समीक्षा भारती न्यूज सर्विस

समीक्षा भारती न्यूज सर्विस, मीडियाभारती वेब सॉल्यूशंस का सिंडिकेशन विभाग है, जो भारत का प्रमुख ऑनलाइन मीडिया हाउस है और साल 2002 से मीडियाभारती.नेट और कई अन्य अग्रणी समाचार पोर्टल प्रकाशित कर रहा है।

असम को प्रौद्योगिकी, शिक्षा और अधोसंरचना की दृष्टि से उन्नत बनाने का श्रेय गोपीनाथ बोरदोलोई को जाता है। उन्हें आधुनिक असम का निर्माता कहते हैं। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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स्वलीनता यानी ऑटिज्म क्या है? इसके लक्षण क्या होते हैं? और, इसकी जल्द पहचान क्यों जरूरी है? यह जानना हमारे लिए बेहद जरूरी है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति बीडी जत्ती का नाम उन चुनिंदा राजनेताओं में शामिल है जिन्होंने विधायक से लेकर उपराष्ट्रपति और फिर कार्यवाहक राष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें" महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए... 

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देश के नवयुवकों ने समय-समय पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सीमित संसाधनों के बल पर आधुनिकता के साथ कदम मिलाते हुए, एक से बढ़कर एक इनोवेशन किए हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, गुजरात के एक युवा किसान ने, जिसने सौर ऊर्जा से चलने वाला मिनी ट्रैक्टर बनाकर किसानों को नया संदेश दिया है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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तारीख नौ जून, वर्ष 1964, देश अपने दूसरे प्रधानमंत्री ”लाल बहादुर शास्त्री” से रूबरू हो रहा था। प्रधानमंत्री के रूप में शास्त्री जी का कार्यकाल ऐसा नहीं है कि एक बहुत लंबा सफर रहा हो, किंतु अपने अल्प कार्यकाल में वह जो कुछ भी कर गए वह इतिहास के पन्नों में दर्ज है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें" महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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इतिहास हमें सिखाता है कि महामारियां यथास्थिति को तोड़ने के लिए जबरदस्त अवसर प्रदान कर सकती हैं। कोरोना वायरस ने यह चीख-चीखकर बता दिया है कि हमारा जीने का तरीका न सिर्फ हमारे लिए बल्कि इस ग्रह के लिए कितना भंगुर और विनाशकारी है। हमें न सिर्फ अपना जीने का तरीका बदलना होगा बल्कि उन मूल्यों को भी बदलना होगा जो आज इस हालात के लिए जिम्मेदार है। हमें कोशिश करनी होगी कि विकास का अर्थ सिर्फ पैसा ही न हो, उसमें स्वास्थ्य, पर्यावरण और अन्य जीवों की उन्नति भी शामिल हो। हमें स्थायी भविष्य की ओर बढ़ना होगा। चंद लोगों की तरक्की के लिए समूची मानव सभ्यता को दांव पर नहीं लगाया जा सकता है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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