हैरिटेज में भी शामिल करने की मांग
मथुरा। सिविल सोसायटी ने केन्द्रीय पर्यटन मंत्री डा. महेश शर्मा को भेजे पत्र में केन्द्र सरकार द्वारा मोक्षदायनी ‘मथुरा पुरी’ का पौराणिक महत्व के अनुरूप विकास करने हेतु ‘हेरिटेज सिटी’ परियोजना मेें सम्मिलित किये जाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि यहां स्थित ‘श्रीकृष्ण-जन्मभूमि’ जो वस्तुतः तत्कालीन कारागार का परिसर ही है, के अति निकट मनोहरपुर नामक मौहल्ला अवैध पशु-वध का केन्द्र बना हुआ है। उच्च न्यायालय के आदेश के उपरांत भी विगत 17 वर्ष में लाचार प्रशासन न तो पशुवध ही बन्द करा सका है और न ही मांस की अवैध बिक्री को ही, अवैध बिक्री इसलिए कि वर्ष 1998 में ही उच्च न्यायालय के उपर्ववर्णित आदेश के उपरांत तत्कालीन जिला मजिस्टेट द्वारा सभी मांस विक्रेताओं के लाईसेंस निरस्त कर उनके नवीनीकरण पर भी रोक लगा दी थी किन्तु आज फिर यह सरेआम संचालित हैं। पत्र में सिविल सोसायटी के विजय बहादुर सिंह और चै. पे्रम सिंह ने कहा है कि मथुरा को हैरिटेज सिटी बनाने हेतु केन्द्र सरकार का व्यय होने वाला धन तभी सार्थक होगा, जब मूक गौवंश व अन्य पशुओं के अवैध वध, मांसाहार की उपलब्धता व मदिरालयों को इस सांस्कृतिक नगरी में पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया जायेगा ।






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