
नई दिल्ली : लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में 115वें प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा के अधिकारियों के एक समूह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का संघीय ढ़ांचा हमारे संविधान की एक आधारभूत विशेषता है। हमारा संघीय ढ़ांचा हमारे बीच की विविधता में एकता का प्रतिनिधित्व करता है। अपने कार्यों का निष्पादन करते समय सिविल सेवा के अधिकारियों को हमारे देश के इस पहलू का आदर करना होता है। जबकि राज्य समग्र के अलग-अलग हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, राष्ट्र इन हिस्सों का एक संग्रह है। इसलिए भारत का अर्थ राज्यों से है। इसलिए हमारे देश के विकास का मार्ग हमारे राज्यों की प्रगति पर निर्भर है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इसके बावजूद उनके पास एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण जरूरी होता है। वे किसी खास राज्य से संबंधित हो सकते हैं किन्तु उनके पास हमेशा एक समग्र भारत की अवधारणा होनी चाहिए जो उनका मार्गदर्शन करे। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उन पर हमारे देश की एकता और अखण्डता को मजबूत करने का उत्तरदायित्व है। और जब तक वे अपने संकल्प के प्रति दृढ़ नहीं होंगे, हमारा देश राष्ट्रों के समूह में अपना समुचित स्थान कायम कर पाने में समर्थ नहीं हो पाएगा।






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