लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जवाहरबाग में दो जून को हुई हिंसा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने से इनकार करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर निशाना साधा है। मथुरा के जवाहरबाग में अवैध कब्जा हटाने के दौरान पुलिस और अतिक्रमणकारियों के बीच हिंसक झड़प में एक पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद से ही कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार घिरी हुई है। विपक्ष घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को जौनपुर जाकर दिवंगत थाना प्रभारी संतोष यादव के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पीडि़त परिवार को 50 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने पीडि़त परिवार को आश्वासन दिया था कि राज्य सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘राज्य सरकार ने मथुरा हिंसा की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया है। ऐसे में अब इसकी जांच सीबीआई से कराने का कोई तुक नहीं है।’’ इधर, अखिलेश के इस बयान के बाद भाजपा ने उन पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के इस बयान से साबित होता है कि वह सीबीआई जांच से डरे हुए हैं। इससे साफ होता है कि जवाहरबाग हिंसा में संलिप्त लोगों को पार्टी के बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। यह अवैध कब्जा अदालत के आदेश के बाद हटाया गया था।’’ उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर गंभीर आरोप लग रहे हैं और इसी वजह से मुख्यमंत्री इस मामले की जांच सीबीआई से नहीं करा रहे हैं।
साभार-khaskhabar.com






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