विजेंदर इस बात को लेकर चिंतित नहीं क्योंकि...

विजेंदर इस बात को लेकर चिंतित नहीं क्योंकि...लंदन । पेशेवर मुक्केबाजी में धाक जमा चुके भारत के विजेंदर सिंह का कहना है कि वे 17 दिसम्बर को अपने अगले पेशेवर मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। विजेंदर ने सोमवार को कहा कि पूर्व विश्व चैंपियन फ्रांसिस चेका भले ही अपार अनुभव रखते हों, लेकिन वे चेका को हराने का दमखम रखते हैं। ओलम्पिक में कांस्य पदक जीत चुके विजेंदर 17 दिसम्बर को दिल्ली में अपना डब्ल्यूबीओ सुपर मिडिलवेट एशिया पैसेफिक खिताब बचाने के लिए चेका से भिड़ेंगे। 

 

यह मैच त्यागराज स्टेडियम में होना है। उल्लेखनीय है कि तंजानिया के 34 वर्षीय अनुभवी मुक्केबाज चेका के पास करियर के 300 राउंड मुकाबलों का अनुभव है, वहीं विजेंदर ने 2015 में शुरू की गई पेशेवर मुक्केबाजी में 27 राउंड मुकाबले खेले हैं। ऐसे में चेका जैसे अनुभवी खिलाड़ी से मुकाबला भारतीय पेशेवर मुक्केबाज के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। लंदन से फोन पर आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में चेका जैसे अनुभवी खिलाड़ी से मुकाबले के बारे में विजेंदर ने कहा कि मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं। उनका अनुभव भले ही कितना अधिक हो लेकिन मेरा अनुभव भी कुछ कम नहीं। मेरे पास पेशेवर मुक्केबाजी की अनुभव भले ही कम हो लेकिन ओलम्पिक खेलों, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों का अनुभव बहुत अधिक है और चेका को हराने के लिए यह काफी है।

 

चेका ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि वे 17 दिसम्बर को होने वाले मुकाबले में विजेंदर का करियर समाप्त कर देंगे। इस बारे में भारतीय मुक्केबाज ने कहा कि लोग तो बोलते रहते हैं लेकिन कोई कुछ भी बोले, हमें अपने खेल पर ध्यान देना है। ऐसी बातों को नजरअंदाज कर देना ही सही है। जहां तक करियर समाप्त करने की बात है, तो यह मुकाबले के दिन पता चल जाएगा। विजेंदर ने कहा कि वे 17 दिसम्बर को होने वाले मुकाबले को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने इसके लिए हर तरह से तैयारी कर रहे हैं। विजेंदर ने 2015 में पेशेवर मुक्केबाजी में कदम रखा था और अब तक खेले गए सात मुकाबलों में विजयी रहे हैं। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलम्पिक में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्हें 2006 एशियन खेलों में भी कांस्य पदक अपने नाम किया। पेशेवर मुक्केबाजी में विजेंदर के प्रवेश से प्रेरणा लेते हुए बीजिंग ओलम्पिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय कर चुके अखिल कुमार और जितेंद्र कुमार जैसे कुछ मुक्केबाजों ने भी पेशेवर जगत में कदम रखा है। विजेंदर से जब पूछा गया कि उनके इस कदम से मुक्केबाजों के लिए पेशेवर मुक्केबाजी में जाने के दरवाजे खुल गए हैं। इस बारे में उन्होंने कहा कि मेरी नजर में एक खिलाड़ी का काम है अपने प्रदर्शन से आगे बढ़ते रहना। अब इससे किसी प्रकार की शुरुआत हुई है, यह अच्छी बात है लेकिन मेरा काम अपने शानदार खेल को जारी रखना है। विजेंदर ने कहा कि यह अच्छी बात है कि मेरे खेल से लोग प्रेरित हुए हैं और आशा है कि ऐसा चलता रहे। और भी प्रतिभाएं निखर कर आएं। एक खिलाड़ी के लिए अपने मुकाबले को जीतना सबसे महत्वपूर्ण है।   

साभार-khaskhabar.com

 


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