
30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी जब दैनिक प्रार्थना के लिए जा रहे थे तब वह गोली लगने से शहीद हो गए। वह भौतिक रूप से हमें छोड़ गए लेकिन उनकी शिक्षा, उनके निजी जीवन के तमाम प्रयोग, राजनीति और दर्शन आज भी भारत के और दूसरे देशों के लोगों के मस्तिष्क में ताजा हैं।






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