राजनीतिक ‘हिन्दूकरण’ के प्रबल पक्षधर थे सावरकर

राजनीतिक ‘हिन्दूकरण’ के प्रबल पक्षधर थे सावरकरहिन्दू राष्ट्र की राजनीतिक विचारधारा को विकसित करने का बहुत बड़ा श्रेय सावरकर को जाता है। ऐसा माना जाता है कि उनकी इस विचारधारा के कारण आजादी के बाद की सरकारों ने उन्हें वह महत्व नहीं दिया जिसके वह वास्तविक हकदार थे। उन्हें प्रायः ‘स्वातंत्र्यवीर वीर सावरकर’ के नाम से सम्बोधित किया जाता है।


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