गंगा नदी से जुड़ी पौराणिक कथाओं को यदि हम आधुनिक संदर्भों में देखें तो सबसे पहले महाराज सगर ने इसके लिए व्यापक कार्य किया। उसके बाद उनके पौत्र अंशुमान ने इस कार्य को आगे बढ़ाया, अंशुमान, राजा सगर की साठ हजार प्रजा लेकर सभी ओर इस पतित पावनी गंगा को भूमंडल पर खोज कर लाने का प्रयास करते रहे, जहां तक कि वे पृथ्वी को खोदकर पाताल लोक तक चले गए, लेकिन वे भी असफल रहे। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी 'सब्सक्राइब करें', महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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