नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अद्यक्षता में हुई बैठक में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को कैबिनेट की मंजूरी प्रदान की।
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नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अद्यक्षता में हुई बैठक में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को कैबिनेट की मंजूरी प्रदान की।
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने देश के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्र के मुताबिक बीमारियों से लड़ने और उच्च उत्पादकता देने वाली फसलों की प्रजातियां विकसित कर पैदावार, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने की दीर्घकालिक रणनीति तैयार की है।
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भारत दुनिया के उन सबसे युवा देशों में से है जहां 25 वर्ष से कम लोगों की कुल आबादी 54 प्रतिशत से अधिक है। हमारे युवाओं को इक्कसवीं शताब्दी की नौकरियों के लिए शिक्षित और नौकरियों के लायक बनना चाहिए। हमारे यहां काम करने लायक पांच प्रतिशत से भी कम लोगों को औपचारिक कौशल प्रशिक्षण मिलता है जिससे वे नौकरी के लायक बन सकें और नौकरियां कर सकें। भारत की आबादी का करीब 70 प्रतिशत गांवों में रहता है जिसके कारण नौकरी करने लायक इन युवाओं की संख्या बढ़ रही है।
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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के छोटे उद्यमियों की सहायता करना भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और समृद्धि में सहायक बनने का सबसे बड़ा माध्यम है। वह यहां प्रधानमंत्री मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी) योजना के प्रारम्भ के अवसर पर विचार प्रकट कर रहे थे।
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भारत दुनिया के उन सबसे युवा देशों में से है जहां 25 वर्ष से कम लोगों की कुल आबादी 54 प्रतिशत से अधिक है। हमारे युवाओं को 21वीं शताब्दी की नौकरियों के लिए शिक्षित और नौकरियों के लायक बनना चाहिए। हमारे यहां काम करने लायक पांच प्रतिशत से भी कम लोगों को औपचारिक कौशल प्रशिक्षण मिलता है जिससे वे नौकरी के लायक बन सकें और नौकरियां कर सकें। भारत की आबादी का करीब 70 प्रतिशत गांवों में रहता है जिसके कारण नौकरी करने लायक इन युवाओं की संख्या बढ़ रही है। (Read in English: Union Budget 2015-16: MUDRA Bank To Turn Youth From Job-seekers To Job-creators)
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अबतक अधिकांश रेल मंत्री अपना बजट प्रस्तुत करते हुए तथ्यों की अपेक्षा आंकड़ों का सहारा लेने का ही प्रयास करते रहे हैं। संभवतः पहली बार हुआ है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने एक साहसिक निर्णय लेते हुए साल 2015-16 के लिए 1,00,011 करोड़ रुपये का रेल बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में गत वर्ष की अपेक्षा आकार में 52 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई, लेकिन उसका भार आम जनता पर नहीं डाला गया।
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