मथुरा। मुख्य विकास अधिकारी आंद्रा वांमसी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम नियंत्रण कार्यक्रम, संवेदीकरण एवं समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्यक्रम का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जायें ताकि आमजन इससे होने वाली बीमारियों के बारे में भलीभाॅति परिचित होकर उससे बच सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि फ्लोराइड युक्त पेयजल के सेवन से यह बीमारी कई प्रकार से उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि इसके प्रचार प्रसार के लिये कार्य योजना तैयार की गयी है जनपद में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर इसका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक किया जायेगा। ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों तथा विद्यालयों में इसका व्यापक प्रचार प्रसार कराया जायेगा ताकि आमजन सुरक्षित पेयजल प्रयोग उसकी हाॅनियों से बच सके। उन्होंने बताया कि यह बीमारी तीन प्रकार की होती है। जैसे दन्त, नानस्केटल, स्केलेटल (कंकालीय)। उन्होंने यह भी बताया कि पान, सुपारी, तम्बाकू तथा दूषित पेयजल से यह बीमारी पैदा होती है और इससे बचाव ही एक मात्र उपाय है।
मुख्य विकाास अधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को भी इस योजना से जोड़कर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में कराने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि टी0टी0एस0पी0 योजना के अन्तर्गत बनायी गयी पानी की टंकियों को शीघ्र से शीघ्र चालू कराये ताकि आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो और इस बीमारी से आमजन को बचाया जा सके। बैठक में उपस्थित मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बी0एस0 यादव ने इस योजना के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया तथा उन्हें आश्वस्त किया कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार स्वास्थ्य विभाग की ओर किया जायेगा ताकि आमजन इस योजना से जागरूक होकर लाभान्वित हो सके इस अवसर पर सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्साधिकारी सहित सभी विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित थे।






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