मासूमों के लिए अपंगता बनी अभिशाप

आखिर उन मासूमों की क्या गलती थी जो एक पत्थरदिल मां-बाप सिर्फ शारीरिक रूप से अक्षम होने की वजह से अपने कलेजे के टुकड़ों को वृन्दावन में छोड़कर रफूचक्कर हो गए। दोनों बच्चे किंकर्तव्यविमूढ़ हो स्वयं को देखने वाले अजनबियों में अपने अपनों को तलाश रहे हैं।मथुरा : आखिर उन मासूमों की क्या गलती थी जो एक पत्थरदिल मां-बाप सिर्फ शारीरिक रूप से अक्षम होने की वजह से अपने कलेजे के टुकड़ों को वृन्दावन में छोड़कर रफूचक्कर हो गए। दोनों बच्चे किंकर्तव्यविमूढ़ हो स्वयं को देखने वाले अजनबियों में अपने अपनों को तलाश रहे हैं। 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. विवाहिता सहित दो अन्य मासूम झुलसे

  1. मासूमों के बचपन में अपंगता बनी अभिशाप

  1. राजकीय संग्रहालय में हुआ ‘मासूम है गजल‘ व ‘व्यंग सरोवर‘ पुस्तक का विमोचन




Mediabharti