फिल्म "फ्रेंड - तेरे जैसा यार कहाँ" का निर्माण "नवदीप फिल्म क्रिएटिव" के बैनर तले निर्माता राजू पचघरे ने किया है और इसका निर्देशन जगदीश वाथरेकर ने किया है। आजकल के माता - पिता अपने काम धंधे और नौकरी में इतना व्यस्त हैं कि अपने बच्चों पर ध्यान नहीं देते है। और उसका परिणाम बच्चों के जीवन पर किस तरह पड़ता है? उसी को इस फिल्म में दिखाया गया है। जिसे २२ मार्च २०१५ को नाशिक के सुला स्वाइन नें हुए ७ वें नाशिक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवेल में बेस्ट चिल्ड्रेन फिल्म का और फिल्म के चाइल्ड आर्टिस्ट चिन्मय देशकर को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का जूरी अवार्ड दिया गया।
इस अवसर पर निर्माता राजू पचघरे ने कहा," सभी जूरी को धन्यवाद देता हूँ।और मैं सभी लोगों से अनुरोध करता हूँ कि यह फिल्म गर्मी की छुट्टीओं में रिलीज़ होने वाली है, इसे जरूर देखे। आजकल के माता - पिता के लिए काफी लिए काफी अच्छी फिल्म है, उन्हे अपनी गलतिओं का एहसास होगा जो कि वे अनजाने में बच्चों की जिंदगी कैसे ख़राब कर देते हैं। "
फिल्म के निर्देशक जगदीश वाथरेकर ने कहा कि हम लोग कोशिश कर रहे हैं कि इसे टैक्स फ्री करके रिलीज़ करे क्यूकि यह बच्चों के ऊपर केंद्रित कर के बनाई गई है।






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