
यद्यपि कार्यस्थल की दुनिया एवं माहौल महिलाओं के लिए तेज़ी से बदल रहा है, इसके बावजूद, महिलाओं के लिए ‘कार्यस्थल पर समानता’ हासिल करने के लक्ष्य को पाने के लिए अभी हमें लंबी दूरी तय करनी है। हमें महिलाओं के वेतन, अवकाश, विशेषरूप से भुगतान सहित मातृत्व एवं शिशु देखभाल अवकाश, परिवार एवं बुज़ुर्गों की देखभाल के लिए विशेष अवकाश, गर्भावस्था के दौरान संरक्षण, स्तनपान कराने वाली महिलाओं की स्थिति के प्रति संवेदनशीलता और कार्यस्थल पर होने वाले यौन शोषण के क्षेत्र में महिलाओं के लिए पूर्ण समानता की ओर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता है। (Read in English)






Related Items
दांपत्य में दरार, क्या महिला सशक्तिकरण है जिम्मेदार…!
मंदिरों में महिला पुजारियों की भी हो नियुक्ति
महिला सशक्तिकरण में मददगार बन सकती है महिलाओं के लिए मुफ़्त यात्रा