कृषि / व्यापार / बचत

अबतक अधिकांश रेल मंत्री अपना बजट प्रस्तुत करते हुए तथ्यों की अपेक्षा आंकड़ों का सहारा लेने का ही प्रयास करते रहे हैं। संभवतः पहली बार हुआ है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने एक साहसिक निर्णय लेते हुए साल 2015-16 के लिए 1,00,011 करोड़ रुपये का रेल बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में गत वर्ष की अपेक्षा आकार में 52 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई, लेकिन उसका भार आम जनता पर नहीं डाला गया। 

Read More

रेल मंत्री ने अपने 2015-16 के रेल बजट में यात्री किराए में कोई बढ़ोतरी न करके आम आदमी पर कोई बोझ नहीं डाला है और उच्‍च निवेश के लिए संसाधनों को जुटाने की दिशा में अपनी प्राथमिकता को रेखांकित किया है। 

Read More

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्‍तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2015-16 प्रस्‍तुत किया। जहां करदाताओं के लिए कई राहतों की घोषणा की गई वहीं सेवाकर में बढ़ोतरी से, विशेषकर, मध्यम और निम्न मध्यमवर्गीय लोगों को करारा झटका भी दे दिया है।

Read More

नई दिल्ली : वर्ष 2014-15 में (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान मुद्रास्फीति में भारी गिरावट देखी गई है। 

Read More

नई दिल्ली : संसद में प्रस्‍तुत किए गए रेल बजट में भारतीय रेलवे को एक बार फिर से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का प्रमुख वाहक बनाने के उपाए सुझाए गए हैं। इसमें उच्‍च निवेश, भारी बोझ वाले मार्गों पर भीड़-भाड़ में कमी लाने और रेलगाड़ियों और प्रोजैक्‍टस डिलीवरी की गति बढ़ाने, बेहतर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा तथा रेलवे को जनता के लिए यातायात का पसंदीदा माध्‍यम बनाने के लिए संसाधन जुटाने की बात कही गई है। 

Read More

वस्‍तुओं एवं सेवाओं के लिए उपभोक्‍ता बाजारों में हाल के वर्षों में काफी बदलाव आया है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार में बढ़ोतरी और ई-कॉमर्स के तीव्र विकास ने उपभोक्‍ताओं के लिए नए अवसर खोल दिए हैं। इसके साथ-साथ, इसने अनुचित व्‍यापार एवं अनुचित व्‍यवसाय प्रचलनों के नए रूपों का जोखिम भी उपभोक्‍ताओं के लिए पैदा कर दिया है।

Read More