ग्यारह वर्ष पहले उषा चौमर अलवर में मैला ढोया करती थी आज वह कई राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय मंचों पर छूआछूत के खिलाफ़ और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को उठा रही हैं।
ग्यारह वर्ष पहले उषा चौमर अलवर में मैला ढोया करती थी आज वह कई राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय मंचों पर छूआछूत के खिलाफ़ और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को उठा रही हैं।
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