जवाहरबाग को लेकर प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम

 जवाहरबाग संघर्ष समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एक प्रेसवार्ता के द्वारा जिला प्रशासन को अल्टीमेटम की सूचना देते हुए कुं. नरेन्द्र सिंह, रामबाबू कटेलिया, राजेन्द्र सिकरवार, ताराचंद गोस्वामी मथुरा। प्रशासन के लाख वायदों के बाद भी जवाहरबाग खाली न होने से नाराज विभिन्न दलों के नेताओं ने आज जवाहरबाग संघर्ष समिति बनाने की घोषणा करते कहा कि पुलिस और प्रशासन केवल वायदे कर जनता और राजनैतिक दलों के लोगों को गुमराह कर रहा है। बार-बार समय दिये जाने के बाद भी जवाहरबाग का खाली न होना प्रशासन के लिये निंदनीय है। संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि प्रमुख सचिव गृह से अपेक्षित सुरक्षा बल स्वीकृत करने के बाद प्रभावी कार्यवाही न कर अतिचारियों को ताकत इकटठा करने का अवसर दिया जा रहा है लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। 23 मई को संघर्ष समिति की बैठक होगी जिसमें आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया जायेगा और जवाहरबाग कूच करने का फैसला होगा। अवागढ हाउस पर हुयी इस बैठक में कुँ. नरेन्द्र सिंह, रामबाबू कटैलिया, जगदीश कौशिक, राजेन्द्र सिकरवार, ताराचंद गोस्वामी, हरेश ठेनुआ, राजेश चौधरी, पूर्व बार अध्यक्ष विजयपाल तोमर, राधाकांत शास्त्री आदि शामिल थे। संघर्ष समिति ने कहा कि अब प्रशासन को नाटक करने का समय नहीं दिया जायेगा। 

72 घंटे के अंदर इसे कब्जे से मुक्त नहीं कराया तो 23 मई को बैठक कर विशाल प्रदर्शन और जवाहरबाग कूच का कार्यक्रम तय होगा। इस मौके पर जवाहरबाग में हुये नुकसान और कथित सत्याग्रहियों के कब्जे का जिक्र हुआ। 

 


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