मथुरा। नयति मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल द्वारा पुलिसकर्मी तथा उनके परिवार के स्वास्थ्य की जांच के लिए पुलिस लाइन में रविवार को एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें काॅलेस्ट्राल, शुगर, सीबीसी तथा ईसीजी आदि की अस्पताल के योग्य चिकित्सकों द्वारा जांच की गई। शिविर में पुलिसकर्मियों के अलावा उनके परिवार के लोगों ने भी अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। इस कैम्प में लगभग 400 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारीजनों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। आगे भी नयति हाॅस्पिटल इस प्रकार के जागरुकता अभियान तथा हेल्थ कैम्प आदि का आयोजन करता रहेगा। नयति हाॅस्पिटल का यह संकल्प है कि जब-जब स्वास्थ्य के क्षेत्र में आवश्यकता पड़ेगी नयति हाॅस्पिटल के डाॅक्टर तथा अन्य स्टाफ पूरी तत्परता के साथ खड़े रहेगें।
इस अवसर जिले के कप्तान बबलू कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपना अधिकांश समय समाज की सेवा में लगाना पड़ता है। जिसकी वजह से वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाते, जिसके कारण उन्हें कई प्रकार की शारीरिक तथा मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। उन्होंने नयति अस्पताल के द्वारा पुलिस लाइन में पुलिसकर्मी तथा उनके परिवार के लिए चलाये गये निःशुल्क कैम्प के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि पुलिस के साथियों को नयति हाॅस्पिटल की तरफ से लगाये जाने वाले कैम्प से लाभ मिला होगा।
नयति हाॅस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. गणपति गंगोली (हैड इमरजेन्सी विभाग) ने कहा कि पुलिसकर्मियों की दिनचर्या इस प्रकार की हो जाती है जिससे उनके खान-पान तथा आराम का कोई निश्चित समय नहीं मिल पाता, जिससे समयाभाव के कारण वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाते। किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर समय निकालकर अपने स्वास्थ्य की जांच किसी योग्य चिकित्सक द्वारा अवश्य करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विगत दिवस हमने सफाईकर्मियों के बीच मौसमी बुखार को लेकर जागरुकता अभियान चलाया था और आज पुलिसकर्मियों के बीच हेल्थ कैम्प लगाने आए हैं। जनपद के सभी पुलिसकर्मी तथा उनके परिवारीजनों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए निरन्तर इस प्रकार के कैम्प लगाए जाते रहेंगे।
कैम्प में गये हाॅस्पिटल के डाॅ. अपूर्व (हैड फिजियोथेरेपिस्ट) ने पुलिसकर्मियों को स्वस्थ रहने के लिए कई प्रकार के व्यायाम, योग तथा आसन आदि के बारे में बताते हुए कहा कि समय निकालकर अगर छोटे-छोटे व्यायाम प्रतिदिन करें तो कई प्रकार के शारीरिक तथा मानसिक परेशानियों से बचा जा सकता है। कैम्प में नयति हाॅस्पिटल की तरफ से डाॅ. वाणी, डाॅ. शुभ्रा के अलावा 20 से 25 लोगों का नर्सिंग स्टाफ मौजूद था।






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