बालस्वरूप में आसानी से सुलभ हैं भगवान

सौंख में कथावाचन करते भागवताचार्य विकास गोविन्द महाराज 2 भागवत कथा का आनन्द लेते श्रद्धालुगण

सौंख समाचार। कस्बा के मुख्य बाजार स्थित गउशाला में चल रही  श्री मद् भागवत कथा के चैथे दिन बहुत ही सुन्दर कथा का वर्णन किया गया। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। जिसमें सभी भक्तों ने बडी धूमधाम से मनाया और गोकुल में बाबा नन्दलाल के जहां कन्हैया के जन्म की बधाई भी गायीं गई। इस मौके पर भागवताचार्य विकास गोविन्द महाराज ने कहा कि कृष्ण का बाल स्वरूप पूजने का अलग ही महत्व है। बाल रूप और सखा रूप में भगवान ने सभी के दुख हरण किये हैं। भगवान का बाल रूप बडा ही मनोहारी रहा है और उतनी ही मन का हरने वाली उनकी लीला रहीं हैं। हमें निश्चल प्रेम के लिए भगवान के बालस्वरूप की पूजा अवश्य करनी चाहिए। भगवान बाल स्वरूप में आसानी से सुलभ हो जाते है।  इस मौके पर  पवन अग्रवाल, हीरो अग्रवाल, हितेश सिंघल, राकेश बजाज, योगेश लोहिया, दिलीप लोहिया, बिट्टू जैन, बृजेश शर्मा, आदि का सहयोग सराहनीय रहा।    

 


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