बिहार में मानसून की बारिश के बाद विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर होंगी लेकिन इस वक्त सियासी हवा का रुख तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार में रैलियां करके अपनी मुहिम की शुरुआत कर दी है...
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बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले ढाई दशक से मीडियाभारती के लिए लगातार लेखन कार्य कर रहे हैं।
बिहार में मानसून की बारिश के बाद विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर होंगी लेकिन इस वक्त सियासी हवा का रुख तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार में रैलियां करके अपनी मुहिम की शुरुआत कर दी है...
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अश्लील गालियों से सामना भारत के हर क्षेत्र में करना पड़ता है। हर भाषा में वही, महिला के जननांगों को केंद्रित करते हुए भद्दे, अश्लील जुमले! अपने बृज क्षेत्र में शादियों में ‘गारी’ गाने के रिवाज ने इसे मान्यता का प्रमाण पत्र दे दिया है।
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बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के नेतृत्व में हो रहे बदलाव भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। जहां बांग्लादेश के कट्टरपंथी तत्व पाकिस्तान और चीन के प्रभाव में भारत-विरोधी एजेंडे को हवा दे रहे हैं, वहीं भारत की उदारवादी नीतियां सवालों के घेरे में हैं। यह असंतुलन न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों के लिए खतरा है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
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पता नहीं आइपीएस अधिकारियों को ट्रेनिंग के दौरान भीड़ प्रबंधन पढ़ाया जाता है या नहीं, लेकिन बेंगलुरु जैसे हाईटेक सिटी में भगदड़ से हुई मौतों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर कुछ सवाल उठना जायज़ ही नहीं समय की मांग हैं।
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भारत का इतिहास स्थिरता, समृद्धि और वैश्विक प्रभाव के लिए वाणिज्य की शक्ति का एक जीता-जागता सबूत है। प्राचीन व्यापार मार्गों से लेकर आधुनिक आर्थिक सुधारों तक, देश की उद्यमशीलता की भावना ने लगातार आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है और सभी महाद्वीपों में उच्च-जोखिम वाले रिश्ते बनाए हैं...
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कभी लोकतंत्र का सशक्त चौथा स्तंभ कहलाने वाली पत्रकारिता, आज जनसंपर्क के शोरगुल, कॉर्पोरेट संदेशों की मिलावट और झूठी खबरों के दलदल में हांफ रही है। यह क्षरण उस स्थानीय पत्रकारिता में और भी गहरा है, जहां गांवों की अनकही पीड़ा, पर्यावरण की चीख और हाशिए पर धकेले गए समुदायों की आवाजें स्पष्ट और संवेदनशील रूप से गूंजनी चाहिए थीं।
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