नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) व्यवस्था को मौलिक रूप से उदार बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। नवंबर 2015 में घोषित किए गए प्रमुख बदलावों के बाद यह दूसरा बड़ा सुधार है। एक छोटी सी प्रतिबंधित सूची के अतिरिक्त अब ज्यादातर क्षेत्र स्वतः स्वीकृति मार्ग के तहत आंएगे। इन परिर्वतनों के साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में भारत विश्व की सबसे बड़ी उदार अर्थव्यवस्था बन जाएगा।






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