मथुरा : जिस मिट्टी में वो जन्मे, वो भी पराई हो गई, जिस जमीन पर पले-बढ़े, उसी मातृभूमि ने साथ छोड़ दिया। नीले आसमान तले जिस खुली हवा में उन्होंने सांस ली वो हवा भी अब बदल गई... और तो अपने ही देश के लोगों ने उन्हें बेगाना बनाकर रख दिया…
मथुरा : जिस मिट्टी में वो जन्मे, वो भी पराई हो गई, जिस जमीन पर पले-बढ़े, उसी मातृभूमि ने साथ छोड़ दिया। नीले आसमान तले जिस खुली हवा में उन्होंने सांस ली वो हवा भी अब बदल गई... और तो अपने ही देश के लोगों ने उन्हें बेगाना बनाकर रख दिया…
Related Items
खुद का वजूद तलाशते ‘रूहिंगा’