सोशल मीडिया के सहारे 2014 का लोकसभा चुनाव

लोकसभा 2014 में पहली बार ऐसा होगा जब चुनावी माहौल के मंच पर और माईक के साथ सोशल साइट्स का प्रयोग भी प्रभावी रोल अदा कर रहें हैं। क्योंकि जिस रफ्तार से सोशल साइट्स के जरिए चुनाव प्रचार किया जा रहा है, उससे एक बात तो तय है कि हमारा देश की चुनाव प्रणाली अब हाइटेक दौर में प्रवेश कर चुकी हैं।

2009 लोकसभा चुनाव तक सोशल साइट्स का इतना महत्व था यह कहना संभव तो नही पर इस लोकसभा चुनाव में इसके महत्व को नकारा भी नहीं जा सकता है। इस लोकसभा इलेक्शन में करीब 80 करोड़ से ज्यादा वोटर्स हैं। देश में लगभग 9 करोड़ से कहीं ज्यादा लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। इस कारण यह 9 करोड़ लोग इस चुनाव में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं या कर रहें है।

यह भी माना जा रहा है कि चुनाव के 48 घंटे पहले जब चुनाव प्रचार पर रोक लग जाती है, तब सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ जाती है। इस कारण सभी दल सोशल मीडिया के लिए अपनी टीम जुटा कर रखी है। भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी खुद टिवटर पर एक्टिव हैं और करीब 9 भाषाओं में ट्वीट करते हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया वेबसाइट पर कट्टर सोच नहीं युवा जोश अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के जरिए पार्टी न सिर्फ अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी की छवि को चमकाने में लगी है, बल्कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर करारा कटाक्ष भी कर रही है।

भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2014 के लिए देश भर में 272 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य बना रखा है। इसके मद्देनजर वह सोशल मीडिया साइट्स पर जोरदार अभियान चला रही है। भाजपा से जुड़े लोग नरेंद्र मोदी को नमो नाम से भी संबोधित करते हैं। इसलिए इस नाम से भी भाजपा का अभियान चल रहा है। इस अभियान के तहत नरेंद्र मोदी के गुजरात के विकास मॉडल को जनता को समझाया और बताया जा रहा है।

वही, आप के केजरीवाल भी अपनी नाकामियों को छुपाने और प्रभुत्व बढ़ाने में लगे हैं। 2014 के चुनाव को लेकर सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग और इसके प्रभाव पर चुनाव आयोग भी अपनी नजर रखने का फैसला लिया है। आयोग के मुताबिक सोशल मीडिया पर होने वाला खर्च भी संबंधित राजनीतिक दलों के खर्च में जोड़ा जाएगा। अत: यह कहा जा सकता है कि इस चुनाव में सोशल मीडिया अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है और चुनावी दौर में न तो सोशल मीडिया की अनदेखी की जा सकती है और न ही नजरअंदाज किया जा सकता है।


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