मथुरा छावनी स्थित आर्मी स्कूल प्रांगण में उद्घाटन अवसर के दौरान सरस्वती देवी के समक्ष दीप प्रज्जवलित करती प्रादेशिक अध्यक्षा आवा श्रीमती विनीता साहनी
स्वर्ण जयंती समारोह कार्यक्रम के दौरान मोटर साइकिल पर करतब दिखाते सैन्यकर्मी
आर्मी पल्बिक स्कूल के नवनिर्मित भवन का हुआ उद्घाटन
मथुरा छावनी में आयोजित हुआ सुर संगम
मथुरा। स्ट्राइक वन के स्वर्ण जयंती समारोह में ‘सैन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम‘ एवं ‘समभोज‘ का आयोजन मथुरा कैंट पर किया गया। कार्यक्रम में स्ट्राइक वन के गौरवशाली इतिहास और अतुल्य सैन्य क्षमता को दर्षाया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सैनिक आॅनरेरी कप्तान हरपल सिंह मलिक (सेवानिर्वित), 17 पूना हाॅर्स, नायब रिसलदार निरंजन सिंह (सेवानिर्वित), 18 कैवलरी, व वीर नारी श्रीमती राजेश देवी जिनके पति आॅपरेशन विजय (कारगिल युद्ध) में शहिद हुए थे, ने किया। स्वर्ण जयंती कार्यक्रमो को पूर्व सैनिको व वीर नारियों को सर्मपित किया गया। कार्यक्रम में देश की एकमात्र कैवलरी इकाई ने शानदार घुड़सवारी का प्रदर्शन दिखाया तथा सेना की प्रसिद्ध ‘टोर्नाडो‘ टीम ने मोटर साईकल पर करतब दिखाकर सबका मन मोह लिया। उसके उपरांत पैरा ब्रिगेड के बहादुर जवानों ने पैरा मोटर शो में हैरतअंगेज् करतब दिखाए। कार्यक्रम का समापन मिलिटरी बैंड की धुनों से हुआ।प्रतिभोज के आयोजन में मथुरा छावनी के सभी अधिकारीगण व जवान अपने परिवारों के साथ सम्मिलित हुए।

आज मथुरा छावनी स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में नवनिर्मित भवन का उद्घाटन श्रीमती विनीता साहनी, प्रादेशिक अध्यक्षा आवा, दक्षिण-पश्चिमी कमान द्धारा किया गया। इस नये भवन को एक भव्य समारोह में 3500 विधार्थियों को समर्पित किया गया।
विदित हो कि आर्मी स्कूल मथुरा की स्थापना 23 जुलाई 1984 मे रक्षा कर्मियों के बच्चों की शैक्षिक जरूरतें पूरी करने के लिए हुई थी। विद्यालय को सन् 1987 में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिशद की संबद्धता प्राप्त हुई और कक्षा 12 का पहला बैच अखिल भारतीय उच्चतर माध्यमिक परीक्षा मे 1992 मे सम्मिलित हुआ। वहीं दूसरी ओर स्ट्राइक वन के स्वर्ण जयन्ती समारोह के दौरान आज मथुरा छावनी में ‘सुर संगम‘ का आयोजन किया गया। इस समारोह का मुख्य आकर्षण अत्यंत प्रतिष्ठित और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ‘आर्मी सिंफनी बैड‘ था। इस बैड को गठन सन् 1990 में किया गया था और तभी से यह बैड अपने सुरीली धुनों से सेना के गौरवशाली इतिहास व अमुल्य धरोहर को दर्शाता आया है। इस बैंड की धुनों में सैनिक वाघ यंत्रो के अतिरिक्त संतूर, सितार व जलतरंग जैसे अन्य वाघ यंत्रो का भी उपयोग होता है। इस समारोह का समापन में स्ट्राइक वन कें सभी वीरगति प्राप्त सैनिकों को श्रद्धांजली अर्पित की।
आर्मी सिंफनी बैड विश्व के कई प्रमुख हस्तियों और राश्ट्रीय समारोहों में अपने हुनर प्रदर्शित कर चुका है। इस बैंड ने रूस, फ्राॅंस, इटली, स्वीडन, जापान, मलेशिया, इंग्लैड, जर्मनी, भूटान व नेपाल जैसे कई देषों में हुए संगीत समारोहों में भाग ले चुका है।






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