सन् 1857 का भयावह काल वास्तव में भारतीय राष्ट्र की अनगिनत क़ुर्बानियों व बलिदानों की दास्तान है। करीब 90 साल की इस लम्बी लड़ाई में बहादुर शाह ज़फ़र से लेकर हर उस स्वतंत्रता सेनानी के लिए श्रद्धा से हमारा सर झुक जाता है जिसने देश को स्वराज दिलाने में भूमिका निभाई। इन गतिविधियों का मुख्य केंद्र अवध बना रहा।






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