
नई दिल्ली : उरी हमला मामले पर चीन द्वारा पाकिस्तान का समर्थन किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर चले दिवाली पर चीनी वस्तुओं की खरीदी न करने के जबरदस्त अभियान के कारण इस वर्ष दिवाली पर चीनी सामान की बिक्री में गत वर्षों के मुकाबले लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट हुई है। इस बार न केवल आम लोगों ने बल्कि व्यापारियों ने भी चीनी सामान बेचने के प्रति कोई उत्साह नहीं दिखाया। इस वजह से घरेलू सामान को ज्यादा इस्तेमाल में लाने की भावना को भी बल मिला है। (Read in English)






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