मथुरा : एक तरफ़ किसान अपनी फसल चौपट होने के कारण आत्महत्या करने को मजबूर हैं तो वहीं दूसरी ओर मथुरा महोत्सव जारी है। हालांकि सांसद हेमामालिनी का दावा है कि इस महोत्सव से हुई आमदनी से गरीब किसानों की मदद की जाएगी।
भारी विरोध के बावजूद आयोजित मथुरा महोत्सव के खिलाफ समाजवादी पार्टी व अन्य दलों द्वारा बहिष्कार किया जा रहा है। महोत्सव का उद्घाटन करने आए प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह कार्यक्रम स्थल नहीं पहुंचे।
मथुरा महोत्सव का विरोध करते हुय सपा कार्यकर्ताओ ने हाईवे पर पुतला दहनकर विरोध प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के वीआईपी पास के वितरण को लेकर भाजपा के कई कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शनों में मौजूद थे। इन पार्टी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि चाटुकारों और चहेतों को पास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, कार्यक्रम स्थल पर भारी अव्यवस्थाएं देखी गईं। पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्टालों पर उपलब्ध पानी की बोतलें 30 रुपये तक बेची जा रहीं थीं। चाऊमीन, छोले-कुल्चे, पाव-भाजी जैसी खाने-पीने की चीजें काफी महंगी और खराब गुणवत्ता की देखी गईं।





