मथुरा

मथुरा। पूर्व सांसद निधि 2013-2014 से गोकुल बैराज मोड़ पर बने यात्राी टीनशेड को रालोद ने जनता को समर्पित किया। रालोद के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिकरवार ने गोकुल बैराज मोड़ पर यात्री टीनशेड का उदघाटन फीता काटकर किया। इस अवसर पर क्षेत्रिय विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि रालोद हमेशा ही गरीब लोगो के साथ रहता है। इस टीनशेड से आम लोगो को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी विनोद दीक्षित पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर भरंगर, राजपाल भरंगर, सुरेश भगत, रविन्द्र नरवार, पंकज प्रकाश, अनिल रावत, रमन लाल, वीरपाल, हरवीर चैधरी, महेंद्र नौहवार आदि उपस्थित थे 

Read More

स्वास्थ्य, आवास और सुरक्षा, मान्यता समिति के गठन संबंधी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। समाजवादी सरकार पत्रकारों की हर समस्या को सुलझाने में मदद करेगी।   मथुरा, 26 जुलाई,  उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, सहकारिता और राजस्व मंत्री शिवपाल यादव ने मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि पहले के जमाने में लोग अखबारों को पढ़ते थे पर आज सिर्फ देखते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार पत्रकारों की हर समस्या को सुलझाने में मदद करेगी और सकारात्मक भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की ओर से आज मथुरा में आयोजित पत्रकारों  की ज्वलंत समस्याओं के प्रति प्राशसनिक दृष्टिकोण विषय पर संगोष्ठी में बोलते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि मीडिया पर पूंजीपतियों ने कब्जा कर लिया है और वे श्रमजीवी पत्रकारों का शोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकारों नें पत्रकारों को जितना सम्मान दिया उतना किसी और सरकार ने नही दिया लेकिन ताली दोनो हाथों से बजती है। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार के अच्छे कामों को भी जनता के सामने लाए। श्री यादव ने स्वास्थ्य, आवास और सुरक्षा, मान्यता समिति के गठन संबंधी मांगों को उचित ठहराते हुए उन्हें पूरा कराने का आश्वासन दिया। इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव ने कहा कि पूंजी और श्रम के बीच संतुलन होना चाहिए लेकिन आज थैलीशाह मीडिया को नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मीडिया का पक्षपात पूर्ण रवैया बढ़ गया है। इस सिलसिले में उन्होंने उत्तराखंड उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार की खबरों के मीडिया में दबाए जाने का जिक्र किया। श्री राव ने मीडिया से संबंधित समितियों में पत्रकारों के संगठनों को नजरअंदाज कर लोगों के नामांकन पर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को मानना चाहिए। सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट ने पत्रकार बंधु को पुर्नजीवित करने की यूनियन की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मीडिया को खबरों में विश्वसनीयता बनाए रखना चाहिए। प्रदेश में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सीपी राय ने भी विश्वसनीयता का सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया एक सरकार के खिलाफ कुछ नजरिया रखता है जबकि दूसरी सरकार के लिए कुछ और वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण ने कहा कि पत्रकारिता आज व्यवसाय हो गयी है इसके चलते स्वतंत्र पत्रकारिता का अस्तित्व खत्म हो गया है। आईएफडब्लूजे महासचिव परमानंद पांडे ने कहा अगर पत्रकारिता व्यवसाय है तो इसमें लगे श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर श्रम कानूनों का ईमानदारी से पालन करा दिया जाए तो समस्याओं का अपने आप निराकरण हो जाएगा। समाजवादी चिंतक दीपक मिश्रा ने कहा कि राजनीति और पत्रकारिता एक दूसरे का पर्याय हैं। बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन टीपी सिंह, विधायक रघुराज शाक्य व सीन्यूज केू सम्पादक भानु प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे।  उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने पत्रकारों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने विषय प्रवर्तन किया। आईएफडब्लूजे कोषाध्यक्ष श्यामबाबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में आगरा जागरण से श्रवण कुमार शर्मा, पुष्प सबेरा के महाप्रबन्धक निमेश निगम अपनी सम्पादकीय टीम के साथ उपस्थित थे, आगरा से पंकज गुप्ता, श्यामलाल सिंह, नोयडा से रिंकू यादव, अभिमन्यू पांडे इखबाल चैधरी, शाहजहांपुर से अमित गुप्ता, कमल, झांसी से विकास शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार मोहन स्वरूप भाटिया, डा0 अशोक बंसल, लीजेन्ड न्यूज के सम्पादक सुरेन्द्र चतुर्वेदी कल्पतरू एक्सप्रेस से चन्द्र प्रताप सिंह सिकरवार, अमर उजाला से हिमांशु त्रिपाठी, नियो न्यूज से योगेश खत्री, सुनील शर्मा, डा0 अनिल चतुर्वेदी, मुकेश चतुर्वेदी, श्याम जोशी, विपिन मित्तल, कपिल शर्मा, किशन गर्ग, सहित सैकड़ों श्रमजीवी पत्रकारों ने हिस्सा लिया।  इस मौके पर, गिरधारी लाल श्रोतिय, निरंजन सिंह धुरन्धर, अली अब्बास, अमित भार्गव, योगेश भारद्वाज, बाॅबी मिश्रा, दिनेश आचार्य, मनोहर सिंह, यशपाल चैधरी, पवन आनन्द, गोपाल शर्मा, दिनेश पंकज, हरवेन्द्र चतुर्वेदी, विनोद चैधरी, प्रवीन कुमार गुप्ता, मनोज श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र चतुर्वेदी, किशन कुमार गर्ग, योगेश खत्री, हेमन्त शर्मा, हरीकिशन राजपूत, कपिल शर्मा, अनेक सिंह, शिवदत्त चतुर्वेदी, सुरेश सैनी, वनोद नागपाल, गजेन्द्र चैधरी, सुनील शर्मा, पवन गौतम, अनिल कुमार, योगेश गौतम, भगवान सिंह सफा, यदुवंशमणि पावस, उत्तम शर्मा, विपिन मित्तल आदि सैंकड़ों पत्रकारगण मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रमुख उद्योगपति पवन चतुर्वेदी, सपा जिलाध्यक्ष गुरूदेव शर्मा, डा0 अशोक अग्रवाल, किशोर सिंह, नगर अध्यक्ष अरूण दीक्षित, राजन रिजवी, जगदीश नौहवार, बलदेव क्षेत्र के विधायक पूरन प्रकाश, महेन्द्र चैधरी समेत बडी संख्या में समाजवादी पाटी के नेता भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आयोजक व श्रमजीवी पत्रकार यूनियन आगरा मंडल के अध्यक्ष संतोष चतुर्वेदी ने सभी आगंतुकों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। संतोष चतुर्वेदी ने आगरा मंडल के पत्रकारों की समस्याओं से संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। कार्यक्रम का संचालन रश्मि शर्मा ने किया।

Read More

20वें राष्‍ट्रमंडल खेलों के आयोजन से स्‍काटलैंड के सबसे बड़े शहर ग्‍लास्‍गो में खुशी का माहौल है। आयोजक लंदन में वर्ष 2012 में हुए ओलिंपिक खेलों से तुलना को पीछे छोड़ खुद एक विश्‍वस्‍तरीय आयोजन की आशा कर रहे हैं। वर्ष 1970 और 1986 में राजधानी एडिनबर्ग में खेलों के आयोजन के बाद यह तीसरा अवसर है जब राष्‍ट्रमंडल खेलों का आयोजन स्‍काटलैंड में हो रहा है। वर्ष 2007 में नाइजीरिया के शहर अबूजा को खेलों के आयोजन की बोली में पीछे पछाड़ने के बाद ग्‍लास्‍गो के 23 लाख लोग इन खेलों के प्रतीक चिह्न क्‍लाईड के तले एकजुट हैं। ग्‍लास्‍गो ने शानदार आयोजन की बानगी चार वर्ष पहले दिल्‍ली के जवाहरलाल नेहरू स्‍टेडियम में 19वें राष्‍ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में आगामी शानदार आयोजन का संकेत दिया था। (Read in English: Commonwealth Games 2014: Glasgow’s Moment Of Glory Arrives) उद्घाटन समारोह राष्‍ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन समारोह सेलटिक पार्क, ग्‍लास्‍गो में हुआ। समारोह में ब्रिट्रेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 71 राष्‍ट्रमंडल देशों में 248 दिनों तक सफर करने के बाद क्‍वीन बेटन में लिखे संदेश को पढ़ा जिसके बाद समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। उद्घाटन समारोह में इन खेलों में भाग लेने वाले हजारों खिलाड़ियों ने सेलटिक पार्क के चारों ओर एक भव्‍य परेड में भाग लिया। पिछले आयोजनकर्ता भारत से परेड की शुरुआत और वर्तमान आयोजनकर्ता स्‍कॉटलैंड से परेड की समाप्ति हुई। इस समारोह का केंद्र बिंदु लगभग 2000 लोगों द्वारा प्रस्‍तुत लाइव शो रहा। इसमें सेलटिक पार्क के साउथ स्‍टैंड के सामने 100 मीटर चौड़ी, 11 मीटर ऊंची स्‍क्रीन पर समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। वर्ष 2010 में दिल्‍ली में हुए राष्‍ट्रमंडल खेलों के दौरान उद्घाटन और समापन समारोह में ऐरो स्‍टेट मुख्‍य आकर्षण केंद्र था। भारत में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर यूनिसेफ के ग्‍लोबल गुडविल एम्‍बेसडर की अपनी भूमिका में समारोह के दौरान एक वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उपस्थित थे। यूनिसेफ पूरी दुनिया में बच्‍चों की समस्‍याओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अपनी तरह की एक अनूठी पहल के रूप में ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के आयोजन में साझीदार है। ब्रिट्रेन के प्रधानमंत्री डेविड केमरून और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी, स्‍कॉटलैंड के फर्स्‍ट मिनिस्‍टर एलेक्‍स सेलमोंड और सरकार में उनके सहयोगी तथा राष्‍ट्रमंडल देशों के अन्‍य गण्‍यमान्‍य व्‍यक्तियों ने भी उद्घाटन समारोह में शिरकत की। खेल 71 राष्‍ट्रमंडल देशों और स्‍वतंत्र राज्‍यों के 6500 से ज्‍यादा एथलीट 11 दिन तक चलने वाले खेलों के इस रंगारंग कार्यक्रम में भाग लेंगे। 17 खेलों में 261 पदक स्‍पर्धाएं होंगी। 2010 में आयोजित राष्‍ट्रमंडल खेलों में 21 खेल स्‍पर्धाएं थीं। जमैका के धावक उसेन बोल्‍ट ग्‍लास्‍गो खेलों के सबसे बड़े नाम हैं। लेकिन वह केवल 4x100 मीटर रिले में ही भाग लेंगे। ब्रिट्रेन के लम्‍बी दूरी के धावक मो फराह, जिन्‍होंने 2012 के लंदन ओलिंपिक्‍स के दौरान 5000 और 10,000 मीटर की प्रतियोगितायें जीती थीं, के दोनों ही स्‍पर्धाओं में भाग लेने का कार्यक्रम है। मेजबान स्‍काटलैंड ने बेहतर प्रदर्शन करने और अपने पदकों की संख्‍या में बेहतरी करने के लिए बहुत अच्‍छी तैयारी की है। इंग्‍लैंड भी आशावान है और पहले या दूसरे स्‍थान के लिए पूरी मशक्‍कत करेगा। न्‍यूजीलैंड रग्‍बी पर फोकस करेगा जबकि भारत जो राष्‍ट्रमंडल का सबसे बड़ा देश है, उसे निशानेबाजों, मुक्‍केबाजों, पहलवानों, बैडमिंटन खिलाड़ियों से बड़ी संख्‍या में पदक जीतने की उम्‍मीद है। मणिपुर की लड़कियों खुमुकचाम संजीता, मीरा बाई सैखोम ने 48 किलोग्राम वजन में महिला भारोत्‍तोलन मुकाबले में स्‍वर्ण और रजत पदक भारत की झोली में डाले हैं। राष्‍ट्रमंडल खेलों में भारत की हिस्‍सेदारी इस बार भारत ने 14 खेल विधाओं में 224 खिलाड़ियों का बड़ा दल भेजा है। निशानेबाजी टीम में ओलिंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा और दो ओलिंपिक पदकधारक गगन नारंग और विजय कुमार शामिल हैं। बैडमिंटन में पिछली बार की पदक विजेता साइना नेहवाल के प्रतियोगिता में शामिल न होने के कारण भारत की पदक जीतने की उम्‍मीद पीवी सिंधु, पी. कश्‍यप के प्रदर्शन और ज्‍वाला गुट्टा व अश्‍वनी पोनप्‍पा द्वारा अपनी सफलता दोहराने पर टिकी होगी। 2010 के राष्‍ट्र मंडल खेलों की ट्रैक और फील्‍ड प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन बहुत अच्‍छा रहा। इसमें कृष्‍णा पूनिया ने 52 वर्ष के बाद डिस्‍क्‍स थ्रो में भारत के लिए पहला गोल्‍ड मैडल जीता था। 1958 की कार्डि‍फ खेलों में मिल्‍खा सिंह ने पदक जीता था। इस बार कृष्‍णा और विकास गौड़ा पर भारत की उम्‍मीद टिकी हैं। गौड़ा ने लंदन खेलों में आठवां स्‍थान प्राप्‍त किया था। भारत की पुरुष हॉकी टीम विश्‍वकप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इन खेलों में कुछ सम्‍मान जरूर अर्जित करना चाहेगी। दिल्‍ली खेलों में टीम ने रजत पदक जीता था लेकिन फाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया से 0-8 की अपमानजनक हार का दंश झेला था। नई दिल्‍ली में आयोजित 2010 राष्‍ट्रमंडल खेलों में भारत दूसरे नंबर पर था। इन खेलों में 101 पदक जीतने का रिकॉर्ड रहा, देश इससे और बेहतर करने की उम्‍मीद रखता है लेकिन देश में अर्जित अप्रत्‍याशित सफलता को दोहराना मुश्किल होगा क्‍योंकि तीरंदाजी और टेनिस प्रति‍योगिताएं हटा देने और निशानेबाजी व कुश्‍ती में पदकों की संख्‍या कम कर देने से पदक जीतने के अवसर कम हुए हैं। इसलिए भारत के लिए सबसे वास्‍तविक लक्ष्‍य यही होगा कि वह कम से कम तीसरे स्‍थान पर रहे क्‍योंकि शीर्ष दो स्‍थान ऑस्‍ट्रेलिया या इंग्‍लैंड को  मिलने की उम्‍मीद है। राष्‍ट्र मंडल खेलों का इतिहास राष्‍ट्रमंडल खेलों का इतिहास काफी पुराना है। 1930 में कनाडा के हेमिल्‍टन में पहले आयोजन के बाद ग्‍लास्‍गो में यह 20वां आयोजन है। 1950 तक इन खेलों को ‘ब्रिटिश साम्राज्‍य खेल’ कहा जाता था। उसके बाद इन्‍हें ‘ब्रिटिश साम्राज्‍य एवं राष्‍ट्रमंडल खेल’ कहा गया और अंतत: 1978 में इन्‍हें ‘राष्‍ट्रमंडल खेल’ कहा गया। यद्यपि राष्‍ट्रमंडल खेल 21वीं सदी में भी जारी है लेकिन इन खेलों की प्रासंगिकता पर भी बहस जारी है। बहस का बिंदु यह है कि ऐसे में जब आसियान खेल और अफ्रीकाई खेल जैसे अनेक भौगोलिक-राजनीतिक गठबंधनों के खेल आयोजित किए जा रहे हैं तो क्‍या वास्‍तव में औपनिवेशिक विरासत से जुड़े राष्‍ट्रमंडल खेलों के लिए इतने भारी खर्च और दिखावे की जरूरत है। हमेशा की तरह राष्‍ट्रमंडल खेलों में इस बार भी स्‍टार खिलाड़ियों का अभाव है। 2012 में लंदन में आयोजित पिछले ओलिंपिक खेलों में सबसे अधिक पदक जितने वाले तीन देश- अमेरिका, चीन और रूस राष्‍ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं लेते। इस सब के बावजूद यह खेल नए खिलाड़ियों को अपनी आंकाक्षाएं पूरी करने का अवसर मुहैया कराते हैं।  

Read More

नई दिल्ली : ऑनलाइन शादी कराने वाली वेबसाइटों को अब नई चुनौती से जूझना पड़ सकता है। एस्ट्रोसेजमैरिज.कॉम के रूप में एक नई वेबसाइट मैदान में आ गई है, जो न केवल पूरी तरह से नि:शुल्क है बल्कि इसमें कई अनूठे फीचर्स भी हैं।  ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई वैवाहिक सेवाएं प्रदान करने वाली वेबसाइट ने अपनी सभी सेवाओं को बिलकुल निःशुल्क करने जैसा साहसिक कदम उठाया हो। सामान्यतया सभी वैवाहिक वेबसाइट आपके पसंद के व्यक्ति को संदेश भेजने के लिए या संपर्क करने के लिए बहुत अधिक रुपये बतौर शुल्क लेती हैं। इसके अलावा अलग-अलग चरणो में भी पैसे लिए जाते हैं। लेकिन एस्ट्रोसेजमैरिज.कॉम पर ऐसा नहीं है। एस्ट्रोसेजमैरिज.कॉम यूजर्स और आपके संभावित जीवनसाथी के बीच बातचीत को बढ़ावा देता है। इसीलिए यहां एक-दूसरे को संदेश भेजना और बाकी सभी अन्य सुविधाएं पूरी तरह मुफ़्त हैं। AstroSageMarriage.com के संस्थापक पुनीत पांडे ने इस साइट के बारे में बताते हुए कहा कि ऑनलाइन वैवाहिक साइटों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है लेकिन अभी तक यूजर्स को ऐसी साइट नहीं मिल पाई जो पूरी तरह सुरक्षित और नि:शुल्क हो। इसके अलावा यह साइट कई भाषाओं में होगी।

Read More

मथुरा। थाना बरसाना क्षेत्रा के  कस्वा के पास नहर में एक युवक का शव लोगों ने तैरता हुआ देखा।  जिन्होंने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव को वाहर निकलवाया और शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया लेकिन कापफी प्रयास के बाद भी मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव का अज्ञात में पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। घटना के सन्दर्भ में पुलिस ने बताया कि शव नहर में वह कर आया है अज्ञातों ने युवक की हत्या कर शव को वाहया है। पानी में रहनें की वजह से शव पफुल गया हैं। जिसकी वजह से शिनाख्त होने में परेशानी आ रही हैं। पुलिस घटना की जाॅच में जुटी हुई हैं।        

Read More

मथुरा। थाना सदर बाजार क्षेत्रा के यमुना पुल से हरियाणा का अर्दविक्षिप्त युवक ने यमुना में छलांग लगा दी। जिससें युवक की पानी में डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं। मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा के रैवाडत्री निवासी युवक पोहप सिंह मानसिंक रूप से अर्दविक्षिप्त हैं। पोहप सिंह ने कई रोज पूर्व घर से बिना कहें निकल आया और मथुरा आ गया। आज दोपहर पोहप सिंह ने सदर बाजार क्षेत्रा के यमुना पुल पर पहुंच कर कुछ देर तक यमुना के पानी को देखता रहा और करीब आध घंटें तक यमुना का पानी देखनें के बाद अचानक उसने पुल की रैलिंग पर चढ़ गया और यमुना में छलांेग लगा दी। युवक को अचानक यमुना में बकूदता देख आसपास के लोग पुल पर एकत्रित हो गये। इसी दौरान गोतों खोरों ने युवक को बचाने के लिए यमुना में छलांग लगा दी। लेकिन कापफी मशक्कत के बाद युवक को वाहर निकाला गया लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।      

Read More

राज्य पुरूस्कार एवं जांच शिविर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम छाता। उप्र स्काउट गाइड्स के आगरा एवं अलीगढ मण्डल के पांच दिवसीय राज्य पुरूस्कार एवं जांच शिविर का उद्घाटन करने के उपरांत मुख्य अतिथि उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु ने कहा कि स्काउट गाइड्स हमें जीवन जीने की राह सिखाती है। स्काउट गाइड्स में जहां चरित्रा के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की कला सिखायी जाती है, वहीं सामाजिक कार्यों में भी स्काउट गाइड्स का विशेष महत्व है।  स्काउट कमिश्नर एवं विद्यालय के प्रधनाचार्य मेजर रामबाबू पाठक ने शिविर में आए विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें परिश्रम से अपना लक्ष्य प्राप्त करना चाहिये। राष्ट्र एवं समाज की निस्वार्थ एवं विनम्र सेवा को स्काउट गाइड्स का मुख्य कर्तव्य एवं ध्र्म बताया। जिला चीपफ कमिश्नर रमेशचन्द सारस्वत ने बच्चों को इस प्रतियोगिता में शामिल होने के साथ ही उनके अध्कि से अध्कि उत्तीर्ण होने की शुभकामना दी। इस मौके पर विद्यालय के छात्रा-छात्राओं द्वारा स्वागत गान एवं देशभक्ति गान आदि की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुरारी लाल सारस्वत, जिला प्रशिक्षण आयुक्त निरोत्तमलाल रावत, संगठन आयुक्त प्रदीप गुप्ता, आगरा मण्डल संगठन आयुक्त अनीता गौतम, शिविर के मुख्य परीक्षक हीरालाल यादव, राकेश रंजन सिन्हा, स्काउट मास्टर सुरेन्द्र प्रताप सिंह, गंगाश्याम शर्मा, उमेशचन्द शर्मा, प्रदीप शर्मा, आशीष शर्मा, टीकम चैध्री, राकेश कुमार वाष्र्णेय, देवी सिंह आदि मौजूद थे। संचालन राजेश झा ने किया।       

Read More

मथुरा। भारतीय जनता पार्टी व अनूसूचित मोर्चा द्वारा कांठ में दलितों व अनुसूचितों के धर्मिक स्थल को लेकर किये गये अत्याचार के विरूद्व आज स्थानीय विकास वाजार सिथत गान्ध्ी प्रतिमा के समक्ष ध्रना प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी जयशंकर त्रिपाठी को सौंपा गया। जिसमें दलितों के खिलापफ दर्ज किये गये मुकदमें वापस लेने तथा दोषी अध्किारियों के खिलापफ कार्यवाही किये जाने की माॅग की गई। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रातः 10 बजें जिलाध्यक्ष डा. डीपी गोयल व अनूसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुकेश आर्य बन्ध्ु के नेतृत्व विकास बाजार में एकत्रित हुए और ध्रना दिया। ध्रने में प्रान्तीय नेतृत्व के रूप में आये भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हरद्वारी दुवे ने ध्रनें को सम्बोन्ध्ति करते हुए कहा कि प्रदेश की समाजवादी सरकार के शासन में अनुसूचितों व दलितों का निरन्तर उत्पीड़न किया जा रहा हैं। सरकार हिन्दु मुस्लिम के रूप में समाज को वाटनें का कार्य कर रही हैं। मुरादाबाद के कांठ कस्वें की घटना इसका प्रमाण हैं। जहाॅ पुलिस ने अनुसूचितों और दलितों के प्रमुख मन्दिर पर पूर्व से लगें माइक को उतारकर कस्वे में साम्प्रदायिक जहर घोलने का कार्य किया। इसके वावजूद सरकार दलितों व अनुसूचितों पर हुए पुलिस के अन्याय पूर्ण रवैये से मुंह मोडे रही और दोषी अध्किारियों के खिलापफ कार्यवाही की जगह अनुसूचितों व दलितों पर दंगा भड़काने के आरोप मुकदमें दर्ज किये गये। भारतीय जनता पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। वरिश्ठ नेता वांकेबिहारी माहेश्ध्वरी ने कहा कि धर्मिक सथल पर पुलिस की करतूतों का विरोध् करने पर दलितों व अनुसूचितों पर पुलिस ने लाठिया वरसाते हुए दौडत्रा दौडत्रा कर पीटा तत्पश्चात कडत्री धराओं में निरूद्व कर जेल भेज दिया। यह सब एसएसपी ध्र्मवीर के इशारे पर हुआ जो कि प्रदेश सरकार के परिष्ठ कविता मंत्राी के चेहेते बताये जाते हैं। उन्होंने ऐसे पुलिस अध्किारियों के खिलापफ कड़ी कार्यवाही किये जाने की माॅग की। जिलाध्यक्ष डा. डीपी गोयल ने मुरादाबाद के पुलिस प्रशासन को आड़ें हाथ लेते हुए कहा कि ऐसे अध्किरियों की कार्यवाही से प्रत्ीत होता है कि देश में आज भी विदेशी अग्रंेजों की हुकुमत चल रही हैं। भाजपा पुलिस प्रशासन की इन हरकतों का पुरजोर विरोध् करती हैं। तत्पश्चात ज्ञापन देने वालों में भाजपा के बरिष्ठ नेता बांकेबिहारी माहेश्वरी, डा. डीपी गोयल, गोपेश्र नााि चतुर्वेदी, पदम सिंह, प्रणतपाल सिंह, रवीन्द्र पांडेय, वीरेन्द्र अग्रवाल,पूर्व विद्यायक अजय कुमार पोईया, पूर्व सासद तेजवीर, रामकिशन पाठक, महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष बबिता बंसल, महामंत्राी अनिता थापा, माहिनी अग्रवाल, काजल, पूनम, डा. हीरा, यतेन्द्र सुषमा आदि सहित थे।

Read More

बलदेव। साबन के महिने में झूला झूलने की परम्परा पहले की अपेक्षा कम होती जा रही है। पर देवालयों में देवताओं को आज भी झूला झुलाया जाता है। बर्षो से दाऊजी मंदिर में हिंडोला उत्सब की अनूठी परंपरा यथावत कायम है। श्रावण मास की बात ही निराली है। कोयल की मीठी कूक, मोर का नृत्य, पूरे बेग से बहती यमुना मन को आन्नदित कर देती है। बृज मण्डल में बृज के राजा ठा0 श्री दाऊजी महाराज के मंदिर में हिंडोला उत्सव की झांकिया भक्तों को प्रेम संदेश प्रदान करती है। भगवान श्री कृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता बलदाऊ महाराज जिन्हें श्रंद्वालु प्रेमबस दाऊजी कहते है। झूलात्सब की बात ही निराली है। सावन मास में एकादशी से रक्षाबन्ध्न तक लाला ठाकुर के स्वरूप को हिंडोला में झुलाकर परंपरा का निर्बहन किया जाता है। बलदेव जी मंदिर में हिंडोला उत्सब की अनूठी परंपरा है। दाऊजी महाराज का विशाल व अत्यन्त मनोहारी बिग्रह लगभग आठ फुट ऊंचा , साढें तीन फुट चैडा है। दाऊजी महाराज के विशाल विग्रह पर सात नाग भी है। विशाल विग्रह को झूलें पर झुलाना असंभव है। ऐसे में दाऊजी के विग्रह के ठीक सामने स्थित प्रांगण में हिंडोला स्थापित किया जाता है। लगभग 15 फुट ऊंचे हिंडोले मंे ठा0 श्री दाऊजी महाराज को उनके स्वर्ण जडित दर्पण के माध्यम से झूला झुलाया जाता है। आरती के पश्चात उनके मुकुट व मुरली को हिडोले में रखकर झूला झूलाते है। जिसमें ठा0 श्री दाऊजी महाराज की छवि दिखाई देती है। स्थानीय युवा समाज सेवी सुजीत वर्मा व अनुज उपमन्यु ने जिलाध्किारी से साबन मास के चलते दाऊजी महाराज के दर्शनार्थ आने बाले श्रंद्वालुओं की सुबिध को ध्यान में रखते हुए परिबहन ,पेयजल, बिघुत व चिकित्सा की उचित व्यवस्थाऐं किए जाने की मांग की है।

Read More

बलदेव : सावन के महीने में झूला झूलने की परम्परा पहले की अपेक्षा कम होती जा रही है। लेकिन, देवालयों में देवताओं को आज भी झूला झुलाया जाता है।

Read More