कथित सत्याग्रही और पुलिस फिर आमने-सामने

 पुलिस की फोर्स को देखकर जवाहरबाग के मुख्य द्वार और अंदर हाथों में डण्डे लिये तैयार खड़े कथित सत्याग्रही।

मथुरा।  जवाहर बाग कब्जाए बैठे कथित सत्याग्रहियों और यहां उन्हें खदेड़ने की मंशा के चलते तैनात की गई फोर्स आज एक बार फिर आमने सामने आ गई लेकिन कोई परिणाम सामने नहीं आ सकता। इस दौरान फोर्स ने जवाहर बाग की तरफ एक कदम और जरूर बढ़ाया है। फोर्स ने जवाहर बाग के समीप खाली पड़े खंडहर को अपना नया ठिकाना बना लिया है। फोर्स के इस कदम से कथित सत्याग्रही बेचैन हो रहे थे और तैयारियों के साथ महिलाओं को ढाल बनाकर एक ओर डट गए। फोर्स और कथित सत्याग्रहियों के आमने सामने आने से ऐसा माहौल हो गया जैसे मिशन जवाहर बाग को फतेह करने का समय आ गया है लेकिन घंटों आमने-सामने डटे रहने पर भी फोर्स को ऑपरेशन करने का आदेश नहीं मिल सका। आज बुधवार उत्पन्न हालात के पीछे बताया जा रहा है कि कथित सत्याग्रहियों ने जवाहर बाग स्थित एक खंडहर में कलेक्ट्रेट के रिटार्यड कर्मचारी सदर निवासी भगवत यादव द्वारा खोल रखी डेरी पर कब्जा करने की नियत थी जिसके चलते कथित सत्याग्रही भगवत को यहां से भागने के लिए दबाव बनाए हुए थे जिसकी जानकारी जब सदर पुलिस को हुई तो पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से उक्त कर्मचारी को यहां से हटा दिया। ये वाक्या चार-पांच दिन पूर्व का बताया जा रहा है। 

आज बुधवार इसी को खाली कराए जाने को लेकर सत्याग्रहियों ने कब्जा करने की नियत से तिरपाल डालने का प्रयास किया था जिस पर यहां मौजूद पीएसी के जवानों ने उसे टोका और ऐसा करने के लिए मना किया। बस इसी बात को लेकर कथित सत्याग्रही भड़क गए और अपने अन्य साथियों को बुलाने के लिए सिटी बजा दी। सिटी बजते ही अन्य सत्याग्रहियों के साथ-साथ फोर्स भी पहुंच गया और दोनों ओर से तडका-भड़की होने लगी। उक्त घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों को हुई तो आनन-फानन में वह भी मौके पर पहुंच गए और दोनों ओर से मोर्चा संभाल लिया। सत्याग्रहियों ने महिलाओं को ढाल बनाते हुए जब सैकड़ों की संख्या में महिलाओं को गेट पर खड़ा कर दिया तो पुलिस ने अपनी महिला पुलिसकर्मियों को बुला लिया। इस समूचे घटनाक्रम का नतीजा ये निकला कि डेरी वाली जगह पर जहां कथित सत्याग्रही कब्जा करवाना चाहते थे वो हिस्सा फोर्स के कब्जे में आ गया। इसलिए कहा जा सकता है कि जवाहर बाग प्रकरण में फोर्स ने एक कदम बढ़ाया है। जवाहर बाग प्रकरण की जानकारी जब डीआईजी अजय मोहन शर्मा को हुई तो वह मथुरा आ उन्होंने अधिकारियों से स्थिति जानी। डीआईजी ने देरसायं बैठक ली, जिसमें रणनीति बनाई। इधर मौके पर फोर्स की सूचना पर एडीएम वित्त रविन्द्र कुमार, एडीएम प्रशासन एके अवस्थी, विप्रा सचिव विजय कुमार, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, उपजिलाधिकारी राजेश कुमार, सीओ सिटी चक्रपाणि सहित अन्य सर्किलों के आफीसर के अलावा विभिन्न थानों के कोतवाल, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी मयफोर्स के जवाहर बाग पहुंच गए। समाचार लिखे जाने तक पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही, डीआईजी की बैठक जारी थी। 


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