मथुरा : संत रमेश बाबा, गुरू शरणानन्द व संत विज्ञानाचार्य के सानिध्य में यमुना सफाई अभियान निरन्तर गति पकड़ रहा है। मिट्टी की कैद से निकलने के बाद यमुना के घाट स्वयं अपने इतिहास की गाथा गाने लगे हैं। घाटों के पत्थरों पर उत्कृष्ट नक्काशी एवं घाटों की रचना कुशल शिल्पकला का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।






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