पहाड़ों की ‘बेटी’ रानी गायडिनल्‍यू

‘हम आजाद लोग हैं, गोरे हम पर राज नहीं कर सकते....’ यह लम्‍बे स्‍वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के मुख्‍य भाग से किसी स्‍वतंत्रता सेनानी द्वारा किया जाना वाला घोष नहीं है, यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के दूर दराज के पहाड़ों के नगा कबीलों को रानी गायडिनल्‍यू की पुकार थी, वह भी तब जब वह केवल 13 वर्ष की थीं। (Read in English: Rani Gaidinliu: Daughter Of The Hills…)


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