मथुरा। दुर्बाषा ऋषि गौसेवा संस्थान द्वारा गोपाष्टमी की पूर्व संध्या पर गत वर्ष की भांति गौचारण लीला का वृहदवन स्थित गौशाला पर भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कीर्तिपाल शर्मा द्वारा की गयी। पारम्परिक वार्षिक चर्तुदिवसीय मेला व सांस्कृतिक कार्यक्रम गौचारण लीला द्वारा आगाज हुआ। ग्राम विशनगंज यमुनापार स्थित कालिंदी कृष्ण मिलन मंदिर पर संपन्न हुये सांस्कृतिक कार्यक्रम व भजन संध्या में आसपास के ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। गौमाता की पूजा की होड़ लगी रही। कहा जाता है कि गाय में 33 करोड़ देवता विद्वमान रहते हैं। इसीलिये गौसेवा से 33 कोटि देवताओं की पूजा का पुण्यफल मिलता है। इस अवसर पर कीर्तिपाल शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को गौसेवा से प्र्राप्त लाभ के बारे में अवगत कराते गौरक्षा का संकल्प दिलाया। संस्था के महामंत्री पं. जितेन्द्र चतुर्वेदी ब्यास ने गौरस ;दूधद्ध के अतिरिक्त गौमूत्र से चिकित्सा का भी महत्व बताया। इस अवसर पर सुखदेव दास ग्वारिया बाबा, महेन्द्र नाथ, प्रभात चतुर्वेदी, विशम्भर निषाद, सुरेन्द्रनाथ, राम निषाद, जमील अहमद, अक्को प्रधान, रत्नेश शर्मा, हरीबाबू, रिषभ शर्मा, प्रवीन शर्मा, चित्रा देवी, पारूल, सूखा महावन, पवन अग्रवाल, त्रिलोकी ब्यास, गोपालजी, भूपेन्द्र चतुर्वेदी, गप्पी, नगेन्द्र नाथ उपस्थित रहे। संचालन विपिन स्वामी द्वारा किया गया।





