संतों ने शवों को जलाने का किया विरोध

संतों ने शवों को जलाने का किया विरोधमथुरा में ही हुआ रामवृक्ष तथा कथित सत्याग्रहियों का अंतिम संस्कार 

गांव वालों ने रामवृक्ष का शव लेने से किया इंकार

मथुरा। जवाहर बाग के मुख्य हिंसा आरोपी रामवृक्ष यादव एवं कथित सत्याग्रहियों के शवों का आज मथुरा के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पूर्व पुलिस प्रशासन ने वृंदावन श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने का मन बनाया था लेकिन संतों द्वारा विरोध किए जाने पर हार-थककर पुलिस प्रशासन ने शवों का मथुरा में अंतिम संस्कार किया गया। 

विदित हो कि गुरुवार को जवाहर बाग में हुई हिंसा के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की मौत की पुष्टि होने के बाद अब उसके गांववालों ने उसका शव लेने से इंकार कर दिया है। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. राकेश सिंह ने इस आशय का पत्र गाजीपुर भेजा था। जिसके जवाब में ग्रामीणों और प्रधान ने शव मथुरा से लाने से इनकार कर दिया। इसको लेकर आज सोमवार को पुलिस प्रशासन ने उसका मथुरा में अंतिम संस्कार कर दिया। मथुरा के वृन्दावन नगर में जवाहरबाग काण्ड में मारे गये कथित सत्याग्रहियों के शवों का आज सोमवार पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के बाद उन्हें जलाने के लिये श्मशान घाट पर भेजा गया लेकिन वृन्दावन में कब्जाधारियों के शव जलाने का संतों ने विरोध किया है। यमुना रक्षक दल के संतों एवं वहां के साधु-संत यमुना घाट पर पहुंचे और इसका विरोध किया। संतों ने कहा कि हम वृन्दावन में अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। संत नहीं चाहते कि ऐसे उपद्रवियों का यहां अंतिम संस्कार हो। संतों के रोकने के बाद पुलिस द्वारा मथुरा में श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login



Related Items

  1. खिलाड़ियों व नेताओं के विरोध से हिंदी भाषा है ‘बेपरवाह’

  1. धर्म या विकास..? तीन-बच्चों के ‘आह्वान’ का स्वागत करें या विरोध..!

  1. जूतों पर जीएसटी दर बढ़ाने का व्यापारी कर रहे हैं विरोध




Mediabharti