मथुरा। जनपद में वे मौसम हुई बरसात व ओलावृष्टि से हुई फसल के नुकसान को देख किसान दिन प्रतिदिन आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेते हुए महज खानापूर्ति कर अपने कार्य की इतिश्री कर रहा हें। इसी के चलते थाना नौहझील के गाॅव बरौठ में एक किसान ने फसल नष्ट हाते देख सदमें से खेत में ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी से क्षेत्रीय किसानों में जिला प्रशासन के विरूद्व आक्रोश पनप रहा हें।
मिली जानकारी के अनुसार थाना नौहझील क्षेत्र के गाॅव बरौठ निवासी 40 वर्षीय किसान किशन स्वरूप का गाॅव में करीब 12 बीघा खेत है और पाॅच वीघा खेत उसने वटपाई पर ले रखा हैं। किशन स्वरूप ने आर्थिक तंगी के चलते साहूकारों से व्याज पर पैसा लेकर फसल की बुबाई की थी। लेकिन जैसे ही फसल पकनें को तैयार होना शुरू हुआ ही था कि अचानक बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि हो गई जिससें उसकी लाखों रूपयें की कीमत की फसल नष्ट हो गई। रही सही कसर करीब एक हप्ते बाद एक फिर आई बारिस के बाद किसान किशन स्वरूप अपने खेतों में फसल के हाल चाल देखने गया था कि उसनें खेत में अपनी लाखों रूपयें कीमत की फसल को सम्पूर्ण रूप से नष्ट होती देख उसका एक तेज सदमा लगा और अचानक वह गश खाकर खेत में गिर पड़ा जिसें देख आसपास के किसान जब तक मौके पर पहुंचे जबतक किशन स्वरूप के प्राण पखेरू हो गये। किसान किशन सिंह की अचानक मौत होने से गाॅव में कोहराम मच गया। सैकडों की संख्या में किसान मौके पर एकत्रित हो गये। सूचना पर उप जिलाधिकारी मांट भी मौके पर पहुंच गये। जिन्होंने किसान के परिजनों को सात्वना देकर फसल के नुकसान का आंकलन कर मुआवजें की कार्यवाही का आश्वासन दिया।






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