बेघर बच्चों के लिए बदलाव की बयार...

सड़कों पर रहने वाले बेघर बच्‍चों के लिए अब प्रसन्‍न होने का समय है। आमतौर पर ‘स्‍ट्रीट चिल्‍ड्रन’ कहे जाने वाले 20 लाख से अधिक भारतीय बच्‍चे सुरक्षित देखभाल,पोषण, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा के बगैर जीते हैं।

सड़कों पर रहने वाले बेघर बच्‍चों के लिए अब प्रसन्‍न होने का समय है। आमतौर पर ‘स्‍ट्रीट चिल्‍ड्रन’ कहे जाने वाले 20 लाख से अधिक भारतीय बच्‍चे सुरक्षित देखभाल,पोषण, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा के बगैर जीते हैं। मेरे लिए वे सड़क पर नन्‍हे फूलों की तरह हैं जो हमारी सामूहिक उदासीनता के बावजूद जिंदा हैं।


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. क्या छोटी नदियों और धाराओं को यूं ही मरने दिया जाएगा...!

  1. ‘हम दो, हमारे दो’ के नारे ने दिया एक खामोश क्रांति को अंजाम

  1. बाजारों से स्मारकों तक स्वच्छता को दिया जा रहा है बढ़ावा




Mediabharti