कल्याणं करोति ने विकलागों को किये कृत्रिम अंगों का वितरण

मथुरा। अमर शहीद डा0 केएल गर्ग की पुण्य तिथि पर एक कार्यक्रम का आयोजन कल्याणं करोति प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम में जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रों0 डीएस चैहान ने कहा कि संसार में सक्षम व पूर्ण रूप से समर्थ व्यक्ति के लिए हजारों मार्ग है परन्तु जो अक्षम है उन्हें समर्थ बनाने के लिए जो लोग आगे आते है वह वास्तव में स्मरणीय है और यही कार्य डा0 केएल गर्ग ने किया। उन्होंने जब पीएचडी जैसी डिग्री बहुत वड़ी बात हुआ करती थी उस समय पीएचडी को महत्व दिया। बाबा वलराम दास ने कहा कि कल्याण करोति अपने नाम को सार्थक करते हुए जरूरतमन्दों के सर्वागीण विकास हेतु सेंकल्पित होकर सार्थक प्रयास कर रही हैं और सच्ची सेवा के साथ जरूरतमन्दों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण देकर नया जीवन देने का प्रयास किया जा रहा हैं। स्वामी महेशानन्द सरस्वती ने कहा कि मानव जीवन वहीं धन्य है जो पीडि़त व साधन हीन के सेवा में प्रयत्नशील रहता हे। कार्यक्रम में अभिताभ कुलश्रेष्ठ, विद्यायक पूरन प्रकाश ने कहा कि मन्दिर में जाने से इतनी शान्ति नहीं मिलती जितनी दुसरों की सेवा करने से मिलती है। मथुरा रिफाइनरी के प्रबन्ध्क आर.के. प्रसाद, सीएस आर्य ने कहा कि कल्याण करांति एक ही छत्त के लिए विकलांगों का हर प्रकार की सुविधा प्रधान कर रही हैं।े संस्थान के महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि 4 फरवरी 1916 को जन्में डा0 केएल गर्ग एक धूूमकेतु की भांति पटरी पर और अपनी चमक विखेर कर धरा से ओझल हो गये। उन्होंने 34 वर्ष की अवस्था में कर्तव्य की वलि भेदी पर अपना प्राण उत्सर्ग कर दिये। कार्यक्रम में ललित अरोड़ा, एसके शर्मा, प्रवीण भारद्वाज, चैं. दीनानाथ अग्रवाल, चम्पालाल भुवालिका, मूलचन्द्र गर्ग, जगदीश प्रसाद मित्तल, गिरधारी लाल शर्मा, हैल्प इंडिया के डायरेक्टर एके सिंह, पीपी सिंह, एसपी कश्यप, निरूपम भार्गव, जगदीश प्रसाद, जितेन्द्र कुमार, सुदशर्सन वोहरा आदि ने केएल गर्ग को अपने श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर कृत्रिम अंगों का वितरण भी किया गया। 


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