोहरलाल चतुर्वेदी, त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी, महाविद्यालय के प्राचार्य कुन्जकिशोर चतुर्वेदी, आत्मनाथ चतुर्वेदी, डा0 अमर सिंह सैनी, श्रीमती अर्चना चैधरी, सीपी चतुर्वेदी, रामबाबू सैनी, प्रमोद चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी, महेन्द्र चतुर्वेदी, आत्मनाथ चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।  

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मथुरा। शहर काग्रेंस की शोकसभा कार्यालय पर अध्यक्ष मलिक अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई जिसमें काग्रेंस के वरिष्ठ नेता मुरली देवड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। अपनी शोक सवेदना व्यक्त करते हुए बिहारी कान्त तिवारी, ओमप्रकाश शर्मा, विनोद शर्मा, लियाकत कुरैशी, जितेन्द्र मणि, देवेन्द्र यादव, एमएम शर्मा, कीर्ति कौशिक, प्रताप सिंह, सईद सुलेमान, तोताराम अग्रवाल, पूरन सिंह, दौलतराम गोला, अनूप चतुर्वेदी, ने कहा कि श्री देवड़ा काग्रेंस के वरिष्ठ नेता थे और उन्होंने आजीवन काग्रेंस में रहते हुए देश की सेवा की।

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मथुरा। जस्टिस फाॅर चिल्ड्रन उ0प्र0 संयोजक एवं बाल कल्याण समिति न्यायपीठ सदस्य सतीश चन्द्र शर्मा द्वारा मथुरा जनपद को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। शादी समारोह में छोटो छोटे बच्चों से लाइट उठवाने तथा बैरा गिरी का कार्य कराते हुए देखा जा सकता है वहीं सैकडों बच्चे दुकानों गैराजों प्रतिष्ठानों एवं कारखानों में मजदूरी करते हुए देखा जा रहा है बालश्र्रम को रोकने के लिए श्रम विभाग एवं पुलिस विभाग से सहयोग लेकर बाल कल्याण समिति, मथुरा द्वारा अभियान चलाया जा रहा है वहीं श्रम विभाग के माध्यम से लाइट डैकोरेटर्स, कैटर्स, बैण्ड बाजों वालों को नोटिस भेजे जाने के लिए कहा गया है कि वे बाल श्रमिक नियुक्त न करें अन्यथा की स्थिति उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। शादी समारोह में काम करने वाले बच्चे देर रात घर वापस लौटते है जिसके कारण वे अक्सर दुर्घटना का शिकार होते हैं वहीं लाइट उठाते समय बिजली के तार दुघर्टना का कारण बन सकते हैं। दूसरों की जिन्दगी रोशन करने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय है समाज के सहयोग से ही बचपन को बचाया जाना सम्भव है। बाल कल्याण समिति न्यायपीठ सदस्य सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि बालश्रम से बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है जिसे रोके जाना सरकार एवं समाज दोनो की सामूहिक जिम्मेदारी है । मथुरा को बालश्रम मुक्त करने हेतु विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं प्रतिष्ठान मालिकों से बाल श्रमिक नियुक्त न करने के संकल्प पत्र भरवाये जा रहे हैं।  

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