बृज खंडेलवाल

बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले ढाई दशक से मीडियाभारती के लिए लगातार लेखन कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त परिवारों के बुजुर्ग आजकल लड़कों की शादी करने से घबराने लगे हैं। उन्हें बहुओं का खौफ सता रहा है। उधर, नौकरी कर रहे युवा अकेले रहना पसंद करने लगे हैं, शादियों के बंधन से मुक्त ‘लिव-इन रिलेशन’ में, अंजाम जो भी हो। सात जन्मों का बंधन सात साल चल जाए तो शादी सफल मानी जा रही है।

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अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्रसिद्ध ताजमहल के लिए मशहूर स्मार्ट सिटी आगरा एक नई समस्या से जूझ रहा है। अवैध स्ट्रीट फूड स्टॉल, खोमचे, ठेले, और तमाम फुटकर सामान बेचने वालों की शहर में लगातार अनियंत्रित वृद्धि हो रही है...

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आगरा, जो कभी मुग़लिया सल्तनत की शान और ताजमहल की रूहानी खूबसूरती के लिए मशहूर था, आज अपनी प्यास बुझाने को तरस रहा है...

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1950 के दशक में भारत नवजात राज्यों का एक समूह था, जिसे इसके संस्थापक नेताओं के विचारों ने जोड़ा था, लेकिन यह विविधता, औपनिवेशिक घावों और खंडित पहचान के साथ संघर्ष कर रहा था...

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आगरा के पर्यावरणविदों और नदी कार्यकर्ताओं ने शहर की बिगड़ती हालत को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। ताजमहल के शहर में बजती यह खतरे की घंटी दरअसल पूरी दुनिया के सामने मौजूद पर्यावरणीय संकट की ओर इशारा करती है। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और अंधाधुंध विकास से धरती को बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की जरूरत है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई की शाम अपने 30 मिनट के भाषण में आतंकवाद के खिलाफ भविष्य की दृष्टि और संचालन रणनीति को स्पष्ट और दृढ़ संदेश के साथ प्रस्तुत किया। उनका यह भाषण न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उनकी अटल प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मोदी ने आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए ठोस कदमों और रणनीतिक दृष्टिकोण की बात की, जो देशवासियों में विश्वास जगाता है...

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