भारतीय पुरुषों के लिए कमर का माप केवल सौंदर्य या कपड़ों की फिटिंग का विषय नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य का एक गहरा संकेतक भी है। शरीर में जमा चर्बी, विशेषकर पेट के आसपास की चर्बी, कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसी वजह से कमर की चौड़ाई और उसकी ऊंचाई के अनुपात को समझना बेहद ज़रूरी है।
भारतीय पुरुषों के लिए आदर्श कमर की चौड़ाई 90 सेंटीमीटर, यानी लगभग 35.4 इंच, से कम होनी चाहिए। इससे ज़्यादा होने पर हृदय रोग, डायबिटीज़ और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है।
कमर का माप शरीर की ऊंचाई के अनुपात में होना चाहिए। इसे 'Waist‑Height Ratio' कहा जाता है, जो बताता है कि आपकी कमर आपकी ऊंचाई की आधी या उससे कम होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति की ऊंचाई 170 सेंटीमीटर है, तो उसकी कमर 85 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। यह अनुपात 0.5 से कम होना चाहिए ताकि शरीर में चर्बी का वितरण संतुलित रहे और स्वास्थ्य जोखिम कम हो।
बीएमआई, यानी बॉडी मास इंडेक्स, लंबे समय से शरीर के वजन और ऊंचाई के आधार पर स्वास्थ्य का आकलन करने का पारंपरिक तरीका रहा है। लेकिन बीएमआई केवल यह बताता है कि व्यक्ति का वजन सामान्य है या नहीं, यह नहीं बताता कि शरीर में चर्बी कहां जमा है। कई बार किसी व्यक्ति का बीएमआई सामान्य होता है, लेकिन उसकी कमर चौड़ी होती है। इससे हृदय रोग और डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि Waist‑Height Ratio को अब अधिक सटीक माना जाता है, क्योंकि यह सीधे पेट की चर्बी को दर्शाता है।
कमर का माप लेने के लिए व्यक्ति को सीधे खड़ा होना चाहिए। पैरों को कंधे की चौड़ाई पर रखकर नाभि के ऊपर एक नरम मापने वाली टेप लगानी चाहिए। टेप को ज़्यादा कसना नहीं चाहिए, बस हल्के से शरीर के चारों ओर लपेटना चाहिए। सामान्य सांस छोड़ने के बाद माप लेना चाहिए। अगर कमर 78 सेंटीमीटर से ऊपर है, तो यह शुरुआती चेतावनी स्तर माना जाता है, और 90 सेंटीमीटर से ऊपर होने पर यह उच्च जोखिम स्तर होता है।
भारतीय पुरुषों में पेट की चर्बी अधिक जमा होती है, जो अंगों के आसपास होती है और शरीर के अंदरूनी हिस्सों को प्रभावित करती है। यह चर्बी बाहरी रूप से ज़्यादा दिखाई नहीं देती, लेकिन यह सबसे खतरनाक होती है। इसलिए, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन नियंत्रण से कमर का आकार नियंत्रित रखना ज़रूरी है।
Waist‑Height Ratio और बीएमआई की तुलना करने पर यह स्पष्ट होता है कि यह अनुपात स्वास्थ्य जोखिम का अधिक सटीक संकेतक है। बीएमआई केवल वजन और ऊंचाई पर आधारित है, जबकि Waist‑Height Ratio सीधे पेट की चर्बी और हृदय जोखिम को दर्शाता है। भारतीय पुरुषों के लिए आदर्श कमर 90 सेंटीमीटर से कम और Waist‑Height Ratio 0.5 से कम होना चाहिए। यह अनुपात न केवल शरीर की बनावट को संतुलित रखता है, बल्कि दीर्घकालिक स्वास्थ्य की सुरक्षा भी करता है।

धर्मेंद्र कुमार





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